आजम खान के ठिकानों पर ED की बड़ी कार्रवाई, जौहर यूनिवर्सिटी से जुड़े मामले में 10 जगह छापेमारी

समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता आजम खान से जुड़े ठिकानों पर प्रवर्तन निदेशालय (ED) की कार्रवाई जारी है। बुधवार सुबह से ही ED की अलग-अलग टीमें कई स्थानों पर पहुंचकर जांच कर रही हैं। यह कार्रवाई जौहर यूनिवर्सिटी के निर्माण और उससे जुड़े वित्तीय लेनदेन में कथित गड़बड़ियों और काले धन के इस्तेमाल से जुड़े मामले में की जा रही है।
जानकारी के मुताबिक, ED की टीम आजम खान से जुड़े रामपुर, सहारनपुर और दिल्ली समेत करीब 10 ठिकानों पर जांच कर रही है। कार्रवाई के दौरान जौहर यूनिवर्सिटी और उसे संचालित करने वाले ट्रस्ट से जुड़े दस्तावेजों और वित्तीय रिकॉर्ड की भी जांच की जा रही है। बताया जा रहा है कि आजम खान के खिलाफ दर्ज कई मामलों की जानकारी और उनकी सूची ED के साथ साझा की गई थी। इसके बाद जौहर यूनिवर्सिटी से जुड़े मामले में एजेंसी ने अपनी जांच आगे बढ़ाई है।
सुबह-सुबह शुरू हुई ED की कार्रवाई
आजम खान से जुड़े ठिकानों पर ED की कार्रवाई सुबह-सुबह शुरू हुई। टीमों ने अलग-अलग स्थानों पर पहुंचकर दस्तावेजों और अन्य रिकॉर्ड की जांच शुरू की। कार्रवाई के दौरान किन-किन दस्तावेजों या संपत्तियों से जुड़ी जानकारी सामने आई है, इसकी आधिकारिक तस्वीर अभी साफ नहीं हुई है। जांच का मुख्य फोकस जौहर यूनिवर्सिटी के निर्माण के लिए जुटाई गई रकम, उसके इस्तेमाल और यूनिवर्सिटी से जुड़े ट्रस्ट की वित्तीय गतिविधियों पर बताया जा रहा है। ED इस बात की भी जांच कर रही है कि यूनिवर्सिटी के निर्माण और दूसरे कामों में इस्तेमाल हुई रकम का स्रोत क्या था और क्या इसमें किसी तरह की वित्तीय अनियमितता हुई।
10 ठिकानों पर एक साथ जांच
जानकारी के अनुसार, ED की कार्रवाई सिर्फ एक स्थान तक सीमित नहीं है। रामपुर, सहारनपुर और दिल्ली सहित करीब 10 ठिकानों पर एक साथ जांच की जा रही है। इनमें आजम खान से जुड़े परिसरों के साथ-साथ जौहर यूनिवर्सिटी और ट्रस्ट से जुड़े स्थान भी शामिल बताए जा रहे हैं। जांच एजेंसी दस्तावेजों, खातों और दूसरे वित्तीय रिकॉर्ड को खंगाल रही है। हालांकि, ED की ओर से तलाशी के दौरान क्या-क्या मिला है या किसी तरह की जब्ती हुई है, इस बारे में विस्तृत जानकारी सामने आना अभी बाकी है।
क्या है जौहर यूनिवर्सिटी का पूरा मामला?
