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बांधवगढ़ में बाघों की जंग!बाघ शावक का मिला क्षत-विक्षत शव, दूसरे बाघ के हमले की आशंका

मध्य प्रदेश के बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व में 5 महीने के बाघ शावक का क्षत-विक्षत शव मिला है। प्रारंभिक जांच में बाघों के आपसी संघर्ष की आशंका जताई गई है। वन विभाग ने जांच शुरू कर दी है और सुरक्षा बढ़ा दी गई है। जानिए पूरी घटना, जांच और वन विभाग की कार्रवाई।
बाघ शावक का मिला क्षत-विक्षत शव, दूसरे बाघ के हमले की आशंका
    यह सारांश आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस द्वारा तैयार किया गया है और हमारी टीम द्वारा रिव्यू की गई है।

    उमरिया। मध्य प्रदेश के उमरिया जिले से एक चौंकाने वाली खबर सामने आई है। जहां बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व के अंदर एक मासूम बाघ शावक की मौत ने वन विभाग और वन्यजीव प्रेमियों को चिंता में डाल दिया है। पनपथा कोर क्षेत्र में मिले इस शावक के शव की हालत बेहद खराब थी। प्रारंभिक जांच में यह मामला बाघों के बीच आपसी संघर्ष का माना जा रहा है, जिसमें किसी दूसरे बाघ के हमले की आशंका जताई जा रही है।

    कहां मिला शावक का शव?

    यह घटना बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व के पनपथा कोर क्षेत्र की है। अधिकारियों को बघडो बीट के कक्ष क्रमांक आरएफ 443 में एक बाघ शावक का शव मिलने की सूचना मिली थी। सूचना मिलते ही वन विभाग और टाइगर रिजर्व प्रबंधन की टीम मौके पर पहुंच गई। जब टीम ने मौके का निरीक्षण किया तो पाया कि, शावक का शव बुरी तरह क्षत-विक्षत हालत में था। शरीर के कई हिस्से अलग-अलग पड़े हुए थे, जिससे यह स्पष्ट हो गया कि मौत सामान्य नहीं है।

    शुरुआती जांच में आपसी संघर्ष की आशंका

    वन विभाग की प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि, यह मामला बाघों के आपसी संघर्ष का हो सकता है। घटनास्थल पर दूसरे बाघ के पगमार्क मिले हैं, जिससे यह संभावना मजबूत होती है कि, किसी बड़े बाघ ने इस शावक पर हमला किया। जंगल में क्षेत्र और वर्चस्व को लेकर बाघों के बीच संघर्ष आम बात है, लेकिन इतनी कम उम्र के शावक का इस तरह शिकार होना चिंता का विषय माना जा रहा है।

    यह भी पढ़ें: टाइगर स्टेट पर संकट : मप्र ने तीन माह में खो दिए 20 बाघ, देश में 46 की मौत

    डॉग स्क्वायड और गश्त से जुटाए गए सुराग

    मामले की गंभीरता को देखते हुए वन विभाग ने डॉग स्क्वायड की मदद ली। टीम ने आसपास के इलाके में गहन सर्च ऑपरेशन चलाया और कई अहम सुराग जुटाए। इसके अलावा वन अमले ने पैदल गश्त भी की, ताकि आसपास के क्षेत्र में किसी अन्य गतिविधि का पता लगाया जा सके। जांच के दौरान मिले पगमार्क और अन्य संकेत इस ओर इशारा करते हैं कि घटना के पीछे किसी अन्य बाघ का हाथ हो सकता है।

    टाइगर रिजर्व में बढ़ाई गई सुरक्षा

    इस घटना के बाद पूरे बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व में सतर्कता बढ़ा दी गई है। वन विभाग ने क्षेत्र में सुरक्षा कड़ी कर दी है और हाथियों के जरिए गश्त शुरू कर दी गई है। हाथियों की मदद से जंगल के अंदर गहराई तक निगरानी की जा रही है, ताकि किसी भी तरह की असामान्य गतिविधि को तुरंत पकड़ा जा सके। अधिकारियों का कहना है कि, इस तरह की घटनाओं को रोकने के लिए हर जरूरी कदम उठाए जा रहे हैं।

    Bandhavgarh Tiger Reserve

    पोस्टमार्टम के बाद किया अंतिम संस्कार

    घटना के बाद डॉक्टरों की टीम को मौके पर बुलाया गया, जिन्होंने शावक का पोस्टमार्टम किया। पोस्टमार्टम के बाद शावक का अंतिम संस्कार कर दिया गया। वन विभाग के अधिकारियों का कहना है कि, पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के असली कारणों की पुष्टि हो पाएगी। फिलहाल सभी संभावित कारणों की जांच की जा रही है।

    जंगल में क्यों होते हैं ऐसे संघर्ष?

    जानकारी के अनुसार, जंगल में बाघों के बीच क्षेत्र को लेकर संघर्ष होना सामान्य है। हर बाघ का अपना एक क्षेत्र होता है, जिसे वह सुरक्षित रखना चाहता है। कई बार बड़े बाघ छोटे शावकों को भी नुकसान पहुंचा देते हैं, खासकर जब वे उनके क्षेत्र में प्रवेश कर जाते हैं। 

    वन विभाग की जांच जारी

    वन विभाग ने इस पूरे मामले की विस्तृत जांच शुरू कर दी है। अधिकारियों का कहना है कि, सभी पहलुओं को ध्यान में रखते हुए जांच की जा रही है। डॉग स्क्वायड, फील्ड टीम और विशेषज्ञों की मदद से यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि शावक की मौत किन परिस्थितियों में हुई। रिपोर्ट आने के बाद ही पूरे मामले की सच्चाई सामने आएगी।

    Manisha Dhanwani
    By Manisha Dhanwani

    मनीषा धनवानी | जागरण लेकसिटी यूनिवर्सिटी से BJMC | 6 वर्षों के पत्रकारिता अनुभव में सब-एडिटर, एंकर, ...

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