मध्य प्रदेश सहकारिता विभाग के रिटायर्ड अफसर और अपेक्स बैंक के पूर्व एमडी प्रदीप नीखरा को 28 साल पुराने फर्जीवाड़े के मामले में जेल भेज दिया गया है। यह मामला सहकारी आवास संघ से जुड़ा है, जिसमें फर्जी लोन मंजूरी का बड़ा खेल सामने आया है।
जानकारी के मुताबिक साल 1995 से 1998 के बीच प्रदीप नीखरा मध्य प्रदेश आवास संघ में जनरल मैनेजर पद पर थे। इसी दौरान रायपुर की एक सहकारी समिति के नाम पर 186 सदस्यों को एक-एक लाख रुपए का लोन मंजूर किया गया था। जांच में सामने आया कि ये सभी सदस्य फर्जी थे और जिन प्लॉट्स के नाम पर लोन दिया गया वे भी कहीं मौजूद नहीं थे। कुल मिलाकर 1.86 करोड़ रुपए का यह पूरा लोन घोटाला फर्जी निकला।
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इस मामले में एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) और इकोनॉमिक ऑफेंस विंग (EOW) की टीम ने 3 अप्रैल को भोपाल स्थित निवास से प्रदीप नीखरा को गिरफ्तार किया। इसके बाद उन्हें रायपुर ले जाया गया जहां कोर्ट में पेश कर पांच दिन की रिमांड पर लिया गया। बाद में 7 अप्रैल को कोर्ट के आदेश पर उन्हें जेल भेज दिया गया।
प्रदीप नीखरा 2020 तक अपेक्स बैंक भोपाल में एमडी रहे थे। हालांकि बैंक भर्ती में गड़बड़ियों के आरोपों के चलते उन्हें रिटायरमेंट से 10 दिन पहले ही पद से हटा दिया गया था। इसके बाद वे सहकारिता विभाग से संयुक्त पंजीयक पद से रिटायर हुए।
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रिटायरमेंट के बाद नीखरा मध्यप्रदेश सहकार भारती से जुड़ गए और वर्तमान में प्रदेश उपाध्यक्ष के पद पर थे। साथ ही वे कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व सांसद रामेश्वर नीखरा के भतीजे भी हैं।