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Asian Games 2026: हॉकी में फिर भारत का जलवा! मलेशिया को 5-1 से हराकर लगातार दूसरी बार गोल्ड

भारतीय पुरुष हॉकी टीम ने एशियन गेम्स 2026 के फाइनल में मलेशिया को 5-1 से हराकर स्वर्ण पदक जीत लिया। हरमनप्रीत सिंह, जुगराज सिंह, हार्दिक सिंह और शिलानंद लाकड़ा ने भारत की जीत में अहम भूमिका निभाई। इस गोल्ड के साथ भारत ने 2028 लॉस एंजिलिस ओलंपिक के लिए भी सीधे क्वालिफाई कर लिया।
Asian Games 2026: हॉकी में फिर भारत का जलवा! मलेशिया को 5-1 से हराकर लगातार दूसरी बार गोल्ड

नई दिल्ली। भारतीय पुरुष हॉकी टीम ने एशियन गेम्स 2026 के फाइनल में मलेशिया को 5-1 से हराकर स्वर्ण पदक अपने नाम कर लिया। इस जीत के साथ भारत ने 2028 लॉस एंजिलिस ओलंपिक के लिए भी सीधे क्वालिफाई कर लिया है। भारत ने 2023 हांगझू एशियन गेम्स में जीते स्वर्ण पदक का भी सफलतापूर्वक बचाव किया।

पहली बार पुरुष और महिला दोनों टीमों ने जीता गोल्ड

एशियन गेम्स के इतिहास में यह पहली बार है जब भारत की पुरुष और महिला हॉकी टीमों ने एक ही संस्करण में स्वर्ण पदक जीता है। भारतीय महिला टीम ने भी 2 अक्टूबर को चीन को 1-0 से हराकर गोल्ड अपने नाम किया था।

पुरुष टीम के लिए यह जीत इसलिए भी खास रही क्योंकि भारत ने पहली बार लगातार दो एशियन गेम्स में पुरुष हॉकी का स्वर्ण पदक जीता है। इससे पहले भारत ने हांगझू एशियन गेम्स के पुरुष हॉकी फाइनल में जापान को 5-1 से हराया था।

पहले क्वार्टर में हरमनप्रीत ने खोला खाता

भारत ने फाइनल की शुरुआत संभलकर की। शुरुआती मिनटों में टीम ने डिफेंस पर ध्यान दिया, लेकिन इसके बाद मलेशिया के खिलाफ आक्रामक खेल दिखाया। भारत को पेनल्टी कॉर्नर मिला, लेकिन टीम इसे गोल में नहीं बदल सकी। इसके बाद 11वें मिनट में कप्तान हरमनप्रीत सिंह ने पेनल्टी कॉर्नर को गोल में बदलकर भारत को 1-0 की बढ़त दिलाई। हालांकि मलेशिया ने जल्द ही वापसी की और शेलो सिलवेरियस ने मैदानी गोल कर स्कोर 1-1 कर दिया।

जुगराज सिंह ने दिलाई बढ़त

दूसरे क्वार्टर में मलेशिया ने आक्रामक रुख अपनाया, लेकिन भारत ने लगातार दबाव बनाए रखा। 23वें मिनट में जुगराज सिंह ने पेनल्टी कॉर्नर को गोल में बदलकर भारत को 2-1 से आगे कर दिया। इसके बाद भारतीय डिफेंस ने मलेशिया को बराबरी का मौका नहीं दिया और हाफ टाइम तक भारत ने अपनी बढ़त कायम रखी।

हार्दिक सिंह के गोल से भारत 3-1 आगे

तीसरे क्वार्टर में भारत को गोल करने के कई मौके मिले। जुगराज और नीलकांत के प्रयास सफल नहीं हो सके। हरमनप्रीत भी पेनल्टी कॉर्नर को गोल में नहीं बदल पाए। इसके बाद भारत को पेनल्टी स्ट्रोक मिला। 42वें मिनट में हार्दिक सिंह ने इसे गोल में बदलकर भारत की बढ़त 3-1 कर दी।

चौथे क्वार्टर में दो गोल और दागे

आखिरी क्वार्टर में भारत ने अपनी बढ़त को और मजबूत किया। मलेशिया के डिफेंस पर लगातार दबाव बनाने के बाद 54वें मिनट में शिलानंद लाकड़ा ने मैदानी गोल कर स्कोर 4-1 कर दिया। इसके बाद भारत को एक और पेनल्टी कॉर्नर मिला। 57वें मिनट में हरमनप्रीत सिंह ने इसे गोल में बदलकर भारत का स्कोर 5-1 कर दिया। इसके बाद मलेशिया की टीम वापसी नहीं कर सकी और भारत ने 5-1 की जीत के साथ एशियन गेम्स हॉकी में स्वर्ण पदक अपने नाम कर लिया।

भारत को मिला LA 2028 का टिकट

एशियन गेम्स में पुरुष हॉकी का स्वर्ण पदक जीतने वाली टीम को 2028 लॉस एंजिलिस ओलंपिक के लिए सीधे क्वालिफिकेशन मिलता है। भारत की इस जीत से टीम ने ओलंपिक का टिकट भी पक्का कर लिया। फाइनल से पहले भी यही क्वालिफिकेशन दांव पर था। कप्तान हरमनप्रीत सिंह की अगुआई में भारत ने लगातार दूसरी बार एशियन गेम्स हॉकी का स्वर्ण जीतकर इतिहास रच दिया।

Shivani Gupta
By Shivani Gupta

शिवानी गुप्ता | MCU, भोपाल से इलेक्ट्रॉनिक मीडिया में ग्रेजुएशन | 9 वर्षों की टीवी और डिजिटल तक की य...Read More

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