भोपाल के ऐशबाग में 600 जर्जर मकानों पर 14 नवंबर से चलेगा बुलडोजर, 13 तक खाली करने का अंतिम नोटिस

भोपाल के ऐशबाग स्थित एमपी हाउसिंग बोर्ड के 600 जर्जर ईडब्ल्यूएस मकानों यानी जनता क्वार्टर पर 14 नवंबर से ध्वस्तीकरण की कार्रवाई शुरू होगी। हाउसिंग बोर्ड ने सभी रहवासियों को 13 नवंबर तक मकान खाली करने और अपना सामान हटाने का अंतिम नोटिस जारी किया है। तय समय-सीमा के बाद इन खतरनाक भवनों को गिराने की कार्रवाई की जाएगी। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि इसके बाद मकानों में रहना या सामान रखना प्रतिबंधित रहेगा।
600 मकानों में सिर्फ 110 वैध आवंटी
हाउसिंग बोर्ड के अनुसार इन 600 मकानों में रहने वाले लोगों में से केवल 110 वैध मूल आवंटी हैं। शेष करीब 490 मकानों पर अवैध कब्जे या अनाधिकृत लोगों का निवास है। बोर्ड ने कहा है कि राहत का लाभ केवल उन्हीं वैध आवंटियों को मिलेगा, जो मकान खाली करने के लिए संबंधित कार्यालय में अपना सहमति पत्र जमा करेंगे। 13 नवंबर के बाद किसी भी मकान में निवास करने या सामान रखने की अनुमति नहीं होगी। अंतिम नोटिस के बाद कॉलोनी में रह रहे लोगों के बीच हलचल तेज हो गई है।
2016 में ही घोषित हो चुके हैं भवन जर्जर
ऐशबाग के ये ईडब्ल्यूएस मकान दशकों पुराने हैं और उनकी हालत बेहद खराब हो चुकी है। नगर निगम भोपाल ने मई 2016 में ही सभी 600 भवनों को जर्जर और जानलेवा घोषित कर दिया था। इसके बाद वर्ष 2018 में भी मकान खाली करने के लिए नोटिस जारी किए गए लेकिन इसके बावजूद कई लोगों ने भवन खाली नहीं किए। अब प्रशासन ने 14 नवंबर से ध्वस्तीकरण की कार्रवाई शुरू करने का फैसला किया है। इसके लिए भारी पुलिस बल और नगर निगम के अमले की मौजूदगी रहेगी। प्रशासन ने चेतावनी दी है कि तय समय-सीमा के बाद भवनों में रहने या सामान नहीं हटाने की स्थिति में होने वाली कार्रवाई के लिए संबंधित रहवासी स्वयं जिम्मेदार होंगे।
पुनर्विकास नीति के तहत बनेगा आधुनिक आवासीय परिसर
मध्य प्रदेश पुनर्विकास नीति-2022 के तहत हाउसिंग बोर्ड इस प्राइम लोकेशन का नए सिरे से विकास करने जा रहा है। जर्जर मकानों को हटाकर यहां आधुनिक सुविधाओं से युक्त बहुमंजिला आवासीय परिसर बनाया जाएगा। इस परियोजना का उद्देश्य पुराने और असुरक्षित भवनों की जगह सुरक्षित आवास उपलब्ध कराना है।
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वैध आवंटियों को मिलेंगे 20 फीसदी बड़े फ्लैट
पुनर्विकास योजना के तहत सभी वैध मूल आवंटियों को मौजूदा मकान के मुकाबले 20 फीसदी अधिक क्षेत्रफल वाले नए फ्लैट देने का प्रावधान बताया गया है। ये फ्लैट नए, मजबूत और सुरक्षित होंगे। इसके अलावा निर्माण अवधि के दौरान वैध आवंटियों को कलेक्टर गाइडलाइन के अनुसार निर्धारित किराया सीधे उनके बैंक खातों में दिया जाएगा।




















