रायसेन: प्राकृतिक आपदाओं से निपटने के लिए पुलिस ने की तैयारी, रेस्क्यू बोट का ट्रायल

रायसेन। थाना प्रभारी बाड़ी जेपी त्रिपाठी की मौजूदगी में पुलिसकर्मियों और रेस्क्यू टीम ने जलाशय में बोट का संचालन किया। लाइफ जैकेट सहित सभी सुरक्षा संसाधनों के साथ टीम ने अलग-अलग परिस्थितियों में बोट के संचालन का जायजा लिया। बारिश में अचानक जलस्तर बढ़ने से होने वाली दुर्घटनाओं को देखते हुए यह व्यावहारिक परीक्षण किया गया। पुलिस का उद्देश्य आपात स्थिति में रेस्क्यू टीम को तत्काल मौके पर पहुंचाकर राहत और बचाव कार्य शुरू करना है।
पानी में उतारकर जांची रेस्क्यू बोट की क्षमता
थाना प्रभारी बाड़ी जेपी त्रिपाठी की मौजूदगी में पुलिसकर्मियों और रेस्क्यू टीम ने जलाशय में बोट का संचालन किया। ट्रायल के दौरान टीम के सदस्यों ने सुरक्षा उपकरणों के साथ बोट में सवार होकर पानी में उसकी गति, संतुलन और नियंत्रण व्यवस्था को परखा। लाइफ जैकेट सहित सभी सुरक्षा संसाधनों के साथ टीम ने विभिन्न परिस्थितियों में बोट के संचालन का जायजा लिया। इस दौरान यह भी देखा गया कि जरूरत पड़ने पर बोट को जलाशय के भीतर किस तरह सुरक्षित तरीके से संचालित किया जा सकता है।
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आपात स्थिति में तत्काल रेस्क्यू का मकसद
बारिश के दिनों में नदी-नालों और जलाशयों में अचानक जलस्तर बढ़ने से हादसों का खतरा बढ़ जाता है। ऐसे में किसी व्यक्ति के पानी में फंसने या डूबने की स्थिति में बचाव दल का समय पर घटनास्थल पहुंचना जरूरी होता है। इसी उद्देश्य से रेस्क्यू बोट को पानी में उतारकर उसका व्यावहारिक परीक्षण किया गया। पुलिस ने यह भी जांचा कि आवश्यकता पड़ने पर रेस्क्यू टीम जलाशय के भीतर पहुंचकर किस प्रकार बचाव अभियान संचालित कर सकती है।
दुर्घटनाओं से निपटने की तैयारी
पुलिस की इस कवायद को बारिश के दौरान होने वाली संभावित जल दुर्घटनाओं से निपटने की तैयारियों के लिहाज से अहम माना जा रहा है। रेस्क्यू बोट को पहले से तैयार रखने से जरूरत पड़ने पर पुलिस और बचाव दल को जल क्षेत्र में पहुंचने के लिए अतिरिक्त संसाधनों पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा। इससे किसी भी आकस्मिक स्थिति में राहत और बचाव कार्य को तेजी से शुरू करने में मदद मिलेगी। बारिश के दौरान जलाशय क्षेत्रों में लगातार निगरानी रखने की व्यवस्था भी की जा रही है।
जलाशय क्षेत्रों में लगातार निगरानी
थाना प्रभारी जेपी त्रिपाठी ने कहा कि बारिश के मौसम में जलाशय क्षेत्रों में लगातार निगरानी रखी जा रही है। रेस्क्यू बोट का ट्रायल इसी तैयारी का हिस्सा है, ताकि किसी भी आकस्मिक परिस्थिति में उपलब्ध संसाधनों का तत्काल उपयोग किया जा सके। बाड़ी पुलिस की यह तैयारी संभावित आपदा या जल दुर्घटना की स्थिति में तुरंत राहत और बचाव कार्रवाई के लिए टीम को तैयार रखने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। पुलिस का प्रयास है कि जरूरत पड़ने पर रेस्क्यू टीम और संसाधनों को बिना देरी के मौके तक पहुंचाया जा सके।












