भोपाल। मध्य प्रदेश में मौसम ने एक बार फिर करवट ली है और अब प्रदेश भीषण गर्मी की चपेट में आता नजर आ रहा है। अप्रैल के पहले हफ्ते तक जहां आंधी, बारिश और ओलों का असर था, वहीं अब अचानक तापमान तेजी से बढ़ गया है। मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि, अगले चार दिनों तक प्रदेश के कई जिलों में लू चलेगी। इस सीजन में पहली बार इतने ज्यादा जिलों में हीट वेव का अलर्ट जारी किया गया है, जिससे लोगों की चिंता बढ़ गई है।
मौसम विभाग के अनुसार, गुरुवार से प्रदेश के 16 जिलों में लू चलने की संभावना है। इनमें रतलाम, झाबुआ, धार, अलीराजपुर, बड़वानी, खरगोन, बुरहानपुर, खंडवा, हरदा, नर्मदापुरम, बैतूल, छिंदवाड़ा, पांढुर्णा, सिवनी, मंडला और बालाघाट शामिल हैं। इन जिलों में पहले भी गर्म हवाओं का असर देखा जा चुका है, लेकिन अब स्थिति और गंभीर हो सकती है।
मौसम विभाग के अनुसार, 16 अप्रैल से 19 अप्रैल तक प्रदेश में लू का असर बना रहेगा। इस दौरान तापमान भले 34 से 36 डिग्री के बीच रहे, लेकिन गर्म हवाओं के कारण शरीर पर इसका प्रभाव ज्यादा महसूस होगा। 18 और 19 अप्रैल को लू का दायरा और बढ़ सकता है। जिससे निवाड़ी, टीकमगढ़ और छतरपुर जैसे जिले भी इसकी चपेट में आ सकते हैं।
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बुधवार को प्रदेश में गर्मी का असर अपने चरम पर नजर आया। पहली बार इस सीजन में 25 शहरों में तापमान 40 डिग्री के पार पहुंच गया। छतरपुर का नौगांव सबसे गर्म रहा, जहां तापमान 42.4 डिग्री दर्ज किया गया। इसके अलावा खजुराहो, रतलाम, नर्मदापुरम, सतना और मंडला जैसे शहरों में भी तापमान 41 से 42 डिग्री के बीच रहा। बड़े शहरों में भी गर्मी का असर साफ दिखा, जहां इंदौर और ग्वालियर में पारा 40 डिग्री पार पहुंच गया, जबकि भोपाल, उज्जैन और जबलपुर में तापमान 39 डिग्री के आसपास रहा।
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शहर |
अधिकतम तापमान |
न्यूनतम तापमान |
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रतलाम |
42.0°C |
23.8°C |
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खजुराहो |
42.2°C |
22.0°C |
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नौगांव |
42.4°C |
20.0°C |
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नर्मदापुरम |
41.8°C |
24.6°C |
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सतना |
41.7°C |
23.7°C |
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मंडला |
41.6°C |
20.3°C |
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धार |
41.0°C |
23.1°C |
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खरगोन |
41.0°C |
22.8°C |
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रीवा |
41.0°C |
21.0°C |
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बैतूल |
40.2°C |
23.2°C |
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भोपाल |
39.5°C |
23.6°C |
इससे साफ है कि, प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में तापमान सामान्य से ऊपर चल रहा है।
तापमान रिपोर्ट के अनुसार प्रदेश के ज्यादातर जिलों में तापमान सामान्य से ऊपर दर्ज किया गया है। छिंदवाड़ा में सामान्य से लगभग 5 डिग्री ज्यादा तापमान रहा, जबकि मंडला, रतलाम और धार जैसे जिलों में भी तापमान सामान्य से काफी अधिक रहा। इसका सीधा असर लोगों की दिनचर्या और स्वास्थ्य पर पड़ रहा है। लगातार बढ़ती गर्मी से लोगों को दिन में बाहर निकलना मुश्किल हो रहा है।
मौसम विभाग के अनुसार, अप्रैल के दूसरे पखवाड़े में गर्मी का बढ़ना सामान्य प्रक्रिया है। इस साल भी यही स्थिति बन रही है। हालांकि, इस बार शुरुआत में मौसम ठंडा रहा क्योंकि 1 से 9 अप्रैल तक प्रदेश में लगातार आंधी, बारिश और ओलों का असर था। लेकिन 10 अप्रैल के बाद मौसम साफ हुआ और तापमान तेजी से बढ़ने लगा। अब यह बढ़ोतरी लगातार जारी रहने की संभावना है।
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मौसम विभाग ने अनुसार, 16 अप्रैल से एक नया सिस्टम एक्टिव हो रहा है, लेकिन यह काफी कमजोर है। इसका असर मुख्य रूप से पश्चिमी हिमालयी क्षेत्रों में देखने को मिलेगा। मध्य प्रदेश में इसका ज्यादा प्रभाव नहीं पड़ेगा। ऐसे में लोगों को गर्मी से राहत मिलने की उम्मीद फिलहाल कम ही है।
तेज गर्मी का असर अब लोगों की सेहत पर भी दिखने लगा है। अस्पतालों में मरीजों की संख्या बढ़ रही है। डॉक्टरों के अनुसार हीट रैश, हीट क्रैम्प, हीट एक्सॉशन और हीट स्ट्रोक जैसी समस्याएं तेजी से बढ़ रही हैं। हीट स्ट्रोक सबसे खतरनाक स्थिति होती है, जिसमें शरीर का तापमान 104 डिग्री तक पहुंच सकता है। ऐसे मामलों में तुरंत इलाज जरूरी होता है।
डॉक्टरों का कहना है कि, इस मौसम में लोगों को खास सावधानी बरतनी चाहिए। दिन में खासकर दोपहर 12 बजे से शाम 4 बजे के बीच बाहर निकलने से बचना चाहिए। पर्याप्त मात्रा में पानी पीना जरूरी है, ताकि शरीर हाइड्रेट रहे। हल्के रंग के सूती कपड़े पहनने चाहिए और बच्चों, बुजुर्गों तथा बीमार लोगों का विशेष ध्यान रखना चाहिए। थोड़ी सी लापरवाही भी गंभीर समस्या का कारण बन सकती है।
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गर्मी को देखते हुए कई जिलों में स्कूलों के समय में बदलाव किया गया है। बुरहानपुर, हरदा और रतलाम जैसे जिलों में बच्चों को राहत देने के लिए सुबह की शिफ्ट में स्कूल चलाए जा रहे हैं। प्रशासन ने भी स्थिति पर नजर बनाए रखी है और जरूरत पड़ने पर अन्य कदम उठाने की तैयारी की जा रही है।
इस साल अप्रैल की शुरुआत में मौसम पूरी तरह अलग था। पहले 9 दिनों तक प्रदेश में आंधी, बारिश और ओलों का दौर चलता रहा। कई जिलों में भारी बारिश हुई और फसलों को नुकसान भी पहुंचा। लेकिन अब मौसम पूरी तरह बदल गया है और गर्मी अपने चरम की ओर बढ़ रही है।