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राज्यसभा चुनाव : मीनाक्षी नटराजन का विरोध, कांग्रेस नेता ने राहुल गांधी को बताया क्रॉस वोटिंग का खतरा

राज्यसभा के लिए प्रत्याशी घोषित होते ही मप्र कांग्रेस में एक बार फिर गुटबाजी और बगावत सामने आ गई है। राहुल गांधी की करीबी मीनाक्षी नटराजन को प्रत्याशी बनाने का विरोध शुरू हो गया है। कांग्रेस नेता नरेश ज्ञानचंदानी ने राहुल गांधी को टैग करते हुए पोस्ट की है कि मप्र के कांग्रेस विधायक क्रॉस वोटिंग कर सकते हैं। प्रत्याशी चयन का राजस्थान में भी विरोध हो रहा है।
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मीनाक्षी नटराजन का विरोध, कांग्रेस नेता ने राहुल गांधी को बताया क्रॉस वोटिंग का खतरा
मीनाक्षी नटराजन और नरेश ज्ञानचंदानी

भोपाल। मध्यप्रदेश में राज्यसभा चुनाव को लेकर कांग्रेस के भीतर असहमति के स्वर अब खुलकर सामने आने लगे हैं। पार्टी नेता नरेश ज्ञानचंदानी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर कांग्रेस नेतृत्व के फैसले पर सवाल उठाते हुए उम्मीदवार चयन को लेकर चिंता जाहिर की है।

राहुल-प्रियंका गांधी को किया टैग

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ज्ञानचंदानी ने अपने पोस्ट में कांग्रेस नेता राहुल गांधी और प्रियंका गांधी को टैग करते हुए लिखा कि राज्यसभा उम्मीदवार के चयन में पार्टी से महत्वपूर्ण चूक हुई है। उन्होंने दावा किया कि उन्होंने पहले भी शीर्ष नेतृत्व को संदेश भेजकर उम्मीदवार तय करते समय विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी थी।

दिग्विजय सिंह को बताया सुरक्षित विकल्प

अपने पोस्ट में उन्होंने कहा कि यदि वरिष्ठ कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह को एक बार फिर राज्यसभा भेजा जाता, तो पार्टी की सीट पूरी तरह सुरक्षित मानी जा सकती थी। उनके अनुसार वर्तमान राजनीतिक परिस्थितियों में कांग्रेस को क्रॉस वोटिंग का खतरा झेलना पड़ सकता है।

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संख्या बल कांग्रेस के पक्ष में, फिर भी चिंता बरकरार

मध्यप्रदेश में राज्यसभा की एक सीट जीतने के लिए 58 विधायकों के समर्थन की आवश्यकता होती है। कांग्रेस के पास फिलहाल 64 विधायक हैं, जिससे गणितीय दृष्टि से पार्टी की स्थिति मजबूत दिखाई देती है। इसके बावजूद क्रॉस वोटिंग की आशंकाओं ने राजनीतिक चर्चाओं को नया आयाम दे दिया है।

सार्वजनिक हुई अंदरूनी नाराजगी

राज्यसभा चुनाव से पहले पार्टी के भीतर उठ रही नाराजगी अब सार्वजनिक मंच तक पहुंच चुकी है। इससे कांग्रेस नेतृत्व के सामने संगठनात्मक एकजुटता बनाए रखने की चुनौती भी खड़ी हो गई है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि आने वाले दिनों में पार्टी की प्रतिक्रिया और विधायकों की एकजुटता इस चुनाव की दिशा तय कर सकती है।

भाजपा का तंज- नेतृत्व के निर्णयों पर भरोसा नहीं

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कांग्रेस नेता नरेश ज्ञानचंदान की पोस्ट पर भाजपा के प्रदेश मीडिया प्रभारी आशीष उषा अग्रवाल ने तंज कसा है। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर ज्ञानचंदानी की पोस्ट को शेयर करते हुए लिखा है कि राज्यसभा चुनाव हेतु कांग्रेस प्रत्याशी का आंतरिक विरोध शुरू। राज्यसभा चुनाव से पहले ही कांग्रेस में असंतोष खुलकर सामने आने लगा है। राहुल गांधी और प्रियंका गांधी के फैसलों पर अब पार्टी के अपने नेता और कार्यकर्ता ही सवाल उठा रहे हैं। उन्होंने लिखा कि क्रॉस वोटिंग अब केवल आशंका नहीं, बल्कि उसके स्पष्ट संकेत दिखाई देने लगे हैं। कांग्रेस के भीतर बढ़ती नाराज़गी यह दर्शाती है कि नेतृत्व के निर्णयों पर भरोसा लगातार कमजोर पड़ रहा है। जब विरोधी नहीं, बल्कि अपने ही फैसलों पर सवाल उठाने लगें, तो हार के संकेत स्वतः दिखाई देने लगते हैं।

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राजस्थान में भी विरोध

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नरेश ज्ञानचंदानी ने राजस्थान से प्रत्याशी घोषित किए गए नीरज डांगी के विरोध को भी रिपोस्ट किया है। दिनेश पुरोहित ने इसमें लिखा है कि जो नेता जनता के बीच जाकर चुनाव नहीं जीत पा रहे हैं, उन्हें राज्यसभा के रास्ते संसद भेजा जा रहा है। डांगी पहले भी राज्यसभा भेजे जा चुके हैं। उन्होंने लिखा कि डांगी तीन विधानसभा चुनाव हार चुके हैं। दिनेश पुरोहित ने मीनाक्षी नटराजन के दो चुनाव हराने का उल्लेख भी किया है। इस पोस्ट को शेयर करते हुए ज्ञानचंदानी ने राहुल गांधी और प्रियंका गांधी को टैग करते हुए Plz See लिखा है ।

Naresh Bhagoria
By Naresh Bhagoria

नरेश भगोरिया। 27 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हूं। माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता विश्ववि...Read More

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