कोटा। राजस्थान के कोटा में बुधवार देर रात एक भीषण सड़क हादसे ने यात्रियों की खुशियों को मातम में बदल दिया। अहमदाबाद से मध्य प्रदेश जा रही एक स्लीपर बस अचानक अनियंत्रित होकर पलट गई। हादसा इतना भीषण था कि, बस के कांच टूट गए और कई यात्री सड़क पर जा गिरे। इस दौरान सामने से आ रहे ट्राले ने तीन यात्रियों को कुचल दिया, जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई। हादसे में 20 से ज्यादा लोग घायल हुए हैं, जिनमें कुछ की हालत गंभीर बनी हुई है।
यह हादसा कोटा के आरकेपुरम थाना क्षेत्र में नयागांव पुलिया के पास देर रात करीब 11:15 से 12 बजे के बीच हुआ। जानकारी के अनुसार, बस तेज रफ्तार में थी और अचानक ड्राइवर का नियंत्रण बिगड़ गया। बस पहले डिवाइडर से टकराई, फिर दूसरी लेन में घुस गई और पलट गई। हादसे के वक्त अधिकतर यात्री सो रहे थे। अचानक जोरदार झटका लगा और बस पलट गई। कई यात्रियों को समझ ही नहीं आया कि आखिर हुआ क्या है। हादसे के बाद मौके पर चीख-पुकार मच गई।
बस के पलटने के कारण उसका फ्रंट हिस्सा बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया और कांच टूट गए। ड्राइवर केबिन के पास बैठे यात्री सीधे सड़क पर जा गिरे। उसी दौरान सामने से आ रहे एक ट्राले ने उन्हें कुचल दिया। मृतकों में तीनों पुरुष शामिल हैं, जिनमें दो की पहचान मध्य प्रदेश के भिंड निवासी धर्मेंद्र और कृष्णा के रूप में हुई है। तीसरे मृतक की पहचान की जा रही है।

इस दुर्घटना में 20 से अधिक यात्री घायल हुए हैं, जबकि कुछ रिपोर्ट्स में घायलों की संख्या 30 से ज्यादा बताई जा रही है। घायलों में महिलाएं, बच्चे और बुजुर्ग भी शामिल हैं। सभी घायलों को तुरंत कोटा मेडिकल कॉलेज अस्पताल में भर्ती कराया गया। डॉक्टरों के अनुसार, कुछ मरीजों की हालत गंभीर है और उनका इलाज जारी है। कई लोगों को सिर और पैरों में गंभीर चोटें आई हैं।
हादसे की सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासन की टीम मौके पर पहुंच गई। बस में कई यात्री बुरी तरह फंसे हुए थे। उन्हें निकालने के लिए कटर की मदद से बस की बॉडी काटी गई। रेस्क्यू ऑपरेशन रात करीब 2:30 बजे तक चला। घायलों को एंबुलेंस के जरिए अस्पताल पहुंचाया गया। प्रशासन ने तुरंत अतिरिक्त डॉक्टरों की टीम भी तैनात कर दी, जिससे घायलों को समय पर इलाज मिल सके।
हादसे के बाद घायलों ने अपनी आपबीती सुनाई। ग्वालियर के रहने वाले एक यात्री देवेंद्र ने बताया कि, वे अपने परिवार के साथ शादी में शामिल होने जा रहे थे। अचानक बस लहराने लगी और कुछ ही सेकंड में पलट गई। उन्होंने किसी तरह कांच तोड़कर खुद और अपने परिवार को बाहर निकाला। वहीं पूजा नाम की एक महिला यात्री ने बताया कि इस हादसे में उसके भाई कृष्णा की मौत हो गई। उसने कहा कि बस अचानक अनियंत्रित हुई और पलट गई, इसके बाद उसे कुछ याद नहीं।
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इस हादसे की असली वजह अभी साफ नहीं हो पाई है। अलग-अलग स्तर पर अलग-अलग दावे किए जा रहे हैं। कुछ यात्रियों का कहना है कि, किसी ने बस के फ्रंट मिरर पर पत्थर मारा था, जिससे ड्राइवर घबरा गया और बस का नियंत्रण खो बैठा। वहीं पुलिस का मानना है कि, सड़क पर अचानक आए किसी जानवर के कारण भी हादसा हो सकता है। इसके अलावा ड्राइवर को नींद की झपकी आने या बस में तकनीकी खराबी की आशंका भी जताई जा रही है। फिलहाल पुलिस हर एंगल से जांच कर रही है।
हादसे के बाद एक और चौंकाने वाली बात सामने आई है। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, बस में क्षमता से ज्यादा यात्री सवार थे। स्लीपर सीटों के अलावा गैलरी में भी लोग बैठे हुए थे। ओवरलोडिंग के कारण हादसे के वक्त यात्रियों को बाहर निकलने में ज्यादा दिक्कत हुई। इससे चोटें भी ज्यादा गंभीर हुईं। यह लापरवाही भी हादसे की एक बड़ी वजह मानी जा रही है।
घटना की जानकारी मिलते ही कोटा शहर की एसपी तेजस्विनी गौतम और अन्य अधिकारी मौके पर पहुंचे। पुलिस ने तुरंत राहत और बचाव कार्य शुरू कराया। हादसे के बाद नेशनल हाईवे-27 पर लंबा जाम लग गया। पुलिस ने क्रेन की मदद से बस और ट्राले को हटाया, जिसके बाद यातायात सामान्य किया जा सका। फिलहाल पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है और यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि हादसा किन कारणों से हुआ।