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सोशल मीडिया पोस्ट पर घिरे निलंबित TI राजन अहिरवार, विवादित वीडियो किया डिलीट

भोपाल के जहांगीराबाद थाने के निलंबित TI राजन सिंह अहिरवार ने सोशल मीडिया से विवादित वीडियो हटा दिया। वीडियो में उन्होंने निलंबन और एक महिला पुलिस अधिकारी को लेकर आरोप लगाए थे। मामला राकेश रावल विवाद से जुड़ा है।
सोशल मीडिया पोस्ट पर घिरे निलंबित TI राजन अहिरवार, विवादित वीडियो किया डिलीट
सोशल मीडिया पोस्ट पर घिरे निलंबित TI राजन अहिरवार

भोपाल। जहांगीराबाद थाने के निलंबित थाना प्रभारी राजन सिंह अहिरवार ने सोशल मीडिया पर पोस्ट किया गया अपना विवादित वीडियो हटा दिया है। यह वीडियो इंस्टाग्राम और फेसबुक पर पोस्ट किया गया था। वीडियो सामने आने के बाद पुलिस विभाग में इसकी चर्चा शुरू हो गई थी। बताया जा रहा है कि वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों की फटकार के बाद निलंबित टीआई ने इसे दोनों सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म से डिलीट कर दिया। वीडियो में राजन सिंह अहिरवार ने एक महिला पुलिस अधिकारी पर उन्हें प्रताड़ित करने सहित कई आरोप लगाए थे। उन्होंने अपने निलंबन को लेकर भी सफाई दी थी। उनका कहना था कि उन्हें किसी गलत काम के लिए निलंबित नहीं किया गया है और न ही उनके खिलाफ किसी आपराधिक मामले में कार्रवाई हुई है।

सोशल मीडिया पोस्ट को लेकर विभागीय कार्रवाई की चर्चा

वीडियो हटाए जाने के बाद अब निलंबित टीआई के खिलाफ विभागीय स्तर पर कार्रवाई की चर्चा है। पुलिस विभाग की सोशल मीडिया से जुड़ी नई नीति के तहत इस मामले की जांच की जा सकती है। अधिकारियों की ओर से यह देखा जा सकता है कि निलंबन की अवधि में सोशल मीडिया पर सार्वजनिक रूप से इस तरह का बयान देना विभागीय आचरण नियमों का उल्लंघन है या नहीं। हालांकि राजन सिंह अहिरवार के खिलाफ इस मामले में आगे किसी कार्रवाई को लेकर पुलिस अधिकारियों की ओर से फिलहाल आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है।

22 सितंबर को राकेश रावल से विवाद के बाद मामला बढ़ा

पूरा मामला 22 सितंबर को गणेश प्रतिमा विसर्जन के दौरान रास्ता बंद होने को लेकर हुए विवाद से जुड़ा है। अधिवक्ता राकेश रावल का पुलिसकर्मियों के साथ रास्ते को लेकर विवाद हुआ था। इसके बाद वे जहांगीराबाद थाने पहुंचे थे। राकेश रावल ने आरोप लगाया था कि थाने में उनके साथ गाली-गलौज और मारपीट की गई। उनका कहना था कि पुलिसकर्मियों ने उन्हें कीचड़ में पटककर डंडों से पीटा। घटना की जानकारी मिलने के बाद बड़ी संख्या में वकील देर रात जहांगीराबाद थाने पहुंचे और करीब रात 3 बजे तक विरोध किया। विवाद बढ़ने के बाद पुलिस प्रशासन ने थाना प्रभारी राजन सिंह अहिरवार, आरक्षक यश लखेरा और आरक्षक रामस्वरूप को थाने से हटाकर पुलिस लाइन भेज दिया था।

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पुलिसकर्मी की शिकायत पर राकेश रावल के खिलाफ भी केस

दूसरी ओर आरक्षक हरि ओम वर्मा की शिकायत पर अधिवक्ता राकेश रावल के खिलाफ भी मामला दर्ज किया गया है। शिकायत के मुताबिक 22 सितंबर की शाम करीब 8 बजे हरि ओम वर्मा की ड्यूटी खटलापुरा विसर्जन घाट और पीएचक्यू गेट नंबर-1 के पास यातायात व्यवस्था के लिए लगाई गई थी। इसी दौरान लाल रंग की कार क्रमांक MP04ZL3133 से एक व्यक्ति खटलापुरा रोड की ओर जाने लगा। आरक्षक ने उसे वहां से जाने से रोका तो उसने कार बीच सड़क पर खड़ी कर दी। इससे यातायात प्रभावित होने लगा। आरक्षक की शिकायत के अनुसार, जब उसे समझाने की कोशिश की गई तो वह व्यक्ति नशे में लगा और पुलिस विभाग को गालियां देने लगा। उसने खुद को भोपाल कोर्ट का वकील बताते हुए अपना नाम राकेश रावल बताया।

पुलिसकर्मी ने मारपीट और धमकी का लगाया आरोप

हरि ओम वर्मा की शिकायत में आरोप लगाया गया है कि इसके बाद राकेश रावल ने उसके साथ विवाद और मारपीट की। आरक्षक ने यह भी आरोप लगाया कि राकेश रावल ने उसे जान से मारने की धमकी दी और कहा कि 2 मिनट में तेरी वर्दी उतरवा दूंगा। शिकायत के अनुसार राकेश रावल ने दूसरे रास्ते से जाने के लिए कहे जाने पर यह भी कहा कि पेट्रोल का खर्च कौन देगा। घटना के बाद आरक्षक ने वरिष्ठ अधिकारियों को इसकी जानकारी दी।

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दोनों पक्षों के आरोपों की जांच का मामला

इस पूरे विवाद में पुलिस और अधिवक्ता पक्ष की ओर से अलग-अलग आरोप सामने आए हैं। राकेश रावल ने पुलिसकर्मियों पर मारपीट का आरोप लगाया है, जबकि आरक्षक हरि ओम वर्मा की शिकायत में राकेश रावल पर पुलिसकर्मी के साथ विवाद, मारपीट और धमकी देने के आरोप लगाए गए हैं। इसी मामले के बीच निलंबित टीआई राजन सिंह अहिरवार का सोशल मीडिया वीडियो सामने आया था जिसमें उन्होंने अपने निलंबन को लेकर अपना पक्ष रखा और एक महिला पुलिस अधिकारी पर भी आरोप लगाए। अब वीडियो हटाए जाने के बाद विभागीय स्तर पर इस पोस्ट को लेकर भी आगे की कार्रवाई पर नजर बनी हुई है।

Sumit  Shrivastava
By Sumit Shrivastava

सुमित श्रीवास्तव एक अनुभवी मीडिया प्रोफेशनल, बिजनेस पत्रकार और शोधकर्ता हैं। मास कम्युनिकेशन में M.P...Read More

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