बदरीनाथ मंदिर चढ़ावा घोटाला:BKTC के पूर्व टेंपल अधिकारी गिरफ्तार, दान में गड़बड़ी की SIT जांच तेज

उत्तराखंड के प्रसिद्ध बद्रीनाथ धाम में चढ़ावे और दान में कथित अनियमितताओं के मामले में स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (SIT) ने बड़ी कार्रवाई की है। SIT ने बद्री-केदार मंदिर समिति (BKTC) के पूर्व टेंपल अधिकारी राजेंद्र सिंह चौहान को गिरफ्तार कर लिया है। आरोप है कि मंदिर में चढ़ावे और दान की गिनती के दौरान वित्तीय अनियमितताएं और गड़बड़ियां हुईं। मामले में पहले ही कई अधिकारियों पर कार्रवाई हो चुकी है और अब जांच का दायरा लगातार बढ़ाया जा रहा है।
रिटायरमेंट के कुछ दिन बाद हुई गिरफ्तारी
राजेंद्र सिंह चौहान 30 जून 2026 को टेंपल अधिकारी के पद से सेवानिवृत्त हुए थे। रिटायरमेंट के कुछ ही दिनों बाद SIT ने उन्हें हिरासत में लेकर गिरफ्तार कर लिया। जांच एजेंसी अब उनसे पूछताछ कर रही है और यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि कथित अनियमितताओं में किन-किन लोगों की भूमिका रही।
सोशल मीडिया पर आरोपों के बाद खुला मामला
यह मामला तब सुर्खियों में आया जब सोशल मीडिया पर बद्रीनाथ मंदिर में चढ़ावे की गिनती के दौरान कथित गड़बड़ी के वीडियो और आरोप सामने आए। इसके बाद भैरव सेना नामक संगठन ने शिकायत दर्ज कर निष्पक्ष जांच और एफआईआर की मांग की थी। शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए उत्तराखंड सरकार ने पिछले सप्ताह तीन सदस्यीय उच्च स्तरीय जांच समिति का गठन किया। समिति की अध्यक्षता गढ़वाल मंडल के आयुक्त कर रहे हैं जो अपनी रिपोर्ट और सिफारिशें राज्य सरकार को सौंपेंगे।
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पहले भी हो चुकी हैं कई कार्रवाई
SSP सुरजीत सिंह पंवार के अनुसार मंदिर समिति के अधिकारी युधवीर फरस्वान की शिकायत पर 8 जुलाई को बद्रीनाथ थाने में मामला दर्ज किया गया था। प्रारंभिक जांच के आधार पर BKTC अध्यक्ष कार्यालय में तैनात निजी सहायक प्रमोद नौटियाल को पहले निलंबित किया गया और बाद में 13 जुलाई को गिरफ्तार कर लिया गया। वहीं चढ़ावे के रजिस्टर में ओवरराइटिंग मिलने के बाद मंदिर के कोषाध्यक्ष का भी तबादला कर दिया गया।
जांच समिति ने दिए कई अहम सुझाव
18 पन्नों की प्रारंभिक जांच रिपोर्ट में मंदिर की दान व्यवस्था को अधिक पारदर्शी बनाने के लिए कई सिफारिशें की गई हैं। इनमें शामिल हैं-
- चढ़ावे की गिनती के दौरान ड्रेस कोड लागू करना।
- गिनती केंद्र और अन्य संवेदनशील स्थानों पर अतिरिक्त CCTV कैमरे लगाना।
- निगरानी व्यवस्था को और मजबूत करना।
- दान की गिनती की प्रक्रिया में अधिक पारदर्शिता सुनिश्चित करना।
- श्रद्धालुओं की भागीदारी बढ़ाने के उपाय करना।
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पुराने CCTV फुटेज भी खंगाल रही SIT
SIT अब यह भी जांच कर रही है कि इस घोटाले में प्रमोद नौटियाल के अलावा और कौन-कौन शामिल था। जांच एजेंसी पुराने CCTV फुटेज की भी जांच कर रही है। साथ ही डिलीट किए गए फुटेज को रिकवर करने का प्रयास किया जा रहा है, ताकि पूरे घटनाक्रम की सच्चाई सामने लाई जा सके।












