बालाघाट के प्रभावित गांवों में स्वास्थ्य अभियान तेज, 492 मरीज स्वस्थ होकर घर लौटे

बालाघाट के प्रभावित गांवों में बीमारी की रोकथाम और ग्रामीणों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं देने के लिए प्रशासन ने स्वास्थ्य अभियान तेज कर दिया है। स्वास्थ्य विभाग के साथ महिला एवं बाल विकास, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी और पंचायत विभाग की टीमें गांव-गांव पहुंचकर लोगों की जांच और उपचार कर रही हैं। इसके साथ ही दवा वितरण, टीकाकरण, फॉगिंग, कीटनाशक छिड़काव, पेयजल शुद्धिकरण और स्वच्छता अभियान भी चलाया जा रहा है।
7,019 लोगों की जांच, 1,242 बीमार मिले
स्वास्थ्य विभाग की 20 सर्वेक्षण टीमों ने अब तक 7,019 लोगों की जांच की है। जांच के दौरान 1,242 लोग विभिन्न बीमारियों से प्रभावित मिले। मरीजों की स्थिति के अनुसार उन्हें अस्पताल में भर्ती कराने के साथ घर पर भी उपचार उपलब्ध कराया गया। जिला अस्पताल भेजे गए 565 मरीजों में से 492 मरीज स्वस्थ होकर डिस्चार्ज हो चुके हैं। वहीं 73 मरीजों का उपचार अभी जारी है। 14 सितंबर को भी 22 लोगों को बेहतर उपचार के लिए एहतियातन जिला चिकित्सालय रेफर किया गया।
बच्चों के स्वास्थ्य और टीकाकरण पर फोकस
अभियान के दौरान बच्चों के स्वास्थ्य और पोषण पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। सर्वेक्षण के दौरान 1,045 बच्चों को विटामिन-ए, ओआरएस और जिंक दिया गया। 968 बच्चों को आयरन सिरप और 855 बच्चों को एल्बेंडाजोल दिया गया। इसके अलावा 483 टीकाकरण सत्र आयोजित किए जा चुके हैं, जिनमें 21,599 बच्चों का टीकाकरण किया गया है। स्वास्थ्य सेवाओं के लिए 18 चिकित्सा अधिकारी, चार एंबुलेंस और छह प्रधानमंत्री जनमन मोबाइल चिकित्सा इकाइयों को मैदान में तैनात किया गया है।
52 गांवों में कीटनाशक छिड़काव, 44 में फॉगिंग
संक्रमण की रोकथाम के लिए प्रभावित गांवों में कीटनाशक छिड़काव और फॉगिंग कराई जा रही है। अब तक 52 गांवों के 5,511 घरों में कीटनाशक का छिड़काव किया गया है। वहीं 44 गांवों के 8,610 घरों में फॉगिंग कराई गई है। महिला एवं बाल विकास विभाग की टीमें आंगनबाड़ी केंद्रों की सफाई के साथ बच्चों को भोजन और पोषण आहार उपलब्ध करा रही हैं।
पेयजल की जांच और हैंडपंपों की मरम्मत
ग्रामीणों को सुरक्षित पेयजल उपलब्ध कराने के लिए लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग भी अभियान में जुटा है। विभाग ने 15 गांवों के 49 हैंडपंपों का क्लोरीनेशन कराया है। इसके अलावा पांच जलस्रोतों से पानी के नमूने लिए गए और आठ हैंडपंपों की मरम्मत कराई गई। पंचायत विभाग की ओर से जलस्रोतों, नालियों और ग्रामीण मार्गों की सफाई कराई गई है। प्रभावित परिवारों को राशन सामग्री भी वितरित की जा रही है।
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इलाज के साथ रोकथाम पर भी जोर
प्रशासन का फोकस केवल बीमार मरीजों के उपचार तक सीमित नहीं है। बीमारी की रोकथाम, बच्चों के पोषण, स्वच्छता और सुरक्षित पेयजल को भी अभियान में शामिल किया गया है। ग्रामीणों को घर और आसपास साफ-सफाई रखने, सुरक्षित पानी पीने और बीमारी के लक्षण दिखाई देने पर तत्काल स्वास्थ्य केंद्र पहुंचने के लिए जागरूक किया जा रहा है।




















