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खतरे में नौनिहाल-दमोह के अर्थखेड़ा का प्राइमरी स्कूल भवन जर्जर, नई बिल्डिंग की मांग को लेकर कलेक्ट्रेट पहुंचे ग्रामीण

दमोह के अर्थखेड़ा गांव में शासकीय नवीन प्राथमिक शाला का भवन करीब आठ वर्षों से जर्जर है। 43 विद्यार्थियों की सुरक्षा को देखते हुए ग्रामीण मंगलवार को कलेक्ट्रेट पहुंचे और नवीन भवन निर्माण की मांग की। फिलहाल बच्चों की कक्षाएं यज्ञशाला में संचालित हो रही हैं, जबकि मध्याह्न भोजन आंगनबाड़ी केंद्र में कराया जा रहा है।
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खतरे में नौनिहाल-दमोह के अर्थखेड़ा का प्राइमरी स्कूल भवन जर्जर, नई बिल्डिंग की मांग को लेकर कलेक्ट्रेट पहुंचे ग्रामीण
दमोह। अर्थखेड़ा का सरकारी प्राइमरी स्कूल जर्जर हालत में है।

दमोह। जिले के जबेरा तहसील अंतर्गत ग्राम पंचायत कटंगी के ग्राम अर्थखेड़ा में शासकीय नवीन प्राथमिक शाला का भवन लंबे समय से जर्जर हालत में है। भवन की खराब स्थिति के चलते यहां पढ़ने वाले करीब 43 विद्यार्थियों की सुरक्षा पर सवाल खड़े हो रहे हैं। नवीन स्कूल भवन निर्माण की मांग को लेकर मंगलवार को ग्रामीण विद्यार्थियों के साथ कलेक्ट्रेट पहुंचे और अधिकारियों को आवेदन सौंपकर शीघ्र कार्रवाई की मांग की।

आठ साल से खतरनाक स्थिति

ग्रामीणों ने आवेदन में बताया कि ग्राम अर्थखेड़ा स्थित शासकीय नवीन प्राथमिक शाला का भवन करीब आठ वर्षों से जर्जर स्थिति में है। समय के साथ भवन की हालत लगातार खराब होती गई, जिसके कारण उसमें बच्चों को बैठाकर पढ़ाना जोखिम भरा हो गया है। ग्रामीणों का कहना है कि स्कूल में बड़ी संख्या में बच्चे अध्ययनरत हैं, लेकिन उनके लिए सुरक्षित भवन उपलब्ध नहीं है।

 यज्ञशाला में लग रही कक्षाएं

स्कूल शिक्षक के अनुसार भवन की स्थिति पिछले सात-आठ वर्षों से खराब है। पहले भवन की हालत कुछ बेहतर थी, लेकिन समय के साथ समस्या बढ़ती गई। वर्तमान में बच्चों की पढ़ाई स्कूल भवन के समीप स्थित एक यज्ञशाला में कराई जा रही है। इसके चलते शिक्षकों को रोजाना स्कूल के जर्जर भवन से अलमारी में रखी आवश्यक शैक्षणिक सामग्री निकालकर यज्ञशाला तक ले जाना पड़ता है और कक्षाएं समाप्त होने के बाद सामग्री दोबारा वहां रखनी पड़ती है। इससे शिक्षकों को अतिरिक्त परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

 

 आंगनबाड़ी में कराया जा रहा मध्याह्न भोजन

शिक्षक ने बताया कि बच्चों के भोजन की व्यवस्था भी आंगनबाड़ी केंद्र में की जा रही है। इस तरह स्कूल भवन की जर्जर स्थिति का असर केवल कक्षाओं के संचालन तक सीमित नहीं है, बल्कि विद्यार्थियों से जुड़ी अन्य व्यवस्थाएं भी प्रभावित हो रही हैं। ग्रामीणों का कहना है कि बच्चों को सुरक्षित और व्यवस्थित शैक्षणिक माहौल उपलब्ध कराना प्रशासन की प्राथमिकता होनी चाहिए।

बीआरसी को दी जा चुकी है सूचना

शिक्षक के मुताबिक स्कूल भवन की जर्जर स्थिति की जानकारी बीआरसी जबेरा को पहले ही दी जा चुकी है। हालांकि, इस संबंध में अब तक क्या कार्रवाई हुई, इसकी जानकारी स्कूल स्तर पर नहीं है। ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि मामले का तत्काल निरीक्षण कराकर जर्जर भवन की स्थिति का आकलन किया जाए और नवीन भवन निर्माण की स्वीकृति प्रदान की जाए।

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बच्चों की सुरक्षा को लेकर चिंता 

ग्रामीणों का कहना है कि जर्जर भवन में कभी भी कोई अप्रिय घटना हो सकती है। ऐसे में किसी दुर्घटना का इंतजार करने के बजाय समय रहते स्कूल के लिए नवीन भवन स्वीकृत किया जाना जरूरी है। ग्रामीणों और विद्यार्थियों ने प्रशासन से मांग की है कि नवीन भवन निर्माण की स्वीकृति के बाद निर्माण कार्य भी शीघ्र शुरू कराया जाए, ताकि बच्चों को सुरक्षित भवन, बेहतर शैक्षणिक वातावरण और आवश्यक सुविधाएं मिल सकें।

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Dheeraj Jonsan
By Dheeraj Jonsan
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