Peoples Update Special :प्रदेश में अब मरीजों का इलाज पेपरलेस होगा, पर्ची लेकर भटकना नहीं पड़ेगा

मप्र के सरकारी अस्पतालों में जल्द ही इलाज की पूरी प्रक्रिया डिजिटल होने जा रही है। डॉक्टर अब कागजी पर्ची की जगह टैबलेट पर दवाइयां और जांचें लिखेंगे, जबकि एक्स-रे, सीटी स्कैन और पैथोलॉजी रिपोर्ट भी ऑनलाइन उपलब्ध होगी। पहले चरण में भोपाल, इंदौर, जबलपुर और ग्वालियर के जिला अस्पतालों में इसे लागू किया जाएगा। नई व्यवस्था 15 अगस्त से शुरू हो सकती है।
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प्रदेश में अब मरीजों का इलाज पेपरलेस होगा, पर्ची लेकर भटकना नहीं पड़ेगा
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हर्षित चौरसिया,जबलपुर। प्रदेशभर के सरकारी अस्पतालों में आने वाले मरीजों को डॉक्टर परामर्श के बाद पर्ची में नहीं टैबलेट में दवाइयां लिखेंगे। इसके अलावा, एक्स-रे, सीटी स्कैन और पैथोलॉजी से जुड़ी कोई भी जांच रिपोर्ट अब फिजिकल पेपर पर नहीं दी जाएगी, बल्कि पूरी प्रक्रिया ऑनलाइन संचालित होगी। यह नई व्यवस्था HIMS (हॉस्पिटल इन्फॉर्मेशन मैनेजमेंट सिस्टम) से जुड़ा होगा। डेटा भोपाल मुख्यालय में सुरक्षित होगा।

इसलिए बेहतर है ये व्यवस्था

यह व्यवस्था मरीज की अपनी आभा आईडी के साथ चलेगी। इससे मरीजों का संपूर्ण डिजिटल रिकॉर्ड एक ही डिजिटल प्लेटफॉर्म पर सुरक्षित रहेगा, जिसे देश में कहीं से भी और किसी भी समय आसानी से एक्सेस किया जा सकेगा।  डिजिटल होने के कारण मरीजों को अपनी पुरानी रिपोटर््स संभालकर रखने या उन्हें ढूंढने में होने वाली परेशानियों से भी राहत मिलेगी। इसे मरीज कभी भी कहीं भी देख सकेगा।

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इन शहरों में होगी लागू

विभाग के मुताबिक प्रदेश में इस नई व्यवस्था को पहले पायलट प्रोजेक्ट के तहत भोपाल, इंदौर, जबलपुर एवं ग्वालियर के जिला अस्पतालों में शुरू करने की तैयारी है।  संभवत: 15 अगस्त से पहले चरण के तहत इन चारों जिलों के सरकारी अस्पतालों को पूरी तरह से डिजिटल मोड में स्थानांतरित कर दिया जाएगा।  इस नई व्यवस्था के लागू होने के साथ ही अस्पतालों से कागजी फाइलों, लंबी कतारों और पारंपरिक प्रिस्क्रिप्शन बुक का दौर हमेशा के लिए समाप्त हो जाएगा।

कर्मचारियों को दी जाएगी ट्रेनिंग

इस महत्वाकांक्षी डिजिटल बदलाव को बिना किसी रुकावट के धरातल पर उतारने के लिए स्वास्थ्य विभाग ने पुख्ता तैयारियां शुरू कर दी हैं। सभी चिकित्सकों, पैरामेडिकल स्टाफ और प्रयोगशाला तकनीशियनों को टैबलेट के संचालन, ई-प्रिस्क्रिप्शन तैयार करने और एचआईएमएस पोर्टल पर डेटा एंट्री का विशेष प्रशिक्षण दिया जाएगा। साथ ही सभी अस्पतालों से टैबलेट की डिमांड और आईटी से संबंधित जानकारी मांगी गई है।  

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पर्ची काउंटर और डॉक्टरों के कैबिन के बाहर कतारें नहीं लगेंगी

आने वाले समय में चिकित्सक मरीजों को टैबलेट पर दवाएं, जांच प्रिस्क्राइब करेंगे। इसके लिए विभाग के आयुक्त ने बैठक लेकर चर्चा कर इस नई व्यवस्था का उद्देश्य बताया है। इसके शुरू होने से पर्ची काउंटर और डॉक्टरों के बाहर लगने वाली लंबी कतारों की समस्या भी काफी हद तक खत्म हो जाएगी। 

डॉ. नवीन कोठारी, सीएमएचओ जबलपुर।

Naresh Bhagoria
By Naresh Bhagoria

नरेश भगोरिया। 27 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हूं। माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता विश्ववि...Read More

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