खेल सामग्री पहुंचे बिना 9.20 लाख का भुगतान !नर्मदापुरम के दो कॉलेजों में वित्तीय गड़बड़ी की जांच शुरू

मध्य प्रदेश के नर्मदापुरम में सरकारी कॉलेजों में खेल सामग्री की खरीदी को लेकर वित्तीय अनियमितता का मामला सामने आया है। आरोप है कि होमसाइंस कॉलेज और डेलौरिया कॉलेज के लिए खरीदी गई खेल सामग्री कॉलेज पहुंचने से पहले ही करीब 9.20 लाख रुपये का भुगतान संबंधित फर्म को कर दिया गया। मामला सामने आने के बाद प्रशासन ने जांच शुरू कर दी है। कलेक्टर के निर्देश पर दस्तावेज जब्त किए गए हैं और पूरी भुगतान प्रक्रिया की जांच की जा रही है।
खेल सामग्री से पहले हुआ भुगतान
जानकारी के अनुसार, होमसाइंस कॉलेज के लिए करीब 6.50 लाख रुपये और डेलौरिया कॉलेज के लिए करीब 3 लाख रुपये की खेल सामग्री खरीदी जानी थी। आरोप है कि सामग्री कॉलेज पहुंचने से पहले ही भुगतान की प्रक्रिया पूरी कर दी गई। मामले में यह भी सामने आया है कि होमसाइंस कॉलेज की प्राचार्य डॉ. कामिनी जैन ने भुगतान के लिए ट्रेजरी को दस्तावेज भेज दिए थे। इसी वजह से अब भुगतान से जुड़े सभी रिकॉर्ड जांच के दायरे में आ गए हैं। उल्लेखनीय है कि डॉ. कामिनी जैन इसी महीने सेवानिवृत्त होने वाली हैं।
विधायक के निरीक्षण के बाद बढ़ा मामला
मामले की जानकारी मिलने पर नर्मदापुरम विधायक डॉ. सीतासरन शर्मा स्वयं कॉलेज पहुंचे और खेल सामग्री की स्थिति का जायजा लिया। विधायक का दावा है कि निरीक्षण के दौरान कॉलेज में खेल सामग्री मौजूद नहीं थी, जबकि स्टॉक रजिस्टर में उसकी एंट्री दर्ज थी। इसके बाद उन्होंने कलेक्टर से शिकायत कर पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की।
कलेक्टर के निर्देश पर जब्त किए गए दस्तावेज
शिकायत मिलने के बाद कलेक्टर सोनेश मिश्रा ने मामले को गंभीरता से लिया। उनके निर्देश पर तहसीलदार सरिता मालवीय कॉलेज पहुंचीं और भुगतान से जुड़े दस्तावेज अपने कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी। प्रशासन का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। यदि नियमों के उल्लंघन या वित्तीय गड़बड़ी की पुष्टि होती है, तो जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
प्राचार्य ने दी अपनी सफाई
मामले में प्राचार्य डॉ. कामिनी जैन ने वित्तीय अनियमितता के आरोपों से इनकार किया है। उन्होंने कहा कि भुगतान संबंधी प्रक्रिया जल्दबाजी में पूरी हुई थी। खेल सामग्री लेकर आने वाला वाहन रास्ते में खराब हो गया था, इसलिए सामान समय पर कॉलेज नहीं पहुंच पाया। गुरुवार शाम तक पूरी खेल सामग्री कॉलेज पहुंच गई है। किसी प्रकार की वित्तीय गड़बड़ी नहीं हुई है।
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जांच रिपोर्ट के बाद होगी अगली कार्रवाई
फिलहाल प्रशासन पूरे मामले की जांच कर रहा है। जांच में यह पता लगाया जाएगा कि भुगतान निर्धारित नियमों के तहत किया गया था या प्रक्रिया में किसी प्रकार की लापरवाही या अनियमितता हुई। रिपोर्ट आने के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि मामले में किसी अधिकारी या कर्मचारी की जिम्मेदारी तय होगी या नहीं।












