ढाका। बांग्लादेश में बुधवार शाम एक ऐसा मंजर देखने को मिला जिसने झकझोर कर दिया है। राजबाड़ी जिले के दाउलादिया टर्मिनल पर एक यात्री बस अनियंत्रित होकर पद्मा नदी के गहरे पानी में जा गिरी। इस भीषण हादसे में अब तक 23 लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है, जिनमें महिलाएं और मासूम बच्चे भी शामिल हैं। प्रत्यक्षदर्शियों की मानें तो यह हादसा महज चंद सेकंड के भीतर हुआ, जिससे बस के भीतर सवार यात्रियों को संभलने तक का मौका नहीं मिला।
हादसा उस वक्त हुआ जब यात्री बस दाउलादिया घाट पर नदी पार करने के लिए फेरी (बड़ी नाव) पर चढ़ने की कोशिश कर रही थी। बांग्लादेश में नदियों का जाल बिछा होने के कारण भारी वाहनों को अक्सर विशाल जहाजों या फेरी के जरिए एक किनारे से दूसरे किनारे तक ले जाया जाता है। चश्मदीदों के अनुसार जैसे ही बस ने फेरी के रैंप पर पहिए रखे, ड्राइवर का नियंत्रण वाहन से पूरी तरह छूट गया। बस की रफ्तार और ढलान के कारण वह तेजी से पीछे की तरफ लुढ़की और देखते ही देखते गहरे पानी में समा गई। घाट पर खड़े लोग चीखते रह गए लेकिन बस कुछ ही पलों में आंखों से ओझल हो गई।
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खबरों के मुताबिक बस में करीब 40 यात्री सवार थे। इनमें से ज्यादातर लोग ईद की छुट्टियां अपने पैतृक गांव में बिताने के बाद काम पर राजधानी ढाका लौट रहे थे। हादसे का सबसे दर्दनाक पहलू यह है कि कई परिवार जो हंसते-खेलते सफर पर निकले थे, अब उजड़ चुके हैं। एक सर्वाइवर (बचा हुआ यात्री) ने बताया कि मेरी आंखों के सामने मेरा परिवार डूब गया। मैं बस से नीचे उतरकर बाहर खड़ा था, तभी ड्राइवर का कंट्रोल हटा और बस मेरी पत्नी और बच्चों को लेकर पानी में चली गई। मैं चाहकर भी उन्हें नहीं बचा पाया। हादसे के तुरंत बाद 11 यात्रियों ने जैसे-तैसे तैरकर अपनी जान बचाई, जिन्हें स्थानीय लोगों ने पानी से बाहर निकाला। हालांकि जो लोग बस के पिछले हिस्से और खिड़कियों के पास फंसे थे, वे बाहर निकलने में नाकाम रहे।
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हादसे की सूचना मिलते ही बांग्लादेश कोस्टगार्ड फायर सर्विस और सेना की टीमें मौके पर पहुंच गईं। हालांकि रात का समय और नदी का तेज बहाव रेस्क्यू ऑपरेशन में बड़ी बाधा बन रहा था। शुरुआत में गोताखोरों ने कड़ी मशक्कत के बाद दो महिलाओं के शव बरामद किए। आधी रात के करीब विशालकाय क्रेन जहाज 'हमजा' को मौके पर बुलाया गया। करीब 6 घंटे तक चले रेस्क्यू ऑपरेशन के बाद बस को पानी से बाहर निकाला जा सका। जब बस की छत नदी की सतह पर आई, तो वहां मौजूद लोगों का कलेजा कांप उठा। बस के भीतर से एक के बाद एक 21 और शव बरामद किए गए, जिससे मरने वालों का कुल आंकड़ा 23 तक पहुंच गया।
इस घटना पर बांग्लादेश के कार्यवाहक प्रधानमंत्री तारिक रहमान ने गहरा शोक व्यक्त किया है। उन्होंने अधिकारियों से पूरी घटना की रिपोर्ट मांगी है और रेस्क्यू ऑपरेशन की व्यक्तिगत रूप से निगरानी की। सरकार ने मृतकों के परिजनों को आर्थिक सहायता देने की घोषणा की है। शुरुआती जांच में यह बात सामने आ रही है कि शायद बस के ब्रेक फेल हो गए थे या फेरी के रैंप पर बस को पार्क करते समय ड्राइवर ने सही गियर का इस्तेमाल नहीं किया था। परिवहन मंत्रालय ने दाउलादिया टर्मिनल पर सुरक्षा मानकों की समीक्षा करने और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं। फिलहाल गोताखोर अभी भी कुछ लापता लोगों की तलाश में जुटे हैं।