20 जुलाई से संसद का मानसून सत्र :वंदे मातरम को कानूनी संरक्षण समेत 7 बड़े बिल लाएगी सरकार, विपक्ष ने भी बनाई रणनीति

नई दिल्ली। 20 जुलाई से शुरू होने वाला संसद का मानसून सत्र इस बार काफी अहम माना जा रहा है। सरकार ने लोकसभा में पेश किए जाने वाले सात प्रमुख विधेयकों का एजेंडा लगभग तय कर लिया है। इनमें वंदे मातरम को कानूनी संरक्षण, विदेशी चंदा (FCRA) कानून में संशोधन, इनकम टैक्स, सुप्रीम कोर्ट में जजों की संख्या बढ़ाने, जन्म-मृत्यु पंजीकरण और MSME से जुड़े महत्वपूर्ण विधेयक शामिल हैं।
वहीं दूसरी ओर कांग्रेस समेत विपक्षी दल NEET-UG पेपर लीक, भर्ती परीक्षाओं में गड़बड़ी, अयोध्या राम मंदिर दान विवाद, E20 ईंधन नीति, महंगाई, बेरोजगारी और विदेश नीति जैसे मुद्दों पर सरकार को घेरने की तैयारी कर रहे हैं। संसद का यह सत्र 20 जुलाई से 13 अगस्त तक चलेगा। कुल 25 दिनों में 19 बैठकें प्रस्तावित हैं।
सरकार किन 7 बड़े बिलों को ला सकती है?
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क्रमांक |
प्रस्तावित विधेयक |
मुख्य उद्देश्य |
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1 |
विदेशी योगदान (FCRA) संशोधन विधेयक, 2026 |
विदेशी चंदे के उपयोग पर सख्त निगरानी, पंजीकरण समाप्त होने पर संपत्ति प्रबंधन के लिए अलग प्राधिकरण |
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2 |
राष्ट्रीय सम्मान के अपमान की रोकथाम (संशोधन) विधेयक, 2026 |
'वंदे मातरम' को राष्ट्रगान की तरह कानूनी संरक्षण देना |
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3 |
विकसित भारत शिक्षा अधिष्ठान विधेयक, 2025 |
UGC, AICTE और NCTE की जगह एकीकृत नियामक संस्था |
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4 |
इनकम टैक्स (संशोधन) विधेयक, 2026 |
सरकारी प्रतिभूतियों में विदेशी निवेश बढ़ाने और टैक्स व्यवस्था में बदलाव |
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5 |
सुप्रीम कोर्ट (जजों की संख्या) संशोधन विधेयक, 2026 |
सुप्रीम कोर्ट में जजों की संख्या 33 से बढ़ाकर 37 करना |
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6 |
जन्म एवं मृत्यु पंजीकरण (संशोधन) विधेयक, 2026 |
दो साल बाद रजिस्ट्रेशन केवल न्यायिक मजिस्ट्रेट के आदेश से |
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7 |
MSME डेवलपमेंट संशोधन विधेयक, 2026 |
छोटे उद्योगों के भुगतान विवादों का तेजी से समाधान |
वंदे मातरम को मिलेगा कानूनी संरक्षण
इस सत्र का सबसे चर्चित प्रस्ताव राष्ट्रीय सम्मान के अपमान की रोकथाम (संशोधन) विधेयक माना जा रहा है। अगर यह कानून पारित होता है तो-
- 'वंदे मातरम' को भी विशेष कानूनी संरक्षण मिलेगा।
- इसका अपमान, अनादर या गायन में बाधा डालना दंडनीय अपराध माना जाएगा।
- राष्ट्रीय सम्मान से जुड़े मौजूदा कानून का दायरा और बढ़ जाएगा।
FCRA कानून में क्या बदलेगा?
