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Amitabh Bachchan Birthday Special: आज भी कायम है बिग बी का जलवा, 4 नेशनल अवॉर्ड से लेकर 'शोले' और 'कल्कि 2898 AD' तक बनाए बड़े रिकॉर्ड

अमिताभ बच्चन 11 अक्टूबर को 84 साल के हो गए हैं। जानिए बिग बी की सुपरहिट फिल्मों, 4 नेशनल फिल्म अवॉर्ड, गोल्डन जुबली रिकॉर्ड और करियर की बड़ी उपलब्धियों की कहानी।
Amitabh Bachchan Birthday Special: आज भी कायम है बिग बी का जलवा, 4 नेशनल अवॉर्ड से लेकर 'शोले' और 'कल्कि 2898 AD' तक बनाए बड़े रिकॉर्ड
5 दशक से ज्यादा का करियर, 4 नेशनल अवॉर्ड और कई ब्लॉकबस्टर फिल्में

हिंदी सिनेमा में अमिताभ बच्चन का नाम किसी पहचान का मोहताज नहीं है। पांच दशक से ज्यादा लंबे करियर में उन्होंने ऐसी फिल्में दीं, जिनके किरदार और संवाद आज भी दर्शकों के दिलों में बसे हैं। 11 अक्टूबर को अमिताभ बच्चन अपना जन्मदिन मना रहे हैं। 'जंजीर', 'दीवार' और 'शोले' से लेकर 'ब्लैक', 'पीकू' और 'कल्कि 2898 AD' तक उनका सफर लगातार बदलते हिंदी सिनेमा की कहानी भी है। चार राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार, यादगार किरदार और अलग-अलग पीढ़ियों के दर्शकों के बीच लोकप्रियता ने उन्हें भारतीय मनोरंजन जगत के सबसे खास कलाकारों में शामिल किया है। आइए, उनके करियर की बड़ी उपलब्धियों और उन रिकॉर्ड्स पर नजर डालते हैं, जिन्होंने बिग बी को सिनेमा का महानायक बनाया।

'सात हिंदुस्तानी' से शुरू हुआ अमिताभ बच्चन का फिल्मी सफर

अमिताभ बच्चन ने 1969 में फिल्म 'सात हिंदुस्तानी' से अपने अभिनय करियर की शुरुआत की थी। शुरुआती दौर में उन्हें सफलता के लिए संघर्ष करना पड़ा, लेकिन उन्होंने अपने अभिनय और आवाज के दम पर धीरे-धीरे पहचान बनाई। 1971 में आई फिल्म 'आनंद' में उन्होंने राजेश खन्ना के साथ काम किया। इस फिल्म में उनके अभिनय को सराहना मिली और उन्हें सर्वश्रेष्ठ सहायक अभिनेता का फिल्मफेयर पुरस्कार भी मिला। इसके बाद 1973 में 'जंजीर' की सफलता ने उनके करियर की दिशा बदल दी। इस फिल्म ने अमिताभ को उस दौर के सबसे चर्चित अभिनेताओं में शामिल कर दिया। उनके गंभीर अंदाज और अन्याय के खिलाफ लड़ने वाले किरदार ने दर्शकों के बीच अलग छाप छोड़ी।

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70–80 के दशक के अमिताभ का दमदार फिल्मी अंदाज

'शोले', 'दीवार' और 'डॉन' ने बनाया महानायक

सत्तर और अस्सी के दशक में अमिताभ बच्चन ने एक के बाद एक कई सफल फिल्मों में काम किया। उनकी फिल्मों ने न सिर्फ बॉक्स ऑफिस पर अच्छा प्रदर्शन किया, बल्कि हिंदी सिनेमा में उनके अभिनय की एक अलग पहचान भी बनाई। उनकी कुछ सबसे चर्चित फिल्में:

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84 साल की उम्र में भी कायम है बिग बी का जलवा बरकरार

