AI की चमक के पीछे छिपा साइबर खतरा! पुलिस की चेतावनी, बच्चों की गेमिंग पर भी रखें नजर

सोहागपुर। सोशल मीडिया और AI के बढ़ते इस्तेमाल के बीच साइबर सुरक्षा को लेकर पुलिस ने लोगों को सावधान किया है। पुलिस का कहना है कि तकनीक का इस्तेमाल करते समय थोड़ी सी लापरवाही भी परेशानी खड़ी कर सकती है। इन दिनों पुरानी फोटो और वीडियो को नए अंदाज में तैयार करने के लिए कई AI टूल्स का इस्तेमाल हो रहा है। ऐसे ऐप में फोटो, वीडियो और निजी जानकारी मांगी जाती है। दूसरी ओर, बच्चों में ऑनलाइन गेमिंग का बढ़ता चलन भी अभिभावकों के लिए चिंता का कारण बन रहा है। पुलिस ने लोगों से डिजिटल गतिविधियों पर ध्यान देने और बच्चों को सुरक्षित ऑनलाइन आदतें सिखाने की अपील की है।
AI ऐप में फोटो डालने से पहले सोचें
आजकल AI की मदद से पुरानी तस्वीरों और वीडियो को नया रूप देना काफी आसान हो गया है। सोशल मीडिया पर भी ऐसे कई टूल तेजी से इस्तेमाल किए जा रहे हैं। पुलिस ने लोगों से कहा है कि किसी भी AI ऐप में फोटो या वीडियो डालने से पहले उसकी परमिशन और मांगी गई जानकारी को जरूर पढ़ें। बिना जानकारी के किसी ऐप को कैमरा, गैलरी या दूसरी निजी चीजों की अनुमति देना जोखिम भरा हो सकता है।
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एक गलत क्लिक से हो सकता है नुकसान
साइबर ठगी से बचने के लिए पुलिस ने अनजान लिंक से दूरी बनाने की सलाह दी है। किसी व्यक्ति या ग्रुप से आई संदिग्ध लिंक पर तुरंत क्लिक नहीं करना चाहिए। इसी तरह अज्ञात APK फाइल डाउनलोड करके मोबाइल में इंस्टॉल करने से भी बचना जरूरी है। ऐसी फाइल के जरिए मोबाइल की जानकारी गलत हाथों में जाने का खतरा हो सकता है।
बच्चों की ऑनलाइन गेमिंग बनी चिंता
पुलिस के अनुसार क्षेत्र में कुछ अभिभावकों ने बच्चों के ऑनलाइन गेम खेलने को लेकर चिंता जताई है। एविएटर जैसे पैसों से जुड़े गेम बच्चों को लगातार खेलने के लिए आकर्षित कर सकते हैं। कुछ मामलों में बच्चों द्वारा मोबाइल अकाउंट में पैसे डालने की जिद करने की बात भी सामने आई है। गेम खेलने की आदत बढ़ने पर बच्चों के व्यवहार और मानसिक स्थिति पर भी असर पड़ सकता है।
मोबाइल से ज्यादा जरूरी बच्चों पर ध्यान
पुलिस ने अभिभावकों से कहा है कि वे बच्चों को मोबाइल देकर निश्चिंत न रहें। यह देखना जरूरी है कि बच्चा कौन से गेम खेल रहा है, किससे बात कर रहा है और कहीं ऑनलाइन पैसे तो नहीं लगा रहा। बच्चों के व्यवहार में अचानक बदलाव दिखे तो उनसे शांत तरीके से बात करनी चाहिए। उन्हें पढ़ाई के साथ खेलकूद और दूसरी रचनात्मक गतिविधियों में व्यस्त रखना भी मददगार हो सकता है।
दोस्तों के कहने पर भी गेम में पैसे न लगाएं
पुलिस ने बच्चों को भी समझाया है कि अगर कोई दोस्त ऑनलाइन गेम खेलने या किसी अकाउंट में पैसे डालने के लिए कहता है तो ऐसा नहीं करना चाहिए। पैसे से जुड़े ऑनलाइन गेम में नुकसान होने पर बच्चे तनाव में आ सकते हैं। पुलिस ने कहा है कि जरूरत पड़ने पर बच्चों और उनके अभिभावकों को बुलाकर समझाइश भी दी जाएगी।
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बैंकिंग जानकारी किसी से साझा न करें
पुलिस ने लोगों को मोबाइल पर बैंकिंग से जुड़ी जानकारी सुरक्षित रखने की सलाह दी है। OTP, पासवर्ड, बैंक संबंधी जानकारी और दूसरी निजी डिटेल किसी अनजान व्यक्ति के साथ साझा नहीं करनी चाहिए। किसी संदिग्ध गतिविधि या साइबर ठगी की स्थिति में देरी किए बिना पुलिस को जानकारी देना जरूरी है। पुलिस का कहना है कि सावधानी और जागरूकता से डिजिटल धोखाधड़ी के कई मामलों से बचा जा सकता है।
EDIT BY: ADITI RAWAT




















