खिलचीपुर कोर्ट में समधियों में मारपीट :चप्पलें चलीं पारिवारिक विवाद में कोर्ट परिसर बना अखाड़ा, पुलिस ने दोनों पक्षों पर कार्रवाई की

खिलचीपुर न्यायालय परिसर में बुधवार को वर्षों पुराने पारिवारिक विवाद ने हिंसक रूप ले लिया। पेशी के दौरान आमने-सामने आए दो रिश्तेदार परिवारों के बीच पहले कहासुनी हुई, फिर चप्पलें और लात-घूंसे चलने लगे। हंगामे के बीच वकीलों और अन्य लोगों ने हस्तक्षेप कर मामला शांत कराया। सूचना पर पहुंची पुलिस दोनों पक्षों को थाने ले गई। प्रतिबंधात्मक कार्रवाई के बाद सभी को तहसीलदार न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया।
जानकारी अनुसार,रामभरोसी बाई ग्राम बामनगांव ने करीब 20 दिन पहले अपने पति धनराज के खिलाफ मारपीट की शिकायत दर्ज कराई थी। इसी मामले में बुधवार को धनराज की न्यायालय में पेशी थी। पुलिस की सूचना पर राम भरोसी बाई अपने भाई मांगीलाल के साथ कोर्ट पहुंची, जबकि धनराज भी अपने परिजनों के साथ वहां मौजूद था।
कोर्ट परिसर में शुरू हुआ विवाद, चप्पलों और लात-घूंसों तक पहुंचा
राम भरोसी का आरोप है कि अदालत कक्ष के बाहर उसकी सास बादाम बाई और ननद दुर्गा बाई से मुलाकात होने पर पुराने विवाद को लेकर कहासुनी शुरू हो गई। कुछ ही देर में दोनों पक्षों के बीच चप्पलों और लात-घूंसों से मारपीट होने लगी। शोर सुनकर मौके पर मौजूद अधिवक्ताओं और अन्य लोगों ने बीच-बचाव कर विवाद शांत कराया।
राम भरोसी के अनुसार, दोनों परिवारों के बीच करीब चार साल से विवाद चल रहा है। पहले उसके भाई मांगीलाल का उसकी भाभी और ननद से विवाद हुआ था। इसके बाद 20 दिन पहले पति द्वारा मारपीट की घटना के बाद मामला और बढ़ गया। उसने आरोप लगाया कि ससुराल पक्ष लगातार उसे और उसके भाई को जान से मारने की धमकियां भी दे रहा था।
दोनों परिवार आपस में हैं समधी
मामले की खास बात यह है कि विवाद करने वाले दोनों परिवार आपस में समधी हैं। धनराज और मांगीलाल ने एक-दूसरे की बहनों से शादी की है। रिश्तेदारी के बावजूद वर्षों पुराना विवाद अब न्यायालय परिसर तक पहुंच गया।
मारपीट के बाद पुलिस दोनों पक्षों को खिलचीपुर थाने ले गई। इस दौरान बादाम बाई पर एक महिला पुलिसकर्मी से अभद्रता करने का भी आरोप लगा। पुलिस ने दोनों पक्षों के खिलाफ प्रतिबंधात्मक कार्रवाई कर उन्हें तहसीलदार न्यायालय में पेश किया, जहां से सभी को जेल भेज दिया गया।












