पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने बुधवार को भवानीपुर विधानसभा सीट से तृणमूल कांग्रेस उम्मीदवार के रूप में अपना नामांकन दाखिल कर दिया। नामांकन से पहले उन्होंने जोरदार पैदल मार्च किया जिसमें बड़ी संख्या में पार्टी नेता और कार्यकर्ता शामिल हुए।
कालीघाट स्थित अपने आवास से निकलते समय ममता बनर्जी के साथ समर्थकों की भारी भीड़ मौजूद रही। उन्होंने सड़क किनारे खड़े लोगों का अभिवादन किया और करीब 800 मीटर पैदल चलकर अलीपुर सर्वे बिल्डिंग पहुंचीं जहां उन्होंने अपना नामांकन पत्र दाखिल किया।
ये भी पढ़ें: राजनीति में बड़ा झटका! वरिष्ठ कांग्रेस नेता मोहसिना किदवई का निधन, आज दी जाएगी भावपूर्ण विदाई
नामांकन दाखिल करने के बाद ममता बनर्जी ने लोगों से अपील करते हुए कहा कि भवानीपुर ही नहीं बल्कि पूरे राज्य की 294 सीटों पर तृणमूल कांग्रेस की जीत सुनिश्चित करें। उन्होंने वोटर लिस्ट को लेकर भी सवाल उठाए और कहा कि नाम हटाए जाने से उन्हें दुख हुआ है। उनके मुताबिक इस मुद्दे पर पारदर्शिता जरूरी है।
भवानीपुर सीट से ममता बनर्जी पहले भी तीन बार विधायक रह चुकी हैं। इस बार उनका मुकाबला भाजपा उम्मीदवार शुभेंदु अधिकारी से है जिन्होंने हाल ही में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की मौजूदगी में अपना नामांकन दाखिल किया था। इस सीट को लेकर दोनों दलों ने पूरी ताकत झोंक दी है जिससे मुकाबला बेहद दिलचस्प हो गया है।
भवानीपुर विधानसभा क्षेत्र को ‘मिनी इंडिया’ कहा जाता है क्योंकि यहां विभिन्न समुदायों की बड़ी आबादी रहती है। इस क्षेत्र में करीब 42% मतदाता बंगाली हिंदू, 34% गैर-बंगाली हिंदू और लगभग 24% मुस्लिम आबादी है। यह सामाजिक विविधता इस सीट को राजनीतिक रूप से बेहद अहम बनाती है।
ये भी पढ़ें: ईरान-अमेरिका में 2 हफ्ते का युद्धविराम! पाक की मध्यस्थता पर दोनों देशों ने जताया आभार
2026 के विधानसभा चुनाव में भवानीपुर सीट को प्रतीकात्मक और प्रतिष्ठा की लड़ाई के रूप में देखा जा रहा है। यहां का परिणाम पूरे राज्य की राजनीति पर असर डाल सकता है।