भोपाल। राजधानी की कटारा हिल्स की तीन कॉलोनियों हैवन्स लाइफ सोसायटी, सिग्नेचर सिटी और कस्तूरी सिटी के रहवासियों की रात बुधवार को भयावह रही। कॉलोनियों के पीछे लगे खेतों में जलती नरवाई की आग ने धुआं और तपिश सीधे कॉलोनियों तक पहुंचा दिया। हजारों निवासी डर और चिंता में पूरी रात जागते रहे। आग से निकलता धुआं दो किलोमीटर तक फैल गया, जबकि तापमान बढ़ने से एयर कंडीशनर और कूलर भी असरहीन हो गए।
कानूनी तौर पर नरवाई जलाना प्रतिबंधित है, लेकिन स्थानीय किसान इसे नजरअंदाज करते रहे। कॉलोनियों के पीछे लगे खेतों में आग और चिंगारी इतनी तेज थी कि इसे रोकना मुश्किल हो गया। इस आग की तपिश ने न केवल कॉलोनियों के निवासियों की नींद हराम की, बल्कि उनके घरों और वाहनों को भी खतरे में डाल दिया।
हैवन्स लाइफ सोसायटी के गेट पर तैनात कटारा हिल्स थाने के दो सिपाही घटना स्थल पर मौजूद थे। जब कॉलोनी के गार्ड और निवासियों ने नरवाई जलाने की शिकायत की, तो पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की। ‘कुछ नहीं होगा, जाओ सो जाओ,’ कहकर पुलिस ने मामले को टाल दिया। इस स्थिति में कॉलोनियों के गार्ड और निवासी खुद सतर्क रहे और रातभर आग पर नजर रखी।
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आग की तपिश और उड़ती चिंगारियों से बचाव के लिए कॉलोनियों के निवासियों को अपने वाहनों को सुरक्षित स्थानों पर ले जाकर पार्क करना पड़ा। कई ने घरों से बाहर पार्किंग में वाहन स्थानांतरित किए। रातभर जागकर रहने और सतर्क रहने के बावजूद, कोई अप्रिय घटना नहीं हुई।
हालांकि आग को तुरंत नहीं रोका जा सका, कॉलोनियों के गार्ड और निवासियों की सतर्कता ने किसी बड़े नुकसान को टाल दिया। यह घटना यह साफ दिखाती है कि स्थानीय प्रशासन और नागरिकों के बीच बेहतर तालमेल और समय पर कार्रवाई कितनी महत्वपूर्ण है। भविष्य में ऐसी घटनाओं से बचने के लिए सामूहिक जागरूकता और सुरक्षा उपाय अनिवार्य हैं।
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