ISI समर्थित शहजाद भट्टी नेटवर्क पर बड़ा एक्शन, 14 राज्यों में 253 हिरासत में; अमित शाह ने बताया पूरा ऑपरेशन

स्वतंत्रता दिवस से पहले सुरक्षा एजेंसियों ने कथित तौर पर ISI समर्थित शहजाद भट्टी नेटवर्क के खिलाफ देशभर में बड़ा अभियान चलाया। गृह मंत्री अमित शाह के मुताबिक, 14 राज्यों में हुई कार्रवाई के दौरान 253 लोगों को हिरासत में लिया गया, जबकि इस नेटवर्क से जुड़े मामलों में अब तक 80 केस दर्ज किए जा चुके हैं। शाह ने इसे सीमा-पार आतंकवाद के खिलाफ केंद्र सरकार की जीरो टॉलरेंस नीति का हिस्सा बताया। गृह मंत्री ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर दावा किया कि सुरक्षा बलों ने नेटवर्क के आतंकी मंसूबों को नाकाम कर दिया है। कार्रवाई के दौरान IED, पाकिस्तान ऑर्डनेंस फैक्ट्री के निशान वाले ग्रेनेड, पिस्तौल, जिंदा कारतूस और CCTV कैमरे समेत कई सामान बरामद किए जाने की जानकारी दी गई है।
14 राज्यों में एक साथ कार्रवाई
अमित शाह के मुताबिक, सुरक्षा बलों ने 14 राज्यों में अलग-अलग ठिकानों पर कार्रवाई की। इस दौरान बड़ी संख्या में संदिग्धों को हिरासत में लिया गया और नेटवर्क से जुड़े लोगों के खिलाफ मामले दर्ज किए गए। कार्रवाई का सबसे बड़ा असर उत्तर प्रदेश, हरियाणा, दिल्ली और पंजाब में देखने को मिला। उपलब्ध जानकारी के मुताबिक, उत्तर प्रदेश में 62, हरियाणा में 52, दिल्ली में 51 और पंजाब में 44 जगहों पर कार्रवाई की गई। इसके अलावा राजस्थान में 15, महाराष्ट्र में 8 और उत्तराखंड में 5 जगहों पर अभियान चलाया गया। कर्नाटक, गुजरात और बिहार में तीन-तीन स्थानों पर कार्रवाई हुई, जबकि तेलंगाना, हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर और केरल में दो-दो जगहों पर एक्शन लिया गया।
IED, ग्रेनेड और पिस्तौल बरामद होने का दावा
गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि कथित नेटवर्क को ISI से फंडिंग मिल रही थी। उनके मुताबिक, अभियान के दौरान सुरक्षा एजेंसियों को हथियार और विस्फोटक से जुड़े सामान मिले। बरामद सामान में IED, पाकिस्तान ऑर्डनेंस फैक्ट्री के निशान वाले ग्रेनेड, पिस्तौल और जिंदा कारतूस शामिल हैं। इसके अलावा जासूसी के लिए इस्तेमाल किए जाने वाले CCTV कैमरे भी मिलने की बात कही गई है। शाह के अनुसार, यह नेटवर्क कथित तौर पर कई आतंकी गतिविधियों में शामिल था और इसके जरिए हमलों की साजिश रचे जाने के आरोप हैं।
ग्रेनेड और IED हमलों का आरोप
सुरक्षा एजेंसियों के अनुसार, शहजाद भट्टी नेटवर्क को पाकिस्तान से संचालित और ISI समर्थित आतंकी सिंडिकेट के तौर पर देखा जा रहा है। एजेंसियों का आरोप है कि नेटवर्क भारत में ग्रेनेड, IED और पेट्रोल बम हमलों के साथ टारगेट किलिंग जैसी गतिविधियों में भी शामिल रहा है। जांच एजेंसियों के अनुसार, नेटवर्क स्थानीय लोगों को पैसे देकर पुलिस, रक्षा प्रतिष्ठानों और अन्य महत्वपूर्ण स्थानों की रेकी कराने का काम भी करता था। हालांकि, इन आरोपों से जुड़े विस्तृत तथ्य जांच आगे बढ़ने के बाद ही स्पष्ट होंगे।
कार्रवाई को जीरो टॉलरेंस नीति से जोड़ा
अमित शाह ने इस अभियान को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार की सीमा-पार आतंकवाद के खिलाफ 'जीरो टॉलरेंस' नीति का उदाहरण बताया। स्वतंत्रता दिवस से ठीक पहले कई राज्यों में एक साथ हुई इस कार्रवाई को सुरक्षा एजेंसियों की बड़ी कार्रवाई के तौर पर देखा जा रहा है। अभियान का उद्देश्य कथित आतंकी नेटवर्क के सदस्यों तक पहुंचने के साथ-साथ उसके वित्तीय और लॉजिस्टिक नेटवर्क को कमजोर करना भी बताया गया है।
80 मामले दर्ज, जांच जारी
जानकारी के मुताबिक, शहजाद भट्टी नेटवर्क से जुड़े मामलों में अब तक 80 केस दर्ज किए गए हैं। 14 राज्यों में हुई कार्रवाई के बाद जांच एजेंसियां हिरासत में लिए गए लोगों से पूछताछ कर रही हैं। पूछताछ के जरिए कथित नेटवर्क की फंडिंग, संपर्कों और देश में मौजूद उसके सहयोगियों के बारे में जानकारी जुटाने की कोशिश की जा रही है। फिलहाल सुरक्षा एजेंसियों की कार्रवाई जारी है और जांच के आगे बढ़ने के साथ इस नेटवर्क से जुड़े और लोगों के नाम सामने आने की संभावना है।












