नई दिल्ली। इजरायल-ईरान के बीच बढ़ते तनाव ने दुनिया भर में ऊर्जा संकट की आशंका बढ़ा दी है। इसी खतरे को देखते हुए भारत सरकार पूरी तरह सतर्क हो गई है। बुधवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में कैबिनेट कमेटी ऑन सिक्योरिटी (CCS) की अहम बैठक हुई, जिसमें देश की ऊर्जा जरूरतों और आम जनता पर पड़ने वाले असर को लेकर विस्तार से चर्चा की गई।
बैठक में साफ संदेश दिया गया इस वैश्विक संकट का असर आम नागरिकों तक नहीं पहुंचना चाहिए। इसके लिए हर जरूरी कदम उठाए जाएंगे।
सरकार ने यह सुनिश्चित करने के लिए कई कदम उठाए हैं कि देश में एलपीजी (LPG) और एलएनजी (LNG) की कोई कमी न हो। अधिकारियों ने बताया कि अब गैस की सप्लाई अलग-अलग देशों से मंगाई जा रही है, ताकि किसी एक स्रोत पर निर्भरता कम हो।
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सबसे राहत वाली बात यह है कि घरेलू उपभोक्ताओं के लिए एलपीजी की कीमतें फिलहाल स्थिर रखी गई हैं। साथ ही कालाबाजारी और जमाखोरी रोकने के लिए लगातार निगरानी और कार्रवाई की जा रही है।
सरकार सिर्फ सिलेंडर तक सीमित नहीं है, बल्कि पाइप्ड नेचुरल गैस (PNG) के कनेक्शन भी तेजी से बढ़ाए जा रहे हैं। इसका मकसद है कि ज्यादा से ज्यादा घरों तक सीधी गैस सप्लाई पहुंचे और लोगों को सुविधा मिले।
यह कदम लंबी अवधि में गैस की निर्भरता को संतुलित करने और शहरी क्षेत्रों में ऊर्जा सप्लाई को मजबूत बनाने में मदद करेगा।
गर्मी के मौसम में बिजली की मांग बढ़ना तय है। इसे ध्यान में रखते हुए सरकार ने पहले से ही प्लान तैयार कर लिया है। गैस आधारित बिजली संयंत्रों को कुछ नियमों में छूट दी गई है। 7-8 गीगावाट क्षमता वाले प्लांट्स को गैस पूलिंग मैकेनिज्म से राहत दी गई। थर्मल पावर स्टेशनों तक ज्यादा कोयला पहुंचाने के लिए मालगाड़ियों (रेक) की संख्या बढ़ाई जा रही है।
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ऊर्जा के साथ-साथ सरकार ने खेती से जुड़ी जरूरतों को भी प्राथमिकता दी है। बैठक में खरीफ और रबी सीजन के लिए खाद की उपलब्धता पर खास चर्चा हुई। यूरिया का उत्पादन लगातार जारी है। डीएपी और एनपीके खाद के लिए विदेशों से तालमेल किया जा रहा है। राज्यों को सख्त निर्देश दिए गए हैं कि खाद की कालाबाजारी और जमाखोरी पर नजर रखें।
प्रधानमंत्री ने इस बैठक में एक और अहम मुद्दा उठाया अफवाहें। उन्होंने कहा कि ऐसे समय में गलत खबरें लोगों में डर और भ्रम पैदा कर सकती हैं।
इसलिए निर्देश दिया गया कि जनता तक सही और स्पष्ट जानकारी लगातार पहुंचाई जाए, ताकि किसी भी तरह की अफवाह को रोका जा सके।
बैठक में सिर्फ ऊर्जा ही नहीं, बल्कि नागरिक उड्डयन, शिपिंग, लॉजिस्टिक्स जैसे कई सेक्टरों पर भी चर्चा हुई। सरकार हर उस क्षेत्र पर नजर बनाए हुए है, जहां इस अंतरराष्ट्रीय संकट का असर पड़ सकता है।