कलयुगी पोते की खौफनाक करतूत, रोक-टोक से नाराज होकर घोंट दिया 80 वर्षीय दादा का गला

सीहोर। रिश्तों की मर्यादा को तार-तार कर देने वाली एक सनसनीखेज वारदात ने पूरे इलाके को झकझोर दिया। बिलकिसगंज थाना क्षेत्र के ग्राम खुटियाखेड़ी में 80 वर्षीय बुजुर्ग की हत्या का ऐसा मामला सामने आया, जिसमें कातिल कोई बाहरी नहीं बल्कि उनका अपना पोता निकला। पुलिस ने महज 24 घंटे के भीतर अंधे कत्ल की गुत्थी सुलझाते हुए आरोपी पोते को गिरफ्तार कर लिया।
मुंह और गले पर मिले दबाने के निशान
पुलिस के अनुसार 6 अगस्त को खुटियाखेड़ी में खेत स्थित मकान के अंदर 80 वर्षीय हरिनारायण वर्मा का शव संदिग्ध परिस्थितियों में मिला था। बुजुर्ग के मुंह और गले पर चोट के निशान थे। गले पर उंगलियों से दबाने के स्पष्ट निशान मिलने के बाद पुलिस को प्रथम दृष्टया मामला हत्या का नजर आया। सूचना मिलते ही पुलिस ने घटनास्थल का बारीकी से निरीक्षण कर साक्ष्य जुटाने शुरू कर दिए।
एसपी ने मौके पर पहुंचकर दिए सख्त निर्देश
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक सोनाक्षी सक्सेना स्वयं घटनास्थल पर पहुंचीं। उन्होंने घटनास्थल का निरीक्षण करते हुए अधिकारियों को जल्द से जल्द आरोपी तक पहुंचने और मामले का खुलासा करने के निर्देश दिए। इसके बाद पुलिस ने परिजनों और आसपास के लोगों से पूछताछ शुरू की तथा उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर जांच आगे बढ़ाई।
पोते के बदलते बयानों ने खड़ा किया शक
जांच के दौरान पुलिस की नजर 26 वर्षीय पोते सुमित वर्मा पर गई। पूछताछ में उसके बयान बार-बार बदल रहे थे। पुलिस को उसकी गतिविधियों और बयानों में विरोधाभास नजर आया। वह अलग-अलग घटनाक्रम बताकर पुलिस को गुमराह करने की कोशिश कर रहा था। पुलिस ने जब उसके बयानों को घटनास्थल से मिले साक्ष्यों के साथ मिलाया तो संदेह और गहरा गया।
पूछताछ में टूट गया सुमित, कबूला गुनाह
पुलिस ने सुमित को हिरासत में लेकर पूछताछ की। लगातार पूछताछ के दौरान उसकी बनाई गई कहानी ज्यादा देर टिक नहीं सकी और आखिरकार उसने दादा की हत्या करने की बात स्वीकार कर ली। आरोपी ने पुलिस को बताया कि उसके दादा उसकी व्यक्तिगत गतिविधियों और मामलों को लेकर अक्सर रोक-टोक करते थे।
राज खुलने के डर से उठाया खौफनाक कदम
पुलिस पूछताछ में आरोपी ने बताया कि दादा उसे अपनी आदतें सुधारने के लिए समझाते थे और कहते थे कि यदि उसने खुद को नहीं सुधारा तो वे परिवार के अन्य सदस्यों को उसके बारे में सब कुछ बता देंगे। इसी बात को लेकर सुमित के मन में गुस्सा और डर पैदा हो गया था। घटना वाले दिन जब दादा घर में अकेले थे, तभी उसने उनका गला दबा दिया।
हत्या के बाद शव को खाट पर लिटाया
हत्या करने के बाद आरोपी ने वारदात को सामान्य मौत का रूप देने की कोशिश की। उसने दादा के शव को खाट पर सीधा लिटा दिया और कमरे का दरवाजा बंद कर वहां से चला गया। इसके बाद वह वापस घर पहुंचा और परिजनों के सामने इस तरह व्यवहार किया, जैसे उसे घटना के बारे में कुछ भी जानकारी नहीं हो।
परिजनों के साथ दादा को खोजने का किया नाटक
पुलिस के मुताबिक आरोपी ने खुद को बचाने के लिए दिनभर परिजनों के साथ दादा को तलाशने का नाटक भी किया। उसका मकसद यही था कि परिवार और आसपास के लोगों को उस पर किसी तरह का शक न हो। लेकिन पुलिस की जांच में उसके बयानों और गतिविधियों की कड़ियां जुड़ती चली गईं और आखिरकार हत्या का राज सामने आ गया।
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24 घंटे में पुलिस ने सुलझाई हत्या की गुत्थी
एसडीओपी पूजा शर्मा ने बताया कि बिलकिसगंज पुलिस टीम ने तकनीकी विवेचना, घटनास्थल से मिले साक्ष्यों और पूछताछ के आधार पर मामले का खुलासा किया। पुलिस की त्वरित कार्रवाई से महज 24 घंटे में आरोपी पोते तक पहुंचने में सफलता मिली।












