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Umaria:घायल बाघ को मिली नई जिंदगी, बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व में सफल रेस्क्यू के बाद जंगल में छोड़ा गया

उमरिया जिले के बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व में घायल मिले तीन वर्षीय नर बाघ को वन विभाग ने समय रहते रेस्क्यू कर इलाज उपलब्ध कराया। विशेषज्ञ टीम की मदद से उसका सफल उपचार किया गया और पूरी तरह स्वस्थ होने के बाद उसे फिर से आवास में छोड़ दिया गया। वन विभाग की तत्परता से एक कीमती वन्यजीव की जान बच सकी।
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घायल बाघ को मिली नई जिंदगी, बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व में सफल रेस्क्यू के बाद जंगल में छोड़ा गया
फाइल फोटो
उमरिया। मध्यप्रदेश के उमरिया जिले स्थित बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व में वन्यजीव संरक्षण की एक महत्वपूर्ण घटना सामने आई है। पनपथा बफर क्षेत्र की बिरुहली बीट में एक घायल बाघ मिलने के बाद वन विभाग ने तुरंत कार्रवाई करते हुए उसका रेस्क्यू किया। इस दौरान विशेषज्ञ डॉक्टरों की टीम ने मौके पर पहुंचकर बाघ का इलाज किया और स्वास्थ्य जांच के बाद उसे सुरक्षित जंगल में वापस छोड़ दिया गया।

शुरू हुआ रेस्क्यू अभियान

यह घटना रविवार को सामने आई जब गश्ती दल ने जंगल में एक बाघ को घायल अवस्था में देखा। बाघ के एक पैर में चोट पाई गई थी। सूचना मिलते ही वन विभाग सक्रिय हो गया और पूरे क्षेत्र में निगरानी बढ़ा दी गई। इसके बाद हाथियों और वनकर्मियों की मदद से सर्च ऑपरेशन शुरू किया गया ताकि बाघ की सही लोकेशन का पता लगाया जा सके। लगातार प्रयासों के बाद टीम ने बाघ को ट्रैक करने में सफलता हासिल की।

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सुरक्षित ट्रैकिंग और इलाज

सोमवार सुबह वन्यप्राणी स्वास्थ्य विशेषज्ञ डॉ. राजेश तोमर की टीम ने बाघ को सफलतापूर्वक ट्रैक किया। क्षेत्र संचालक और उप संचालक के निर्देशन में उसे सुरक्षित तरीके से ट्रैंकुलाइज किया गया। इसके बाद मौके पर ही उसका प्राथमिक उपचार किया गया। डॉक्टरों ने सावधानीपूर्वक उसका स्वास्थ्य परीक्षण किया और चोट का इलाज किया ताकि आगे किसी तरह की परेशानी न हो।

स्वास्थ्य जांच के बाद जंगल में वापसी

रेस्क्यू अभियान के दौरान बाघ का ब्लड सैंपल भी लिया गया ताकि उसकी सेहत की पूरी जानकारी मिल सके। जांच में स्थिति स्थिर पाए जाने के बाद उसे उसी जंगल क्षेत्र में सुरक्षित रूप से छोड़ दिया गया। वन विभाग ने यह सुनिश्चित किया कि बाघ अपने प्राकृतिक वातावरण में बिना किसी बाधा के वापस लौट सके और सामान्य रूप से जीवन जी सके।

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लगातार निगरानी में वन विभाग की टीम

बाघ को छोड़ने के बाद भी वन विभाग की टीम उसकी गतिविधियों पर नजर बनाए हुए है। हाथियों और वनकर्मियों की सहायता से क्षेत्र में निगरानी की जा रही है ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि बाघ पूरी तरह स्वस्थ है। टीम लगातार जंगल के उस हिस्से में गश्त कर रही है जहां उसे छोड़ा गया था।

Aditi Rawat
By Aditi Rawat

अदिति रावत | MCU, भोपाल से M.Sc.(न्यू मीडिया टेक्नॉलजी) | एंकर, न्यूज़ एक्ज़िक्यूटिव की जिम्मेदारिय...Read More

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