स्पोर्ट्स डेस्क। भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) के अगले अध्यक्ष के रूप में मिथुन मन्हास सबसे आगे हैं। दिल्ली में शनिवार को केंद्रीय मंत्री के घर हुई बैठक में BCCI के शीर्ष अधिकारी मौजूद थे और सभी ने मन्हास के नाम पर सहमति जताई। हालांकि, अधिकारिक घोषणा बोर्ड की वार्षिक आम बैठक (AGM) के बाद ही 28 सितंबर को होगी।
45 वर्षीय मिथुन मन्हास इतिहास रचने जा रहे हैं। वे BCCI के पहले ऐसे अध्यक्ष होंगे जिन्होंने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट नहीं खेला। इससे पहले सौरव गांगुली और रोजर बिन्नी BCCI अध्यक्ष रह चुके हैं। मन्हास ने भारतीय टीम का प्रतिनिधित्व नहीं किया, लेकिन उनका घरेलू क्रिकेट में योगदान बेहद सराहनीय रहा है।
मन्हास ने 157 फर्स्ट क्लास मैच खेले, जिसमें 9714 रन बनाए और 27 शतक तथा 49 अर्धशतक जड़े। उनकी बल्लेबाजी औसत 45.82 रही। इसके अलावा उन्होंने 130 लिस्ट-A और 91 टी20 मैच भी खेले। आईपीएल में मन्हास दिल्ली डेयरडेविल्स, पुणे वॉरियर्स और चेन्नई सुपर किंग्स का हिस्सा रहे।
फर्स्ट क्लास: 157 मैच, 9714 रन, औसत 45.82, 27 शतक, 49 अर्धशतक
लिस्ट-A: 130 मैच, 4126 रन, औसत 45.84, 5 शतक, 26 अर्धशतक
टी20: 91 मैच, 1170 रन, औसत 21.66, 1 अर्धशतक
मन्हास सिर्फ मैदान पर ही नहीं बल्कि प्रशासनिक क्षेत्र में भी सक्षम रहे हैं। उन्होंने जम्मू-कश्मीर क्रिकेट एसोसिएशन (JKCA) में प्रशासक के रूप में काम किया और BCCI की AGM में राज्य का प्रतिनिधित्व किया। उनके अनुभव और नेतृत्व क्षमता को देखते हुए बोर्ड के वरिष्ठ अधिकारियों ने उन्हें अध्यक्ष पद के लिए सबसे उपयुक्त माना।
BCCI के अगले अध्यक्ष का चुनाव 28 सितंबर को मुंबई में AGM में होगा। नामांकन दाखिल करने की अंतिम तारीख रविवार तक थी। 2019 में BCCI संविधान में किए गए संशोधन के बाद, आमतौर पर ऐसे नामांकन बिना किसी विरोध के स्वीकार हो जाते हैं।
मंथास से पहले सौरव गांगुली और रोजर बिन्नी जैसे पूर्व क्रिकेटरों का नेतृत्व रहा। इस बार पूर्व भारतीय कप्तान सौरव गांगुली, हरभजन सिंह, कर्नाटक के रघुराम भट्ट और पूर्व विकेटकीपर किरण मोरे भी चर्चा में थे। लेकिन अधिकांश शीर्ष अधिकारियों ने मन्हास के पक्ष में सहमति जताई।
मन्हास की अध्यक्षता BCCI के लिए नए युग की शुरुआत माने जा रही है। उनका चुनाव यह संदेश देगा कि घरेलू क्रिकेट और प्रशासनिक अनुभव रखने वाला व्यक्ति भी भारतीय क्रिकेट के शीर्ष पद पर पहुंच सकता है।