भोपाल के रातीबड़ इलाके में भय और एक्शन का मंजर तब सामने आया जब कारोबारी विजय मेवाड़ा हत्याकांड का मुख्य आरोपी, कुख्यात अपराधी आसिफ उर्फ बम, पुलिस की घेराबंदी में फंस गया। दो दिन की सघन तलाशी के बाद पुलिस ने आरोपी को समसपुरा जंगल में पकड़ लिया। इस गिरफ्तारी में 10 मिनट के भीतर दोनों ओर से तीन राउंड फायरिंग हुई और आरोपी के दाहिने पैर के घुटने के पास गोली लगी, जिससे वह गिर पड़ा। घायल अवस्था में आसिफ को अस्पताल लाया गया।
पुलिस के अनुसार, बुधवार सुबह 11:30 बजे सूचना मिली कि आसिफ समसपुरा के पास पैदल देखा गया है। तुरंत मौके पर तीन सब-इंस्पेक्टर और तीन आरक्षकों की टीम पहुंची और इलाके को घेर लिया। पुलिस की मौजूदगी देख आरोपी घने जंगलों की ओर भागा, लेकिन पीछा कर रहे जवानों ने उसे दबोच लिया।
आरोपी के पास से लोडेड देशी पिस्टल और चलाए गए कारतूस जब्त किए गए। इसके बाद पुलिस ने आरोपी को सरकारी बोलेरो में बैठाकर समसपुरा से हमीदिया अस्पताल के लिए रवाना किया। फिलहाल आरोपी का इलाज जारी है।
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रातीबड़ थाना पुलिस ने अशोका गार्डन थाने के TI अनुराग लाल की शिकायत पर आरोपी के खिलाफ हत्या के प्रयास का नया मुकदमा दर्ज किया। घटना स्थल से पुलिस ने लोडेड पिस्टल और कारतूस जब्त कर सबूत के तौर पर अपने कब्जे में ले लिए।
TI अनुराग लाल ने बताया कि आरोपी को लगातार रातीबड़ के अलग-अलग इलाकों में देखा जा रहा था। पुलिस के पहुंचने से पहले ही वह भाग निकलता था। आरोपी पैदल ही सफर कर रहा था और बुधवार को सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची। आरोपी ने थाने की गाड़ी देखते ही जंगल की ओर दौड़ लगाई और घेराबंदी के दौरान फायरिंग की। जवाबी फायरिंग में उसे चोट लगी। फिलहाल यह साफ नहीं है कि आरोपी को जंगल में किसी ने शरण दी थी या नहीं।
पुलिस की जांच में यह भी सामने आया कि आरोपी नीलबड़ और रातीबड़ को पार कर समसपुरा के जंगलों तक पैदल पहुंचा था। फरारी के दौरान उसने रास्ते में अलग-अलग होटलों से चाय पी और समोसे-कचौड़ी खाकर गुजारा किया।
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आसिफ पुराना अपराधी है और जंगलों में भटकने का अनुभव रखता है। इसी वजह से वह जंगलों के रास्ते सीहोर जिले में जाने की तैयारी कर रहा था। पुलिस ने एफएसएल की टीम को भी बुलाया, जिन्होंने घटना स्थल से खून के धब्बे और मिट्टी जैसे सबूत जब्त किए।
आरोपी की पकड़ने की यह सफलता पुलिस की तेज कार्रवाई और सही सूचना पर आधारित थी। दो दिनों की मेहनत और इलाके की पैनी निगरानी ने ही इस गिरफ्तारी को संभव बनाया।
टीआई अनुराग लाल ने कहा, आरोपी का बचना आसान नहीं था। उसकी शातिराना रणनीतियों और जंगलों में पहले से अनुभव को देखते हुए पुलिस ने हर कदम पर सतर्कता बरती।