आजम खान की जौहर यूनिवर्सिटी पिछले कुछ समय से लगातार कानूनी विवादों में बनी हुई है। यूनिवर्सिटी को लेकर अलग-अलग स्तर पर कई मामले सामने आए हैं। इनमें जमीन, निर्माण और यूनिवर्सिटी को चलाने वाले ट्रस्ट से जुड़े मुद्दे शामिल हैं। हाल ही में यूनिवर्सिटी की कई इमारतों को लेकर भी विवाद सामने आया था। आरोपों और नियमों के उल्लंघन से जुड़े मामले में यूनिवर्सिटी की 40 में से 38 इमारतों पर कार्रवाई का खतरा बताया गया था। रामपुर विकास प्राधिकरण यानी RDA ने इन इमारतों को गिराने का आदेश दिया था। हालांकि, इस आदेश के खिलाफ कानूनी लड़ाई शुरू हुई और फिलहाल इस मामले में कोर्ट से राहत मिली हुई है।
38 इमारतों पर कार्रवाई के आदेश पर रोक
जौहर यूनिवर्सिटी की 38 इमारतों को गिराने के RDA के आदेश पर मुरादाबाद कमिश्नर कोर्ट ने अंतरिम रोक लगा दी है। यानी फिलहाल इन इमारतों पर तोड़फोड़ की कार्रवाई नहीं की जा सकती। इस मामले की अगली सुनवाई 25 अगस्त को होनी है। अब सभी की नजर इस सुनवाई पर है, क्योंकि कोर्ट के अगले आदेश से यूनिवर्सिटी की इन इमारतों को लेकर आगे की स्थिति तय हो सकती है। इस कानूनी विवाद के बीच अब ED की नई कार्रवाई ने जौहर यूनिवर्सिटी से जुड़े मामले को एक बार फिर चर्चा में ला दिया है।
ट्रस्ट पर भी उठे सवाल
जौहर यूनिवर्सिटी को चलाने में मौलाना मोहम्मद अली जौहर ट्रस्ट की अहम भूमिका है। ट्रस्ट के रजिस्ट्रेशन को लेकर भी विवाद सामने आ चुका है। जानकारी के अनुसार, इस मामले में जून में टैक्स विभाग की ओर से नोटिस जारी किए गए थे। 17 जून के नोटिस के बाद 23 जून को एक और नोटिस जारी किया गया था। इन नोटिस के बाद ट्रस्ट के रजिस्ट्रेशन को लेकर कार्रवाई हुई। आरोप था कि ट्रस्ट ने कुछ नियमों का पालन नहीं किया। इसके आधार पर ट्रस्ट का रजिस्ट्रेशन रद्द करने का आदेश दिया गया था।
ट्रस्ट को बदलना होगा अपना स्टेटस?
रजिस्ट्रेशन रद्द करने के साथ ही ट्रस्ट को अपनी कानूनी स्थिति बदलने के लिए भी कहा गया था। आदेश के मुताबिक, ट्रस्ट को अपना स्टेटस बदलकर 'एसोसिएशन ऑफ पर्सन्स' यानी AOP करने का निर्देश दिया गया था। यह मामला भी जौहर यूनिवर्सिटी से जुड़े विवादों में महत्वपूर्ण माना जा रहा है। अब ED की जांच में ट्रस्ट की वित्तीय गतिविधियों और यूनिवर्सिटी के निर्माण से जुड़े पैसों के लेनदेन की भी पड़ताल की जा रही है।
काले धन के इस्तेमाल के आरोपों की जांच
ED की मौजूदा कार्रवाई का सबसे अहम पहलू जौहर यूनिवर्सिटी के निर्माण में कथित तौर पर काले धन के इस्तेमाल से जुड़ा मामला है। जांच एजेंसी यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि यूनिवर्सिटी के निर्माण और उससे जुड़े दूसरे कार्यों के लिए पैसा कहां से आया। साथ ही यह भी देखा जा सकता है कि अलग-अलग माध्यमों से आई रकम का इस्तेमाल किस तरह किया गया। ऐसे मामलों में ED आमतौर पर बैंक खातों, संपत्ति से जुड़े दस्तावेजों, लेनदेन और दूसरे वित्तीय रिकॉर्ड की जांच करती है। हालांकि, इस मामले में जांच पूरी होने के बाद ही साफ होगा कि एजेंसी को क्या महत्वपूर्ण जानकारी मिली है।
आजम खान से जुड़े कई मामलों की भी जांच
आजम खान लंबे समय से कई कानूनी मामलों का सामना कर रहे हैं। उनके खिलाफ दर्ज अलग-अलग मामलों की जानकारी भी ED के साथ साझा किए जाने की बात सामने आई है। इसी के बाद जौहर यूनिवर्सिटी से जुड़े वित्तीय मामले में ED की जांच आगे बढ़ी है। हालांकि, किसी भी आरोप को अंतिम रूप से सही मानने से पहले जांच और अदालत की प्रक्रिया पूरी होना जरूरी है।
आगे क्या होगा?
फिलहाल ED की टीमें करीब 10 ठिकानों पर जांच कर रही हैं। कार्रवाई पूरी होने के बाद एजेंसी की ओर से बरामद दस्तावेजों, वित्तीय रिकॉर्ड या किसी अन्य कार्रवाई को लेकर जानकारी सामने आ सकती है।











