भोपाल के अशोका गार्डन हत्याकांड में पुलिस ने फरमान, कालू, इमरान और मुख्य आरोपी आसिफ उर्फ बम को गिरफ्तार कर लिया। लेकिन गिरफ्तारी के दौरान मामला और खौफनाक मोड़ पर पहुंच गया। रास्ते में आरोपी आसिफ ने पिस्टल छीन कर पुलिस पर फायरिंग कर दी। इस दौरान पुलिस ने भी जवाबी कार्रवाई में हथियार खोले और स्थिति काबू में लाई। पूरे इलाके में तनाव और डर फैल गया।

आरोपी
हमीदिया अस्पताल में भर्ती कियाशॉर्ट एनकाउंटर के बाद घायल आरोपी आसिफ को सीधे हमीदिया अस्पताल लाया गया। डॉक्टरों की निगरानी में उसका इलाज जारी है। अस्पताल के परिसर में भारी पुलिस बल तैनात, मीडिया और अन्य लोगों की एंट्री पूरी तरह से रोकी गई। पुलिस ने अस्पताल को पूरी तरह छावनी में तब्दील कर दिया है।
29 मार्च की रात 35 वर्षीय विजय मेवाड़ा अपने कर्मचारी को घर छोड़ने प्रगति नगर जा रहे थे, तभी फरमान, कालू, इमरान और मुख्य आरोपी आसिफ ने उन पर अचानक हमला कर दिया। चाकू के गंभीर घावों से घायल विजय को निजी अस्पताल ले जाया गया, लेकिन डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। आरोपी को बेटा कहकर समझाने की कोशिश करने पर हमला कर चुके थे।
मृतक
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हत्या की खबर फैलते ही अशोका गार्डन और आसपास के इलाके आग की तरह गुस्से और आक्रोश से भर गए। लोग न्याय की मांग को लेकर सड़क पर उतर आए और कई स्थानों पर प्रदर्शन किया। सोशल मीडिया पर घटना तेजी से वायरल हो रही है, और जनता प्रशासन से तुरंत कार्रवाई की अपील कर रहे है।
मंत्री विश्वास सारंग ने इस घटना को अत्यंत दुखद और निंदनीय बताया। उन्होंने कहा कि हत्यारे को फांसी की सजा मिलनी चाहिए और दोषियों के अवैध निर्माणों पर बुलडोजर चलेगा। मंत्री ने साफ कहा कि कानून को हाथ में लेने वाला कोई भी व्यक्ति सुरक्षित नहीं रह सकता।