Download App
Download on the App StoreGet it on Google Play
Breaking News

मझगवां में आदिवासी किसान का ट्रैक्टर जब्त, विधायक सुरेंद्र सिंह गहरवार ग्रामीणों के साथ धरने पर बैठे

सतना के मझगवां में वन भूमि पर जुताई के आरोप में आदिवासी किसान का ट्रैक्टर जब्त हुआ। विरोध में विधायक सुरेंद्र सिंह गहरवार सैकड़ों ग्रामीणों के साथ वन विभाग कार्यालय में धरने पर बैठे।
मझगवां में आदिवासी किसान का ट्रैक्टर जब्त, विधायक सुरेंद्र सिंह गहरवार ग्रामीणों के साथ धरने पर बैठे

सतना। जिले के मझगवां क्षेत्र में वन भूमि पर जुताई के आरोप में आदिवासी किसान का ट्रैक्टर जब्त किए जाने के बाद मामला गरमा गया। कार्रवाई के विरोध में चित्रकूट विधायक सुरेंद्र सिंह गहरवार सोमवार को सैकड़ों ग्रामीणों के साथ वन विभाग के मझगवां कार्यालय पहुंचे और वहीं धरने पर बैठ गए। विधायक ने वन विभाग की कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए ट्रैक्टर तत्काल छोड़ने की मांग की। मामले को लेकर वन विभाग और विधायक के बीच गतिरोध की स्थिति बनी रही।

वन भूमि पर जुताई के आरोप में जब्त हुआ ट्रैक्टर

वन विभाग के मुताबिक 4 अक्टूबर को सूचना मिली थी कि मझगवां वन परिक्षेत्र के कररिया बीट के चुनहाहार क्षेत्र में कुछ लोग ट्रैक्टर से वन भूमि की जुताई कर अतिक्रमण का प्रयास कर रहे हैं। सूचना मिलने के बाद वन अमला मौके पर पहुंचा, जहां ट्रैक्टर से जुताई की जा रही थी। विभाग का कहना है कि मौके पर मौजूद लोगों से भूमि से संबंधित वैधानिक दस्तावेज मांगे गए, लेकिन कोई दस्तावेज प्रस्तुत नहीं किया गया। इसके बाद वन अमले ने ट्रैक्टर को जब्त कर भारतीय वन अधिनियम, 1927 के तहत वन अपराध प्रकरण दर्ज करने की कार्रवाई की। वन विभाग के अनुसार जुताई के लिए इस्तेमाल किया गया बिना नंबर का आइशर ट्रैक्टर हिरौंदी निवासी मणिराज सिंह का बताया गया है, जबकि इसे सुखेंद्र सिंह चला रहे थे। विभाग ने यह भी बताया कि कथित तौर पर चुनवाद सिंह, निवासी बिछियन के कहने पर वन भूमि की जुताई कराई जा रही थी।

विधायक ने वन विभाग की कार्रवाई का किया विरोध

ट्रैक्टर जब्त होने की जानकारी मिलने के बाद किसान और ग्रामीणों ने मामले की शिकायत विधायक सुरेंद्र सिंह गहरवार से की। इसके बाद विधायक ग्रामीणों के साथ वन विभाग के मझगवां कार्यालय पहुंच गए। विधायक ने वन अधिकारियों के सामने ट्रैक्टर छोड़ने की मांग रखी और कार्यालय परिसर में ही धरने पर बैठ गए। उन्होंने वन विभाग पर गरीब आदिवासी परिवारों को अनावश्यक रूप से परेशान करने का आरोप लगाया। धरने के दौरान विधायक ने अधिकारियों से दो टूक कहा या तो ट्रैक्टर छोड़ो, वरना आज रात यहीं कटेगी। उन्होंने कहा कि जब तक ट्रैक्टर नहीं छोड़ा जाता, वह धरना समाप्त नहीं करेंगे। इसी तरह की स्थिति की पुष्टि स्थानीय रिपोर्ट में भी की गई है।

