तारिक रहमान के दौरे के बीच चीन का बड़ा दांव:बांग्लादेश से किया अहम वादा?

बैठक के दौरान दोनों देशों ने मौजूदा संबंधों को दीर्घकालिक रणनीतिक साझेदारी में बदलने के लिए नई कार्य योजना अपनाई। इसके साथ ही विकास परियोजनाओं, परिवहन नेटवर्क और व्यापारिक सहयोग को लेकर कई महत्वपूर्ण फैसलों पर भी चर्चा हुई।
ग्रेट हॉल ऑफ द पीपुल में हुई अहम बैठक
बीजिंग स्थित ग्रेट हॉल ऑफ द पीपुल में शुक्रवार सुबह प्रधानमंत्री तारिक रहमान और राष्ट्रपति शी जिनपिंग के बीच उच्चस्तरीय बैठक हुई। बांग्लादेश प्रधानमंत्री कार्यालय के प्रवक्ता महदी अमीन ने बताया कि इस दौरान तीस्ता मास्टर प्लान, व्यापारिक घाटा कम करने और रणनीतिक सहयोग जैसे कई अहम विषयों पर विस्तार से चर्चा की गई। बैठक को दोनों देशों के रिश्तों के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
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विकास परियोजनाओं को आगे बढ़ाने पर हुई चर्चा
महदी अमीन के अनुसार, बांग्लादेश और चीन ने अपने मौजूदा द्विपक्षीय संबंधों को 'दीर्घकालिक रणनीतिक साझेदारी' में बदलने के लिए नई कार्य योजना अपनाई है। दोनों देशों ने विकास सहयोग को और मजबूत करने और भविष्य की साझा परियोजनाओं को गति देने पर सहमति जताई। चीनी विदेश मंत्रालय ने भी संबंधों को और मजबूत करने की पर जोर दिया।
13 एमओयू और चार अतिरिक्त समझौतों पर हस्ताक्षर
चीन दौरे के दौरान प्रधानमंत्री तारिक रहमान ने व्यापारिक प्रतिनिधियों के साथ कई बैठकों में हिस्सा लिया। प्रधानमंत्री कार्यालय के अनुसार, इस यात्रा के दौरान 13 एमओयू और चार अतिरिक्त समझौतों पर हस्ताक्षर किए गए। साथ ही दोनों देशों के बीच चल रही विकास परियोजनाओं को आगे बढ़ाने और नए निवेश के अवसरों पर भी चर्चा हुई।
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परिवहन और बुनियादी ढांचे पर बढ़ेगा सहयोग
प्रवक्ता महदी अमीन ने बताया कि चीन सड़क, पुल और रेलवे के क्षेत्र में बहुआयामी परिवहन तंत्र विकसित करने में बांग्लादेश की मदद करना चाहता है। इसके अलावा दोनों देशों ने आर्थिक विकास और बुनियादी ढांचे के विस्तार को लेकर सहयोग बढ़ाने पर भी सहमति व्यक्त की। इसे दोनों देशों के दीर्घकालिक संबंधों की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है।
तीस्ता परियोजना और संप्रभुता पर भी बनी सहमति
बैठक में तीस्ता नदी प्रबंधन परियोजना प्रमुख मुद्दा रही। चीन ने इस परियोजना के लिए तकनीकी सहायता देने और फिजिबिलिटी स्टडी कराने में रुचि दिखाई। इसके अलावा दोनों नेताओं ने एक-दूसरे की संप्रभुता, स्वतंत्रता और क्षेत्रीय अखंडता के सम्मान के सिद्धांत को दोहराते हुए भविष्य में सहयोग को और मजबूत करने का भरोसा जताया।