84 साल की उम्र में भी कायम है बिग बी का जलवा बरकरार

  • जंजीर (1973): इस फिल्म ने अमिताभ को बड़ी पहचान दिलाई और उनकी 'एंग्री यंग मैन' की छवि मजबूत की।
  • दीवार (1975): विजय के किरदार में उनके अभिनय और संवादों को दर्शकों ने खूब पसंद किया।
  • शोले (1975): जय के किरदार में अमिताभ बच्चन की अदाकारी हिंदी सिनेमा की यादगार प्रस्तुतियों में गिनी जाती है।
  • अमर अकबर एंथनी (1977): कॉमेडी, ड्रामा और मनोरंजन से भरपूर इस फिल्म में उनका एंथनी गोंसाल्विस का किरदार लोकप्रिय हुआ।
  • डॉन (1978): दोहरी भूमिका और दमदार अंदाज ने फिल्म को खास पहचान दिलाई।
  • मुकद्दर का सिकंदर (1978): इस फिल्म में उनके भावनात्मक अभिनय को दर्शकों का भरपूर प्यार मिला।
  • कुली (1983): फिल्म के सेट पर गंभीर चोट लगने के बाद भी अमिताभ की लोकप्रियता कायम रही।

1978 का साल क्यों था अमिताभ बच्चन के लिए खास?

अमिताभ बच्चन के करियर में 1978 का साल बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है। इस दौरान उनकी 'डॉन', 'त्रिशूल', 'मुकद्दर का सिकंदर' और 'कसमें वादे' जैसी फिल्में रिलीज हुईं। एक ही साल में कई चर्चित फिल्मों में नजर आना उनकी लोकप्रियता और काम के प्रति प्रतिबद्धता को दिखाता है। उस दौर में फिल्मों की सफलता का आकलन केवल कमाई से नहीं, बल्कि सिनेमाघरों में उनके चलने की अवधि से भी किया जाता था। सिल्वर जुबली और गोल्डन जुबली जैसी उपलब्धियां फिल्म की लोकप्रियता का बड़ा पैमाना थीं। हालांकि, अमिताभ की हर फिल्म के जुबली रिकॉर्ड के बारे में एक जैसा दावा करने से पहले उसके अलग-अलग बॉक्स ऑफिस आंकड़ों की पुष्टि जरूरी है।

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बिग बी की अभिषेक बच्चन के साथ खास तस्वीर

एक फिल्म में तीन किरदार निभाकर भी बटोरी चर्चा

अमिताभ बच्चन ने अपने करियर में कई फिल्मों में दोहरी भूमिकाएं निभाई हैं। 'अदालत', 'डॉन' और 'कसमें वादे' जैसी फिल्मों में उनके अलग-अलग किरदार चर्चा में रहे। 1983 में रिलीज हुई फिल्म 'महान' में उन्होंने तीन भूमिकाएं निभाईं। एक ही फिल्म में अलग-अलग व्यक्तित्व वाले किरदारों को पर्दे पर उतारना उनके अभिनय करियर का उल्लेखनीय हिस्सा रहा। इस तरह की भूमिकाओं में अभिनेता को आवाज, हाव-भाव और व्यक्तित्व में अंतर दिखाना पड़ता है। अमिताभ ने अपने करियर में कई तरह के किरदार निभाकर अपनी अभिनय क्षमता का परिचय दिया।

4 राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार जीत चुके हैं अमिताभ बच्चन

अमिताभ बच्चन को उनके शानदार अभिनय के लिए चार बार सर्वश्रेष्ठ अभिनेता की श्रेणी में राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार से सम्मानित किया गया है। यह उपलब्धि उनके करियर की सबसे बड़ी खासियतों में से एक है।

