Amarnath Yatra 2026 : 57 दिन की यात्रा के दौरान संदिग्ध गतिविधियों पर रहेगी कड़ी नजर, दोनों रास्ते से आ-जा सकेंगे श्रद्धालु

जम्मू। इस वर्ष अमरनाथ यात्रा 3 जुलाई से शुरू होकर 28 अगस्त यानी रक्षाबंधन के दिन संपन्न होगी। श्रद्धालु दो मार्गों से बाबा बर्फानी के दर्शन कर सकेंगे। पहला पारंपरिक 48 किलोमीटर लंबा नुनवान-पहलगाम मार्ग है, जबकि दूसरा 14 किलोमीटर लंबा बाल्टल मार्ग है, जो छोटा होने के बावजूद अधिक चुनौतीपूर्ण माना जाता है। प्रशासन का लक्ष्य यात्रा को सुरक्षित और सुचारू बनाना है।
सुरक्षा व्यवस्था पर प्रशासन की पैनी नजर
जम्मू संभागीय आयुक्त रमेश कुमार और पुलिस महानिरीक्षक भीम सेन टूटी ने सुरक्षा प्रबंधों की गहन समीक्षा की। अधिकारियों ने यात्रा मार्ग और विभिन्न ठहराव केंद्रों पर सुरक्षा बलों की तैनाती, पर्याप्त रोशनी और निगरानी व्यवस्था को मजबूत करने के निर्देश दिए। साथ ही यात्रा के निर्धारित समय का पालन सुनिश्चित करने पर भी जोर दिया गया।
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सीसीटीवी, चेकिंग और ट्रैफिक मैनेजमेंट पर फोकस
आईजीपी टूटी ने लखनपुर स्थित आधार शिविर और यात्री स्वागत केंद्र का निरीक्षण किया। इस दौरान सीसीटीवी निगरानी, प्रवेश नियंत्रण प्रणाली, तलाशी व्यवस्था और यातायात प्रबंधन की समीक्षा की गई। अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि यात्रा के दौरान किसी भी तरह की चूक न हो और सुरक्षा मानकों का सख्ती से पालन किया जाए।
आपातकालीन तैयारियां पूरी
कठुआ जिला पुलिस लाइन में आयोजित समीक्षा बैठक में वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक मोहिता शर्मा ने अधिकारियों को सुरक्षा योजनाओं की जानकारी दी। बैठक में काफिला प्रबंधन, त्वरित प्रतिक्रिया टीम (QRT), निगरानी व्यवस्था और आपातकालीन प्रतिक्रिया योजनाओं पर विस्तार से चर्चा की गई। सुरक्षा एजेंसियों को किसी भी चुनौती से निपटने के लिए पूरी तरह तैयार रहने को कहा गया।
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लंगरों-आवास केंद्रों का होगा नियमित निरीक्षण
जम्मू-सांबा-कठुआ रेंज के डीआईजी श्रीधर पाटिल ने अधिकारियों को यात्रा मार्ग पर स्थित लंगरों और आवास केंद्रों का नियमित निरीक्षण करने के निर्देश दिए। साथ ही संदिग्ध व्यक्तियों और गतिविधियों पर लगातार निगरानी रखने को कहा गया। प्रशासन का मानना है कि बेहतर समन्वय, आधुनिक तकनीक और मजबूत सुरक्षा व्यवस्था के जरिए इस वर्ष की अमरनाथ यात्रा को सुरक्षित, सुविधाजनक और सफल बनाया जा सकेगा।












