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अमेरिका ने भारत समेत दुनिया की 400 कंपनियों पर लगाया बैन

यूक्रेन के खिलाफ रूस का सपोर्ट करने पर सख्ती की
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अमेरिका ने भारत समेत दुनिया की 400 कंपनियों पर लगाया बैन

वाशिंगटन। अमेरिका ने भारत की 19 कंपनियों और 2 नागरिकों पर प्रतिबंध लगाए हैं। अमेरिका का कहना है कि इन कंपनियों ने यूक्रेन के खिलाफ लड़ाई में रूस की मदद की थी। भारत के अलावा करीब 15 देशों की 400 कंपनियों और लोगों पर भी ये पाबंदी लगाई गई है। प्रतिबंधों का सामना कर रही ज्यादातर कंपनियां सैन्य इस्तेमाल की सामग्री, इलेक्ट्रॉनिक उपकरण और तकनीक की आपूर्ति करती थीं। कुछ कंपनियां विमानों के कलपुर्जे और दूसरे उपकरण रूस को भेजती थीं।

अमेरिकी कार्रवाई के दायरे में आने वाली कंपनियों में चीन, स्विट्जरलैंड, थाईलैंड और तुर्की आदि देशों की कंपनियां भी शामिल हैं, जिन्हें रूस को उन्नत तकनीक और उपकरण प्रदान करने के लिए प्रतिबंधित किया गया है। बता दें, ऐसी कई वस्तुएं अमेरिका, यूरोपीय संघ (ईयू), जापान और ब्रिटेन द्वारा बनाई गई कॉमन हाई प्रायोरिटी लिस्ट (सीएचपीएल) का हिस्सा हैं। सीएचपीएल में ऐसी वस्तुएं हैं, जिन्हें रूस हथियार कार्यक्रमों के लिए खरीदना चाहता है।

अमेरिका ने दो भारतीयों को भी प्रतिबंधित सूची में डाला

अमेरिका द्वारा जारी नई सूची में आभार टेक्नोलॉजीज एंड सर्विसेज, डेनवास सर्विसेज, एम्सिस्टेक, इनोवियो वेंचर्स, गैलेक्सी बियरिंग्स, ऑर्बिट फिनट्रेड, पॉइंटर इलेक्ट्रॉनिक्स, मास्क ट्रांस, टीसीएमडी ग्लोबल, फ्यूट्रेवो, खुशबू होनिंग, लोकेश मशीन, शार्पलाइन ऑटोमेशन, शौर्य एयरोनॉटिक्स, श्रीजी इम्पेक्स, श्रेया लाइफ साइंसेज, केडीजी इंजीनियरिंग प्राइवेट लिमिटेड और आरआरजी इंजीनियरिंग टेक्नोलॉजीज शामिल हैं। दिल्ली स्थित एसेंड एविएशन और उसके 2 निदेशकों विवेक कुमार मिश्रा और सुधीर कुमार को भी अमेरिका ने प्रतिबंधित सूची में डाला है। ये कंपनी विमानों के कलपुर्जे बनाती है।

प्रतिबंधों का यह होगा असर

  • प्रतिबंधों के बाद इन कंपनियों की अमेरिकी संपत्तियों और सब्सिडरी कंपनियों पर रोक लगा दी गई है।
  • ये कंपनियां अमेरिकी संस्थाओं के साथ भी लेन-देन नहीं कर पाएंगी।
  • अमेरिका और अमेरिका के बाहर भी प्रतिबंधित कंपनियों के साथ कारोबार में शामिल दूसरी कंपनियों पर भी प्रतिबंध का खतरा मंडराएगा।
  • कंपनियों के साथ किसी भी तरह के लेन-देन करने वाले लोगों और फर्मों को प्रतिबंधों का सामना करना पड़ेगा।
  • नवंबर 2023 में अमेरिका ने भारतीय कंपनी एसआई2 माइक्रोसिस्टम्स को भी इसी कारण बैन किया था।

रूस की मदद करने वालों पर होती रहेगी कार्रवाई

अमेरिका और हमारे सहयोगी वैश्विक स्तर पर निर्णायक कार्रवाई करते रहेंगे, ताकि रूस को उन आवश्यक उपकरणों और तकनीकों का प्रवाह रोका जा सके, जिनकी उसे अपने अवैध और अमानवीय युद्ध को जारी रखने के लिए आवश्यकता है। इस तरह के प्रतिबंधों का उद्देश्य न केवल रूस की सैन्य गतिविधियों को कमजोर करना है, बल्कि अन्य देशों को भी चेतावनी देना है कि वे रूस के साथ ऐसे किसी व्यापार में हिस्सा न लें। - वॉली अडेयमो, डिप्टी सेक्रेटरी ट्रेजरी, अमेरिका

People's Reporter
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