Download App
Download on the App StoreGet it on Google Play
Breaking News

आंध्र प्रदेश में कोविड से एक व्यक्ति की मौत:4 दिन तक चला इलाज, संपर्क में आए लोगों की हो रही जांच

आंध्र प्रदेश के कडप्पा जिले में कोविड-19 संक्रमण से एक 46 वर्षीय व्यक्ति की मौत के बाद स्वास्थ्य विभाग सतर्क हो गया है। मरीज का इलाज वेल्लोर के सीएमसी अस्पताल में चल रहा था, जहां जांच में वह कोरोना संक्रमित पाया गया था। घटना के बाद प्रशासन ने निगरानी और एहतियाती कदम तेज कर दिए हैं।
4 दिन तक चला इलाज, संपर्क में आए लोगों की हो रही जांच
आंध्र प्रदेश में कोविड से एक व्यक्ति की मौत

आंध्र प्रदेश में COVID-19 से हुई एक मौत के बाद स्वास्थ्य विभाग ने सतर्कता बढ़ा दी है। मरीज के संपर्क में आए लोगों की जांच के साथ अस्पतालों को भी आवश्यक तैयारियां रखने के निर्देश दिए गए हैं। प्रशासन का कहना है कि स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है और जरूरी कदम उठाए जा रहे हैं।

4 दिन इलाज के बाद तोड़ा दम 

स्वास्थ्य अधिकारियों के अनुसार, संक्रमित व्यक्ति को पिछले महीने वेल्लोर के सीएमसी अस्पताल में भर्ती कराया गया था। चार दिन तक इलाज चलने के बाद उसकी मौत हो गई। डॉक्टरों ने बताया कि संक्रमण के कारण उसके फेफड़े गंभीर रूप से प्रभावित हो गए थे।

ये भी पढ़ें: Share Market Today: निफ्टी 81 अंक चढ़कर 23,963 पर बंद, सेंसेक्स में 238 अंक की तेजी; रियल्टी और मीडिया शेयरों में खरीदारी

संपर्क में आए लोगों की हो रही जांच

मरीज को इलाज के दौरान अलग वार्ड में रखा गया था। अब उसके संपर्क में आए लोगों की पहचान कर उनकी जांच की जा रही है। साथ ही प्रभावित क्षेत्र में सैनिटाइजेशन का काम भी शुरू कर दिया गया है, ताकि संक्रमण फैलने की आशंका को कम किया जा सके।

Breaking News

स्वास्थ्य विभाग ने बढ़ाई तैयारियां

कोविड से मौत की सूचना के बाद कडप्पा और तिरुपति जिलों में पांच नए संक्रमित मरीज भी मिले हैं। इसके बाद मेडिकल एजुकेशन डायरेक्टर ने सभी सरकारी अस्पतालों से आइसोलेशन बेड, आईसीयू, ऑक्सीजन, वेंटिलेटर, दवाइयों, टेस्ट किट और मेडिकल स्टाफ की उपलब्धता की जानकारी मांगी है।

ये भी पढ़ें: पेट्रोल की कीमत 82 रुपए प्रति लीटर... अरविंद केजरीवाल बोले- कच्चे तेल की कीमत घटी, फ्यूल के दाम घटाएं

कोरोना के नए वैरिएंट पर भी नजर

विशेषज्ञ लगातार कोरोना वायरस के नए वैरिएंट पर निगरानी बनाए हुए हैं। विश्व स्वास्थ्य संगठन पहले ही अल्फा, बीटा, गामा, डेल्टा और ओमिक्रॉन जैसे प्रमुख वैरिएंट को चिन्हित कर चुका है। ओमिक्रॉन के कई नए सब-वैरिएंट भी समय-समय पर सामने आते रहे हैं, जिन पर स्वास्थ्य एजेंसियां लगातार नजर रखे हुए हैं।

Rohit Sharma
By Rohit Sharma

पीपुल्स इंस्टीट्यूट ऑफ मीडिया स्टडीज, माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय...Read More

Latest Posts