परीक्षा या मजाक?एग्जाम हॉल में मोबाइल, CCTV पर भी उठे सवाल... भोज विश्वविद्यालय पर लगे नकल के आरोप

राजगढ़। मध्य प्रदेश के राजगढ़ जिले के खिलचीपुर स्थित शासकीय महाविद्यालय में आयोजित भोज विश्वविद्यालय की परीक्षा को लेकर बड़ा विवाद सामने आया है। परीक्षा केंद्र से सामने आए वीडियो और तस्वीरों में परीक्षार्थी कथित तौर पर मोबाइल फोन देखकर उत्तर लिखते नजर आ रहे हैं। आरोप है कि परीक्षा हॉल में मौजूद परीक्षा पर्यवेक्षक के बावजूद नकल होती रही। इतना ही नहीं, सीसीटीवी कैमरों की दिशा बदलने के भी आरोप लगे हैं, जिससे परीक्षा की निष्पक्षता पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।
मोबाइल से उत्तर लिखते नजर आए परीक्षार्थी
सीसीटीवी कैमरों को लेकर भी लगे गंभीर आरोप
मामले में यह भी आरोप लगाया गया है कि परीक्षा कक्ष में लगे सीसीटीवी कैमरों को नीचे या दूसरी दिशा में मोड़ दिया गया था, ताकि नकल की गतिविधियां रिकॉर्ड न हो सकें। आरोप यह भी है कि यह स्थिति केवल एक दिन की नहीं थी, बल्कि पिछले कई परीक्षा दिनों से इसी तरह परीक्षार्थी मोबाइल का इस्तेमाल कर रहे थे। स्थानीय स्तर पर यह सवाल भी उठ रहे हैं कि जब पूरे महाविद्यालय में सीसीटीवी कैमरे लगे हैं, तो परीक्षार्थियों को ऐसे कक्ष में परीक्षा क्यों दिलाई गई, जहां निगरानी व्यवस्था पर सवाल खड़े हो रहे हैं।
एनएसयूआई ने की निष्पक्ष जांच की मांग
एनएसयूआई के खिलचीपुर ब्लॉक अध्यक्ष रोहित सिंह राठौड़ ने मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है। उन्होंने कहा कि आज महाविद्यालय में परीक्षा के दौरान मोबाइल के इस्तेमाल और कथित नकल का मामला सामने आया है। यह परीक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करता है। जिस कक्ष में मामला हुआ, वहां लगा सीसीटीवी कैमरा ऊपर की ओर मोड़ा हुआ था। यह संयोग था या जानबूझकर किया गया, इसकी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। प्राचार्य डॉ. राजेश दांगी सहित जो भी इस मामले में जिम्मेदार पाए जाएं, उनके खिलाफ कार्रवाई हो। यदि निष्पक्ष जांच नहीं हुई तो एनएसयूआई लोकतांत्रिक तरीके से धरना देगी।
प्राचार्य ने क्या कहा?
शासकीय महाविद्यालय खिलचीपुर के प्राचार्य डॉ. राजेश कुमार दांगी ने आरोपों पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि किसी प्रकार की हिदायत नहीं दी जाती है। गेट पर बैग और मोबाइल की जांच होती है तथा उन्हें बाहर ही रखवाया जाता है। चेकिंग करने वाले ने क्या किया, इसकी जानकारी गोविंद सोनी से लें। हालांकि उन्होंने कैमरे और कथित नकल के आरोपों पर सीधे तौर पर कोई स्पष्ट जवाब नहीं दिया।
उच्च शिक्षा विभाग ने शिकायत करने को कहा
इस मामले पर अतिरिक्त संचालक, उच्च शिक्षा भोपाल एवं नर्मदापुरम संभाग डॉ. मथुरा प्रसाद ने संक्षिप्त प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि मैं अभी बैठक में हूं। आप इस मामले की शिकायत एसडीएम से कर दीजिए। उनके इस बयान के बाद अब सभी की नजर इस बात पर है कि शिकायत मिलने के बाद प्रशासन क्या कार्रवाई करता है।
जांच के बाद ही साफ होगी तस्वीर
फिलहाल परीक्षा केंद्र पर सामने आए वीडियो और लगाए गए आरोपों की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। यदि जांच में आरोप सही पाए जाते हैं तो यह मामला परीक्षा प्रणाली की विश्वसनीयता पर बड़ा सवाल खड़ा करेगा। वहीं छात्र और अभिभावक भी पूरे मामले की निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।












