BCCI को मिला नया अध्यक्ष, मिथुन मन्हास बने भारतीय क्रिकेट बोर्ड के नए बॉस, AGM में पूरी टीम का हुआ ऐलान

स्पोर्ट्स डेस्क। भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) को नया अध्यक्ष मिल गया है। जम्मू-कश्मीर से ताल्लुक रखने वाले और दिल्ली की घरेलू क्रिकेट टीम के पूर्व कप्तान मिथुन मन्हास को BCCI का नया अध्यक्ष चुना गया है। रविवार को मुंबई में BCCI ऑफिस में हुई एनुअल जरनल मीटिंग (AGM) के बाद मन्हास के नाम पर अंतिम मुहर लगी। वे इस पद पर निर्विरोध चुने गए। मन्हास बीसीसीआई के इतिहास में जम्मू-कश्मीर से आने वाले पहले अध्यक्ष हैं।
AGM में तय हुए नए पदाधिकारी
बीसीसीआई मुख्यालय में हुई इस अहम बैठक में अन्य पदों पर भी नए चेहरों और पुराने अधिकारियों के नाम तय हुए।
- उपाध्यक्ष: राजीव शुक्ला अपने पद पर बने रहेंगे।
- कोषाध्यक्ष: कर्नाटक राज्य क्रिकेट संघ (KSCA) के मौजूदा अध्यक्ष और पूर्व स्पिनर रघुराम भट्ट कोषाध्यक्ष बने। उनका केएससीए अध्यक्ष पद का कार्यकाल 30 सितंबर को समाप्त हो रहा है।
- सचिव: देवजीत सैकिया ने अपना पद बरकरार रखा।
- संयुक्त सचिव: प्रभतेज भाटिया को नई जिम्मेदारी दी गई।
इन सभी नियुक्तियों के साथ बीसीसीआई के शीर्ष प्रशासनिक ढांचे को नई टीम मिल गई है।
मन्हास का क्रिकेट करियर
मिथुन मन्हास का क्रिकेट करियर बेहद शानदार रहा है।
- उन्होंने 1997-98 सीजन में फर्स्ट क्लास क्रिकेट में डेब्यू किया।
- 157 फर्स्ट क्लास मैचों में 9714 रन बनाए, जिसमें 27 शतक और 49 अर्धशतक शामिल हैं।
- लिस्ट-ए में 130 और टी20 में 91 मैच खेले।
- रणजी ट्रॉफी 2007-08 सीजन में दिल्ली की कप्तानी करते हुए टीम को खिताब दिलाया और उस सीजन में 921 रन बनाए।
- आईपीएल में दिल्ली डेयरडेविल्स (अब दिल्ली कैपिटल्स), पुणे वॉरियर्स और चेन्नई सुपर किंग्स (CSK) के लिए खेला।
मन्हास दाएं हाथ के बल्लेबाज होने के साथ-साथ जरूरत पड़ने पर ऑफ-आर्म स्पिन गेंदबाजी भी करते थे।
टीम इंडिया में क्यों नहीं मिली जगह
घरेलू क्रिकेट में शानदार प्रदर्शन करने के बावजूद मन्हास को भारतीय राष्ट्रीय टीम में खेलने का मौका नहीं मिला। इसका कारण था उस दौर में मिडिल ऑर्डर में दिग्गज खिलाड़ियों की मौजूदगी। सचिन तेंदुलकर, राहुल द्रविड़, वीवीएस लक्ष्मण और सौरव गांगुली जैसे बड़े नामों के बीच मन्हास को जगह नहीं मिल पाई।
जम्मू-कश्मीर के लिए ऐतिहासिक क्षण
मिथुन मन्हास का बीसीसीआई अध्यक्ष बनना जम्मू-कश्मीर के लिए गर्व का क्षण है। वे इस पद तक पहुंचने वाले प्रदेश के पहले शख्स हैं। मन्हास का चुनाव इस बात का संकेत है कि भारतीय क्रिकेट में क्षेत्रीय सीमाओं को पार कर अब प्रतिभा और अनुभव को प्राथमिकता दी जा रही है।












