CG NEWS:बैलाडीला लौह अयस्क चोरी मामला: रेलवे के 8 अधिकारी-कर्मचारियों का प्रमोशन और इंक्रीमेंट रोका, विजिलेंस जांच में बड़ा खुलासा।

DANTEWADA NEWS छत्तीसगढ़ के दंतेवाड़ा जिले स्थित बैलाडीला क्षेत्र से लौह अयस्क की चोरी और अवैध परिवहन के मामले में रेलवे प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई की है। विजिलेंस की गोपनीय जांच में करोड़ों रुपये के लौह अयस्क को अतिरिक्त वैगनों के माध्यम से परिवहन किए जाने का खुलासा होने के बाद रेलवे के 8 अधिकारी-कर्मचारियों की पदोन्नति और वेतनवृद्धि पर रोक लगा दी गई है।
विजिलेंस जांच में सामने आया बड़ा खुलासा
रेलवे विजिलेंस की टॉप-सीक्रेट जांच में यह तथ्य सामने आया कि बैलाडीला से रवाना होने वाली 57 वैगनों की स्वीकृत मालगाड़ी में नियमों को दरकिनार करते हुए दो अतिरिक्त वैगन जोड़ दिए गए थे। इन वैगनों में करोड़ों रुपये मूल्य का लौह अयस्क भरकर सैकड़ों किलोमीटर दूर भेजा गया। हैरानी की बात यह रही कि पूरे घटनाक्रम की जानकारी रेलवे के नियमित मॉनिटरिंग सिस्टम को भी नहीं लग सकी।
दंतेवाड़ा के बैलाडीला क्षेत्र से जुड़ा है मामला
यह पूरा मामला बस्तर संभाग के दंतेवाड़ा जिले में स्थित बैलाडीला की खदानों से लौह अयस्क के कथित अवैध परिवहन से जुड़ा हुआ है। जांच में सामने आया कि स्वीकृत रैक की तुलना में अधिक वैगनों का उपयोग कर बड़े पैमाने पर खनिज परिवहन किया गया। मामला सामने आने के बाद रेलवे प्रशासन ने तत्काल कार्रवाई शुरू की।
5 अधिकारियों सहित 8 कर्मचारियों पर कार्रवाई
मामले के उजागर होने के बाद एक कर्मचारी को सेवा से बर्खास्त कर दिया गया। वहीं रेलवे के 5 अधिकारियों और 3 अन्य कर्मचारियों की पदोन्नति तथा वार्षिक वेतनवृद्धि पर तत्काल प्रभाव से रोक लगा दी गई है। विभागीय स्तर पर आगे की जांच और अनुशासनात्मक कार्रवाई भी जारी है।
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ऐसे जोड़े गए थे अतिरिक्त वैगन
जानकारी के अनुसार बचेली और किरंदुल लोडिंग प्लांट से प्रतिदिन की तरह 57 वैगनों वाली रैक को मंजूरी दी गई थी। आरोप है कि आपसी मिलीभगत के जरिए इसमें दो अतिरिक्त वैगन जोड़ दिए गए। इन वैगनों में लौह अयस्क लोड कर बिना अधिकृत अनुमति के आगे भेज दिया गया। डिजिटल रिकॉर्ड और भौतिक दस्तावेजों के मिलान के दौरान यह अनियमितता पकड़ में आई।
डिजिटल लॉग से खुली पोल
विजिलेंस टीम ने जब मालगाड़ी संचालन से जुड़े डिजिटल लॉग, मूवमेंट रिकॉर्ड और लोडिंग दस्तावेजों की जांच की तो अतिरिक्त वैगनों का पूरा विवरण सामने आ गया। जांच में यह भी पाया गया कि रिकॉर्ड में हेरफेर कर मामले को छिपाने की कोशिश की गई थी, लेकिन तकनीकी जांच के दौरान पूरी साजिश उजागर हो गई।
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आगे और बढ़ सकती है कार्रवाई
रेलवे सूत्रों के अनुसार मामले में अभी जांच जारी है। यदि जांच में अन्य कर्मचारियों या अधिकारियों की भूमिका सामने आती है तो उनके खिलाफ भी कड़ी विभागीय कार्रवाई की जा सकती है। रेलवे प्रशासन इस पूरे मामले को गंभीर वित्तीय अनियमितता और सुरक्षा चूक के रूप में देख रहा है।












