पेट्रोल की कीमत 82 रुपए प्रति लीटर...अरविंद केजरीवाल बोले- कच्चे तेल की कीमत घटी, फ्यूल के दाम घटाएं

नेशनल डेस्क। आम आदमी पार्टी (AAP) प्रमुख अरविंद केजरीवाल ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतें घटने के बावजूद देश में पेट्रोल-डीजल के दाम कम नहीं किए गए हैं। उन्होंने पेट्रोल 82 रुपए प्रति लीटर करने और महंगाई कम करने की मांग की।
ईंधन की कीमतों पर केंद्र सरकार को घेरा
आम आदमी पार्टी (AAP) के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने गुरुवार को केंद्र सरकार पर पेट्रोल-डीजल की कीमतों को लेकर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार तेल कंपनियों को 'अनुचित मुनाफा' कमाने का अवसर दे रही है, जबकि अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में लगातार गिरावट आई है। केजरीवाल का कहना है कि इसका फायदा सीधे उपभोक्ताओं तक पहुंचना चाहिए।
डीजल भी सस्ता करने की मांग
संवाददाता सम्मेलन में केजरीवाल ने कहा, 'अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की प्रति बैरल कीमत घटी है, लेकिन भारत में इस वर्ष मई से पेट्रोल की कीमत 102 रुपए प्रति लीटर बनी हुई है। मेरी मांग है कि पेट्रोल का दाम घटाकर 82 रुपए प्रति लीटर किया जाए और डीजल की कीमत भी कम की जाए।' उन्होंने कहा कि ईंधन की कीमतों में कमी आने से महंगाई पर भी असर पड़ेगा और आम लोगों को राहत मिलेगी।
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ई-20 वाला नहीं, शुद्ध पेट्रोल मिले
केजरीवाल ने कहा कि देश में उपभोक्ताओं को 82 रुपए प्रति लीटर की दर से शुद्ध पेट्रोल मिलना चाहिए, न कि ई-20 मिश्रित पेट्रोल। उन्होंने दावा किया कि कच्चे तेल की कीमत रुपए में बदलने पर यह करीब 42 रुपए प्रति लीटर बैठती है। उनके मुताबिक रिफाइनिंग, ऑयल मार्केटिंग कंपनियों का मार्जिन, परिवहन खर्च, केंद्रीय कर, राज्य का वैट और डीलर कमीशन जोड़ने के बाद भी पेट्रोल की कीमत 82 रुपए प्रति लीटर होनी चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि यदि ई-20 पेट्रोल बेचा जाए तो इसकी कीमत करीब 70 रुपए प्रति लीटर हो सकती है।
'छह बार सस्ता हुआ कच्चा तेल, लेकिन नहीं घटी कीमत'
केजरीवाल ने दावा किया कि वर्ष 2014 के बाद से अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में कम-से-कम छह बार बड़ी गिरावट दर्ज की गई, लेकिन भारत में पेट्रोल की कीमतों में उसी अनुपात में कमी नहीं की गई। उन्होंने कहा, '2014 से अब तक अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में कम-से-कम छह बार गिरावट आई, लेकिन सरकार ने देश में पेट्रोल के दाम नहीं घटाए। उन वर्षों में कमाए गए 'बंपर मुनाफे' का क्या किया गया? कंपनियों को अनुचित मुनाफा नहीं कमाने देना चाहिए, लेकिन मौजूदा ऊंची कीमतों के कारण यही हो रहा है।'
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महंगाई कम करने का भी दिया तर्क
AAP प्रमुख ने कहा कि यदि सरकार पेट्रोल और डीजल के दाम कम करती है तो परिवहन लागत घटेगी, जिससे खाद्य पदार्थों और अन्य आवश्यक वस्तुओं की कीमतों पर भी सकारात्मक असर पड़ेगा। उनके मुताबिक ईंधन की कीमतों में कमी महंगाई पर नियंत्रण का एक प्रभावी तरीका हो सकता है।