सरकार विदेशी फंडिंग पर निगरानी और कड़ी करना चाहती है। प्रस्तावित संशोधन के तहत-
- विदेशी चंदे के उपयोग पर सख्त निगरानी होगी।
- जिन संस्थाओं का पंजीकरण समाप्त होगा, उनकी संपत्तियों के प्रबंधन का नया प्रावधान बनेगा।
- इसके लिए अलग वैधानिक प्राधिकरण बनाया जा सकता है।
शिक्षा व्यवस्था में बड़ा बदलाव संभव
सरकार विकसित भारत शिक्षा अधिष्ठान विधेयक के जरिए उच्च शिक्षा के नियामक ढांचे में बड़ा बदलाव करना चाहती है। प्रस्ताव के अनुसार, UGC, AICTE और NCTE की जगह एक नई एकीकृत नियामक संस्था बनाई जाएगी। राष्ट्रीय महत्व के संस्थान (INI) भी इसके दायरे में लाए जा सकते हैं।
सुप्रीम कोर्ट में बढ़ेंगे जज
सरकार सुप्रीम कोर्ट में लंबित मामलों का बोझ कम करने के लिए न्यायाधीशों की संख्या 33 से बढ़ाकर 37 करने का प्रस्ताव ला रही है। यह विधेयक पहले जारी अध्यादेश की जगह लेगा।
जन्म और मृत्यु पंजीकरण के नियम बदलेंगे
सरकार जन्म और मृत्यु पंजीकरण की प्रक्रिया में भी संशोधन करने जा रही है। प्रमुख प्रस्ताव-
- घटना के दो साल बाद पंजीकरण केवल न्यायिक मजिस्ट्रेट के आदेश पर होगा।
- वर्तमान में लागू DM/SDM की मंजूरी का प्रावधान समाप्त किया जाएगा।
MSME सेक्टर को मिलेगा फायदा
सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्योगों (MSME) से जुड़े संशोधन में भुगतान विवादों का तेजी से निपटारा, राज्यों में MSE Facilitation Council (MSEFC) की संख्या बढ़ाने और छोटे कारोबारियों को राहत देने जैसे प्रावधान शामिल किए जा सकते हैं।
इनकम टैक्स कानून में भी बदलाव
सरकार इनकम टैक्स संशोधन विधेयक भी पेश करेगी। इसका उद्देश्य सरकारी प्रतिभूतियों (G-Secs) में विदेशी निवेश को बढ़ावा देना, सरकारी कर्ज बाजार को मजबूत करना और अध्यादेश को स्थायी कानून का रूप देना बताया जा रहा है।
कौन से बिल पुराने और कौन नए?
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पहले से लंबित विधेयक |
पहली बार पेश होने वाले विधेयक |
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FCRA संशोधन विधेयक |
वंदे मातरम संरक्षण विधेयक |
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विकसित भारत शिक्षा अधिष्ठान विधेयक |
जन्म-मृत्यु पंजीकरण संशोधन |
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MSME संशोधन विधेयक |
इनके अलावा इनकम टैक्स और सुप्रीम कोर्ट जजों से जुड़े विधेयक अध्यादेशों का स्थान लेंगे।
विपक्ष किन मुद्दों पर सरकार को घेरेगा?
मानसून सत्र के दौरान विपक्ष कई अहम मुद्दे उठाने की तैयारी में है। मुख्य मुद्दे-
- NEET-UG पेपर लीक
- भर्ती परीक्षाओं में अनियमितता
- अयोध्या राम मंदिर दान विवाद
- E20 ईंधन नीति
- महंगाई
- बेरोजगारी
- विदेश नीति
कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने कहा है कि, विपक्ष इन मुद्दों को प्रमुखता से उठाएगा और शिक्षा व्यवस्था पर भी सरकार से जवाब मांगेगा।
मानसून सत्र से पहले तेज हुई राजनीतिक हलचल
सत्र शुरू होने से पहले NDA नेताओं की बैठक आयोजित की गई, जिसमें कई वरिष्ठ केंद्रीय मंत्री शामिल हुए। वहीं विपक्षी दल भी अपनी रणनीति को अंतिम रूप देने में जुटे हैं। 19 जुलाई को विपक्षी दलों की बैठक होगी, जबकि 20 जुलाई को संसद के पहले दिन दोनों सदनों में विपक्षी नेताओं की अलग रणनीतिक बैठक प्रस्तावित है।
एक नजर में मानसून सत्र 2026
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विषय |
जानकारी |
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सत्र शुरू |
20 जुलाई 2026 |
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सत्र समाप्त |
13 अगस्त 2026 |
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कुल अवधि |
25 दिन |
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कुल बैठकें |
19 |
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प्रस्तावित बिल |
7 |
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विपक्ष के प्रमुख मुद्दे |
NEET, भर्ती घोटाले, राम मंदिर दान विवाद, E20, विदेश नीति |