आदिवासियों को परेशान किया जा रहा

विधायक गहरवार का कहना है कि वन विभाग की ओर से गरीब और आदिवासी किसानों के खिलाफ दुर्भावना से कार्रवाई की जा रही है। उन्होंने कहा कि किसानों की समस्याओं को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता और ट्रैक्टर को तत्काल छोड़ा जाना चाहिए। विधायक ने वन विभाग की कार्रवाई को लेकर अधिकारियों के सामने अपनी नाराजगी जताई और कहा कि ग्रामीणों के हितों के खिलाफ किसी भी कार्रवाई को स्वीकार नहीं किया जाएगा। हालांकि वन विभाग ने विधायक के आरोपों से अलग अपना पक्ष रखते हुए कहा है कि यदि वन भूमि पर जुताई की गई है तो यह वन कानूनों के दायरे में आता है और जब्त वाहन को वैधानिक प्रक्रिया के तहत ही छोड़ा जा सकता है।

यह भी देखें: सीधी कन्या महाविद्यालय में 200 छात्राओं को बंधक बनाने के आरोप पर हंगामा, NSUI-ABVP आमने-सामने

प्रशासन ने संभाली स्थिति अधिकारियों ने समझाने की कोशिश की

विधायक के धरने पर बैठने के बाद मौके पर प्रशासन और पुलिस के अधिकारी भी पहुंचे। स्थिति को देखते हुए SDM, तहसीलदार, थाना प्रभारी, वन विभाग के SDO और मझगवां रेंजर समेत अन्य अधिकारी मौके पर पहुंचे और विधायक से बातचीत कर गतिरोध समाप्त कराने की कोशिश की।अधिकारी काफी देर तक विधायक के साथ बैठकर बातचीत करते रहे। दूसरी तरफ विधायक ट्रैक्टर छोड़ने की मांग पर अड़े रहे। इस दौरान वन विभाग कार्यालय परिसर में तनावपूर्ण स्थिति बनी रही।

कार्रवाई नियमों के मुताबिक होने का वन विभाग का दावा

वन विभाग का कहना है कि ट्रैक्टर की जब्ती मनमाने तरीके से नहीं की गई है। विभाग के मुताबिक वन भूमि पर जुताई और अतिक्रमण के प्रयास की सूचना के बाद मौके पर पहुंचकर कार्रवाई की गई और नियमानुसार वन अपराध प्रकरण दर्ज किया गया। विभाग का कहना है कि आगे की कार्रवाई नियमानुसार ही होगी। ऐसे में फिलहाल एक ओर विधायक और ग्रामीण ट्रैक्टर छोड़ने की मांग कर रहे हैं, जबकि दूसरी ओर वन विभाग इसे वन भूमि से जुड़े मामले के रूप में देख रहा है।

यह भी देखें: सीधी में अमिलिया-हनुमना मार्ग पर गिरा पहाड़ का हिस्सा, 24 मजदूरों ने भागकर जान बचाई

ग्रामीणों के पहुंचने से बढ़ा दबाव

मझगवां कार्यालय में विधायक के साथ बड़ी संख्या में ग्रामीणों के पहुंचने से मामले ने राजनीतिक और प्रशासनिक रूप ले लिया। ग्रामीणों का कहना है कि किसान की समस्या का समाधान किया जाना चाहिए और ट्रैक्टर को छोड़ा जाना चाहिए। वहीं प्रशासन की कोशिश है कि बातचीत के जरिए स्थिति को सामान्य किया जाए। मामले में अब प्रशासन और वन विभाग के अगले निर्णय पर नजर है। फिलहाल ट्रैक्टर जब्ती को लेकर विधायक और वन विभाग आमने-सामने हैं और धरना जारी रहने से गतिरोध बना हुआ है।

Sanjay Tiwari
By Sanjay Tiwari

Latest Posts