Download App
Download on the App StoreGet it on Google Play
Breaking News

दहशत में गुजरी रात :भोपाल के कटारा हिल्स में नरवाई की आग, खेतों से सटी कॉलोनियों में रातभर हड़कंप

राजधानी के कटारा हिल्स इलाके में खेतों में लगी नरवाई की आग से हड़कंप मच गया। कॉलोनी के रहवासी रातभर आग लगने के खतरे के डर से जागते रहे। नरवाई (पराली) जलाने पर प्रतिबंध के बावजूद इसे जलाया जा रहा। राजधानी में जब ये हाल हैं तो प्रदेश के अन्य जिलों का अंदाज लगाया जा सकता है।
भोपाल के कटारा हिल्स में नरवाई की आग, खेतों से सटी कॉलोनियों में रातभर हड़कंप
AI जनरेटेड सारांश
    यह सारांश आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस द्वारा तैयार किया गया है और हमारी टीम द्वारा रिव्यू की गई है।

    भोपाल। राजधानी की कटारा हिल्स की तीन कॉलोनियों हैवन्स लाइफ सोसायटी, सिग्नेचर सिटी और कस्तूरी सिटी के रहवासियों की रात बुधवार को भयावह रही। कॉलोनियों के पीछे लगे खेतों में जलती नरवाई की आग ने धुआं और तपिश सीधे कॉलोनियों तक पहुंचा दिया। हजारों निवासी डर और चिंता में पूरी रात जागते रहे। आग से निकलता धुआं दो किलोमीटर तक फैल गया, जबकि तापमान बढ़ने से एयर कंडीशनर और कूलर भी असरहीन हो गए।

    कानून को दरकिनार कर किसानों की बेपरवाही

    कानूनी तौर पर नरवाई जलाना प्रतिबंधित है, लेकिन स्थानीय किसान इसे नजरअंदाज करते रहे। कॉलोनियों के पीछे लगे खेतों में आग और चिंगारी इतनी तेज थी कि इसे रोकना मुश्किल हो गया। इस आग की तपिश ने न केवल कॉलोनियों के निवासियों की नींद हराम की, बल्कि उनके घरों और वाहनों को भी खतरे में डाल दिया।

    पुलिस ने कहा जाओ सो जाओ, कुछ नहीं होगा

    हैवन्स लाइफ सोसायटी के गेट पर तैनात कटारा हिल्स थाने के दो सिपाही घटना स्थल पर मौजूद थे। जब कॉलोनी के गार्ड और निवासियों ने नरवाई जलाने की शिकायत की, तो पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की। ‘कुछ नहीं होगा, जाओ सो जाओ,’ कहकर पुलिस ने मामले को टाल दिया। इस स्थिति में कॉलोनियों के गार्ड और निवासी खुद सतर्क रहे और रातभर आग पर नजर रखी।

    ये भी पढ़ें: कोटा में पलटी स्लीपर बस : बाहर गिरे यात्रियों पर चढ़ा ट्राला, 3 की मौत; पत्थर या नींद… क्या है हादसे की असली वजह?

    वाहन और संपत्ति बचाने की दौड़

    आग की तपिश और उड़ती चिंगारियों से बचाव के लिए कॉलोनियों के निवासियों को अपने वाहनों को सुरक्षित स्थानों पर ले जाकर पार्क करना पड़ा। कई ने घरों से बाहर पार्किंग में वाहन स्थानांतरित किए। रातभर जागकर रहने और सतर्क रहने के बावजूद, कोई अप्रिय घटना नहीं हुई।

    सतर्कता, जागरूकता ने टाला बड़ा नुकसान

    हालांकि आग को तुरंत नहीं रोका जा सका, कॉलोनियों के गार्ड और निवासियों की सतर्कता ने किसी बड़े नुकसान को टाल दिया। यह घटना यह साफ दिखाती है कि स्थानीय प्रशासन और नागरिकों के बीच बेहतर तालमेल और समय पर कार्रवाई कितनी महत्वपूर्ण है। भविष्य में ऐसी घटनाओं से बचने के लिए सामूहिक जागरूकता और सुरक्षा उपाय अनिवार्य हैं। 

    ये भी पढ़ें: 4 फीट पानी में सांसे खत्म! भोपाल के कारोबारी संजय त्यागी की स्विमिंग पूल में डूबकर मौत

    Naresh Bhagoria
    By Naresh Bhagoria

    नरेश भगोरिया। 27 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हूं। माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता विश्ववि...Read More

    Latest Posts