  • अग्निपथ: विजय दीनानाथ चौहान के किरदार में अमिताभ ने गुस्से, दर्द और बदले की भावना को प्रभावशाली अंदाज में पेश किया। इस फिल्म के लिए उन्हें सर्वश्रेष्ठ अभिनेता का राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार मिला।
  • ब्लैक: संजय लीला भंसाली की इस फिल्म में उन्होंने देबराज सहाय का किरदार निभाया। एक दृष्टिबाधित और सुनने में असमर्थ लड़की को जीवन की चुनौतियों से लड़ना सिखाने वाले शिक्षक की भूमिका के लिए उन्हें राष्ट्रीय पुरस्कार मिला।
  • पा: इस फिल्म में उन्होंने प्रोजेरिया से प्रभावित बच्चे ऑरो का किरदार निभाया। उनके अभिनय को काफी सराहना मिली और उन्हें राष्ट्रीय पुरस्कार से सम्मानित किया गया।
  • पीकू: इस फिल्म में उन्होंने एक चिड़चिड़े लेकिन संवेदनशील पिता भास्कर बनर्जी की भूमिका निभाई। दीपिका पादुकोण के साथ उनकी केमिस्ट्री और सहज अभिनय को दर्शकों ने पसंद किया।

इन फिल्मों में अमिताभ ने दिखाया कि वह केवल एक्शन या गंभीर संवादों वाले किरदारों तक सीमित नहीं हैं, बल्कि भावनात्मक और चुनौतीपूर्ण भूमिकाओं में भी अपनी छाप छोड़ सकते हैं।

'पा' में अभिषेक बच्चन के बेटे बने थे अमिताभ

अमिताभ बच्चन और अभिषेक बच्चन ने असल जिंदगी में पिता-पुत्र का रिश्ता साझा किया है, लेकिन फिल्म 'पा' में दोनों ने इससे उलट संबंध निभाया। अमिताभ ने ऑरो नाम के बच्चे का किरदार निभाया, जबकि अभिषेक ने उनके पिता की भूमिका निभाई।फिल्म की यह अनोखी कास्टिंग दर्शकों के लिए खास आकर्षण बनी। अमिताभ का अपने वास्तविक बेटे के बेटे की भूमिका निभाना उनके करियर के सबसे यादगार प्रयोगों में शामिल है।

मैडम तुसाद से अंतरराष्ट्रीय पहचान तक

अमिताभ बच्चन की लोकप्रियता भारत तक सीमित नहीं रही। उन्हें अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी पहचान मिली। लंदन के मैडम तुसाद संग्रहालय में उनकी मोम की प्रतिमा स्थापित होना उनकी वैश्विक लोकप्रियता का एक उल्लेखनीय उदाहरण है। 1999 में बीबीसी के ऑनलाइन पोल में उन्हें 'एक्टर ऑफ द मिलेनियम' चुना गया था। इस तरह की उपलब्धियों ने उन्हें भारतीय सिनेमा के उन कलाकारों में शामिल किया, जिनकी लोकप्रियता सीमाओं से परे पहुंची।

'कल्कि 2898 AD' में अश्वत्थामा बनकर फिर छाए बिग बी

अमिताभ बच्चन ने नई पीढ़ी के दर्शकों के बीच भी अपनी मजबूत मौजूदगी बनाए रखी है। 2024 में रिलीज हुई फिल्म 'कल्कि 2898 AD' में उन्होंने अश्वत्थामा की भूमिका निभाई। फिल्म में उनके प्रभावशाली व्यक्तित्व और दमदार अभिनय को दर्शकों से सराहना मिली। इसके अलावा 'पीकू', 'पिंक' और 'ब्रह्मास्त्र: पार्ट वन' जैसी फिल्मों ने साबित किया कि अमिताभ अलग-अलग शैलियों की कहानियों में भी अपनी जगह बना सकते हैं।

Garima Vishwakarma
By Garima Vishwakarma

गरिमा विश्वकर्मा | People’s Institute of Media Studies से B.Sc. Electronic Media की डिग्री | पत्रकार...

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