Download App
Download on the App StoreGet it on Google Play
Breaking News

संगठन में मातृशक्ति को तवज्जो : मप्र भाजपा अब जिलों में बढ़ाएगी महिला लीडरशिपा

संभावना: आधा दर्जन जिलों में महिलाएं बन सकती हैं अध्यक्ष
संगठन में मातृशक्ति को तवज्जो : मप्र भाजपा अब जिलों में बढ़ाएगी महिला लीडरशिपा

राजीव सोनी-भोपाल। मध्यप्रदेश भाजपा के संगठन चुनाव इस साल कई मायनों में अलग हैं। बूथ समितियों के गठन से लेकर सौ फीसदी डिजिटलाइजेशन में रिकार्ड कायम करने के साथ ही जिलों में महिला नेतृत्व को आगे बढ़ाने की कवायद तेज हो गई है। संभावना है कि आधा दर्जन जिलों में महिला जिलाध्यक्ष बन सकती हैं। आरएसएस की केरल बैठक में भी यह मुद्दा चर्चा में आया था।

मप्र में संगठन के 60 जिलों में से अभी एकमात्र पांढुर्ना में जिलाध्यक्ष की कमान वैशाली महाले के हाथ में है। मप्र में संगठन निर्वाचन के लिए तैनात केंद्रीय पर्यवेक्षक व राष्ट्रीय उपाध्यक्ष सरोज पांडे ने भी समीक्षा बैठकों में महिला नेतृत्व को आगे लाने पर जोर दिया है। भाजपा में महिला नेतृत्व को बढ़ाने के लिए मंडल अध्यक्षों के निर्वाचन में भी यह लाइन रखी गई है।

जिला निर्वाचन अधिकारी तलाशेंगे सक्षम नेत्री

भाजपा ने जिले से लेकर प्रदेश स्तर पर महिला नेतृत्व को उभारने के लिए यह कवायद शुरू की है। इसके लिए सभी जिला निर्वाचन अधिकारियों को भी इस मुद्दे पर विशेष फोकस कर सक्षम नेत्रियों के नाम पैनल में रखने को कहा गया है। वैसे भाजपा ने जिले में पार्टी की कमान महिला को सौंपने की पहल 2015 में सिवनी से की थी। वहां पूर्व सांसद नीता पटेरिया को जिलाध्यक्ष चुना गया था। हालांकि 2018 विधानसभा चुनाव के पहले वहां नए पुरुष अध्यक्ष की तैनाती हो गई थी। रीवा में प्रज्ञा त्रिपाठी, भिंड कृष्णकांता तोमर, भोपाल-वंदना सुधीर जाचक और पांढुर्ना में वैशाली महाले सहित कुछ अन्य जिलों में भी कई सक्रिय नेत्रियों के नाम उभर कर सामने आए हैं। कामकाज की दृष्टि से भी कविता पाटीदार, रीति पाठक, उषा ठाकुर, कृष्णा गौर, संध्या राय, अर्चना चिटनीस, लता वानखेड़े, सीमा सिंह, माया नारोलिया सहित अन्य नेत्रियां काबिलियत सिद्ध कर चुकी हैं।

केरल से यह लाइन आगे चली

भाजपा संगठन में मप्र की पहचान नए प्रयोगों और नवाचारों के लिए रही है। केरल में संघ की बैठक में खासतौर पर जातिगत जनगणना और महिला आरक्षण पर विचार मंथन हुआ उसके बाद प्रदेशों में यह लाइन आगे चल पड़ी है। भाजपा में प्रदेश स्तर पर उमा भारती जैसा कोई महिला नेतृत्व सामने नहीं आया। इसलिए भी संगठन ने महिला नेतृत्व को आगे लाने की मुहिम शुरू की गई है। - राकेश अग्निहोत्री, राजनीतिक विश्लेषक

सक्रिय और सक्षम महिला नेतृत्व को अवसर मिलेंगे

भाजपा हमेशा से ही लैंगिक और सामाजिक समानता की पक्षधर रही है। सशक्त महिला नेतृत्व आगे लाने के लिए बूथ और मंडल स्तर से प्रयास किए जा रहे हैं। मंडल अध्यक्ष के तौर पर संगठन में सक्रिय और सक्षम महिला कार्यकर्ताओं को मौके दिए जाएंगे। - विवेक शेजवलकर प्रदेश भाजपा चुनाव अधिकारी.

People's Reporter
By People's Reporter

Latest Posts