पीपुल्स संवाददाता, भोपाल। नाबालिग उम्र में बंधा प्यार का बंधन जल्द सात जन्मों के रिश्ते में बंधने जा रहा है। हम बात कर रहे हैं भोपाल के निर्भया आश्रय में होने जा रही शादी की। खास बात यह कि 12 अप्रैल को होने जा रही इस शादी में करीब एक साल की बेटी भी माता-पिता के विवाह बंधन की साक्षी बनेगी। यह बच्ची 15 अप्रैल को एक साल की होने वाली है। निर्भया शेल्टर होम से मिली जानकारी के अनुसार लंबे समय तक युवती इस बात को छुपाती रही कि आए आवेदन में से जिस युवक को उसने जीवनसाथी के लिए चुना है, वही उसका प्रेमी और बच्ची का पिता है। जब सोशल इंवेस्टिगेशन की प्रक्रिया शुरू हुई, तब युवती ने इसकी जानकारी दी। आश्रय प्रबंधन और महिला एवं बाल विकास विभाग की पूरी तसल्ली के बाद अब दोनों की शादी की तारीख तय कर ली गई है।
इस भावी दंपति की कहानी किसी फिल्मी स्टोरी से कम नहीं है। युवक-युवती मूल रूप से दमोह के रहने वाले हैं। कोरोना संक्रमण के दौरान दोनों की बातचीत सोशल मीडिया के जरिए शुरू हुई थी। उस वक्त दोनों नाबालिग थे। साल 2024 में मां को भनक लगने के बाद विवाद हुआ तो किशोरी घर से चली गई। दो दिन बाद वह 18 वर्ष की होने वाली थी। उसके 18 वर्ष की होते ही युवक ने पुणे शहर में उससे मंदिर में शादी कर ली। हालांकि, यह शादी रजिस्टर्ड नहीं हो पाई। इसी बीच मां की शिकायत पर पुलिस युवती को ढूंढते हुए पुणे तक पहुंच गई।
रेस्क्यू करने के बाद युवती को भोपाल के निर्भया शेल्टर होम में रखा गया। तब तक इस बात की पुष्टि हो गई थी कि युवती गर्भवती है। घर वालों ने युवती के सामने शर्त रखी कि यदि वह गर्भपात करा देती है तभी परिवार उसे साथ लेकर जाएगा। युवती ने मना कर दिया और 15 अप्रैल 2025 को उसकी बेटी का जन्म हुआ।
आश्रय गृह की संचालक समर खान ने बताया कि युवती फोन के जरिए अपने कुछ परिचितों और सहेलियों के संपर्क में थी। बेटी के जन्म के कुछ दिन बाद उसने खुद शादी की इच्छा जताई। जब तय प्रक्रिया के बाद शादी के लिए आवेदन आए तो इनमें से एक युवक को युवती ने पसंद किया। युवक से आश्रय गृह के प्रबंधन और अन्य लोगों की मुलाकात के बाद युवती ने खुलासा किया कि यही युवक उसका प्रेमी और बच्ची का पिता है। इसके बाद सोशल इन्वेस्टीगेशन और अन्य प्रक्रिया की गई। युवक भी युवती से शादी करने और अपनी बच्ची को अपनाने के लिए बेताब था। उसने कहा कि मात्र डर के चलते वह युवती को उसी के कहने पर छोड़कर गया था। लेकिन अब वह अपने परिवार का साथ चाहता है। मामले में शेल्टर होम और प्रशासन की तय कार्यवाही और तसल्ली के बाद अब 12 अप्रैल को दोनों की शादी होनी है। युवती ने कहा कि वह चाहती थी कि प्रबंधन भी पुरी तरह संतुष्ट हो जाए और इस बार उसकी शादी में किसी तरह की अड़चन न आए, इसलिए उसने युवक के बारे में पहले जानकारी नहीं दी थी।