बिजनौर को सीएम योगी ने दी सौगात:कांग्रेस पर जमकर बरसे मुख्यमंत्री, बोले-तुष्टिकरण नहीं विकास चाहिए

बिजनौर। सीएम योगी आदित्यनाथ ने बिजनौर में ₹1,003 करोड़ से अधिक की 76 विकास परियोजनाओं की सौगात दी। इस दौरान विभिन्न योजनाओं के लाभार्थियों को चेक और प्रमाण पत्र भी वितरित किए गए। जनसभा में उन्होंने पूर्ववर्ती सरकारों, तुष्टिकरण की राजनीति और कानून व्यवस्था को लेकर विपक्ष पर तीखा हमला बोला। साथ ही विकास और सुरक्षा को सरकार की प्राथमिकता बताया।
1,003 करोड़ की विकास परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास
वर्धमान कॉलेज में आयोजित जनसभा के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने ₹1,003 करोड़ से अधिक की लागत वाली 76 विकास परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास किया। कार्यक्रम में अलग-अलग जनकल्याणकारी योजनाओं के लाभार्थियों को चेक और प्रमाण पत्र भी वितरित किए गए। उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य विकास योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना है और प्रदेश में तेजी से आधारभूत सुविधाओं का विस्तार किया जा रहा है।
'2017 के पहले मुख्यमंत्री बिजनौर को अपशकुन मानते थे'
मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 2017 से पहले प्रदेश के कुछ मुख्यमंत्री बिजनौर आने से बचते थे, लेकिन यह क्षेत्र किसी भी तरह से अपशकुन नहीं था। उन्होंने कहा कि भगवान श्रीकृष्ण और महात्मा विदुर से जुड़ी इस पावन धरती का अपना गौरवशाली इतिहास है। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि पहले की सरकारों के नेताओं के पास जनता से मिलने का समय नहीं होता था, जबकि वर्तमान सरकार जनता के बीच रहकर काम कर रही है।
कानून व्यवस्था और तुष्टिकरण पर विपक्ष को घेरा
जनसभा में मुख्यमंत्री योगी ने विपक्ष पर तुष्टिकरण की राजनीति करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि पहले धार्मिक आयोजनों और यात्राओं पर प्रतिबंध जैसे हालात बनाए जाते थे, जबकि आज प्रदेश में शांति और सुरक्षा का माहौल है। उन्होंने कहा कि अब कांवड़ यात्रा, शिवरात्रि और जन्माष्टमी जैसे आयोजन पूरी व्यवस्था और उत्साह के साथ संपन्न हो रहे हैं और महिलाओं, व्यापारियों की सुरक्षा सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है।
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विभाजन और भ्रष्टाचार के मुद्दे भी उठाए
मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में देश के विभाजन का जिम्मेदार कांग्रेस को बताते हुए विपक्ष पर कई राजनीतिक आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि पहले केंद्र से भेजी गई योजनाओं की पूरी राशि जरूरतमंदों तक नहीं पहुंच पाती थी, जबकि अब सरकारी योजनाओं का लाभ सीधे पात्र लोगों के खातों में पहुंच रहा है। उन्होंने लोगों से विकास, पारदर्शिता और सुशासन के आधार पर सरकार के कार्यों का मूल्यांकन करने की अपील भी की।












