भोपाल के कोहेफिजा में रहवासी प्लॉटों पर बहुमंजिला निर्माण का आरोप, नियमों के उल्लंघन की शिकायत

भोपाल। शहर के रहवासी इलाकों में व्यावसायिक गतिविधियों का मामला सुप्रीम कोर्ट में विचाराधीन है। रहवासियों के मुताबिक कोर्ट ने नगर निगम को आवासीय क्षेत्रों में व्यावसायिक गतिविधियों पर रोक लगाने के निर्देश दिए हैं। इसके बावजूद भोपाल के कई इलाकों में निर्माण और व्यावसायिक गतिविधियां जारी होने की शिकायतें सामने आ रही हैं। कोहेफिजा के रहवासियों ने भी नियमों के विपरीत बहुमंजिला इमारतों के निर्माण और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों के संचालन पर आपत्ति जताते हुए अधिकारियों से शिकायत की है। उन्होंने निर्माण की जांच कर अवैध पाए जाने वाले हिस्सों को तोड़ने की मांग की है।
हाउसिंग बोर्ड और BDA ने विकसित की थी कॉलोनी
रहवासियों के अनुसार कोहेफिजा पूरी तरह आवासीय कॉलोनी है, जिसे मध्यप्रदेश हाउसिंग बोर्ड और भोपाल विकास प्राधिकरण (BDA) ने विकसित किया था। यहां भवन निर्माण के लिए MOS (मिनिमम ओपन स्पेस) सहित कई नियम लागू हैं। इनके तहत भवन के सामने 20 फीट और दोनों ओर निर्धारित खुली जगह छोड़ना अनिवार्य बताया गया है। इसके अलावा भवन की अधिकतम मंजिलों और FAR (फ्लोर एरिया रेशियो) को लेकर भी नियम निर्धारित हैं।
एक परिवार के प्लॉट पर बन रहे 20 से 30 फ्लैट
रहवासियों का आरोप है कि कॉलोनी में मूल रूप से एक परिवार के रहने के हिसाब से प्लॉट काटे गए थे, लेकिन अब उन्हीं भूखंडों पर बहुमंजिला इमारतें बनाई जा रही हैं। कुछ इमारतों में 20 से 30 फ्लैट तक बनाए जाने की बात कही जा रही है। लोगों का कहना है कि आवासीय क्षेत्र में दुकानें, स्कूल, अस्पताल, होटल और अब सर्विस अपार्टमेंट भी संचालित हो रहे हैं। इनमें से कुछ गतिविधियां जरूरी लाइसेंस और अनुमतियों के बिना चलाए जाने का आरोप है।
ड्रेनेज और पेयजल व्यवस्था पर बढ़ा दबाव
रहवासियों का कहना है कि हाउसिंग बोर्ड और BDA ने कॉलोनी विकसित करते समय यहां रहने वाले परिवारों की निर्धारित संख्या के अनुसार ड्रेनेज और पेयजल की व्यवस्था की थी। अब बहुमंजिला इमारतों और व्यावसायिक गतिविधियों के बढ़ने से इन सुविधाओं पर अतिरिक्त दबाव पड़ रहा है। आरोप है कि कई स्थानों पर सड़कों पर सीवेज बह रहा है, जिससे लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
फिटनेस सेंटर के सामने निर्माण पर भी आपत्ति
रहवासियों ने हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी में फिटनेस सेंटर के ठीक सामने चल रहे एक निर्माण कार्य पर भी सवाल उठाए हैं। उनके मुताबिक यहां बेसमेंट, भूतल और ऊपर की चार मंजिलों को मिलाकर करीब 24 हजार वर्गफीट क्षेत्र में निर्माण किया जा रहा है। लोगों का दावा है कि नियमानुसार भूतल पर अधिकतम 2,500 वर्गफीट निर्माण की अनुमति है और भवन के सामने कम से कम 20 फीट खुली जगह छोड़ना जरूरी है। जबकि संबंधित निर्माण में केवल 5 फीट जगह छोड़े जाने का आरोप है।
दोनों ओर खुली जगह नहीं छोड़ने का आरोप
रहवासियों के अनुसार भवन के दोनों ओर कम से कम 6-6 फीट खुली जगह छोड़ना अनिवार्य है लेकिन संबंधित निर्माण में दोनों तरफ जगह नहीं छोड़ी गई है। लोगों ने इसे भवन निर्माण नियमों का उल्लंघन बताते हुए अधिकारियों से जांच कराने की मांग की है।
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अधिकारियों से जांच और कार्रवाई की मांग
रहवासियों ने संबंधित विभागों के अधिकारियों को शिकायत देकर निर्माण की अनुमति, स्वीकृत नक्शे और मौके पर हो रहे निर्माण की जांच कराने की मांग की है। उनका कहना है कि यदि निर्माण नियमों के विपरीत पाया जाता है तो जिम्मेदारों के खिलाफ कार्रवाई की जाए और अवैध निर्माण हटाया जाए।




















