इंदौर-दिल्ली हवाई यात्रियों को बड़ा झटका:एअर इंडिया ने जून से चार उड़ानें की बंद, राइजिंग फ्यूल कॉस्ट का असर

इंदौर से दिल्ली के बीच हवाई सफर करने वाले यात्रियों के लिए जून महीने की शुरुआत परेशानी भरी रहने वाली है। बढ़ती ईंधन कीमतों और संचालन लागत के कारण एअर इंडिया ने इंदौर-दिल्ली रूट पर अपनी चार उड़ानें बंद करने का फैसला लिया है। यह बदलाव 1 जून से लागू हो गया है।
एअर इंडिया के इस फैसले का सीधा असर उन यात्रियों पर पड़ेगा जो रोजाना या नियमित रूप से इंदौर और दिल्ली के बीच यात्रा करते हैं। उड़ानों की संख्या कम होने से टिकटों की उपलब्धता घट सकती है और किराए में भी बढ़ोतरी देखने को मिल सकती है।
पहले चार उड़ानें, अब सिर्फ दो उड़ानें
अब तक एअर इंडिया इंदौर से दिल्ली और दिल्ली से इंदौर के बीच प्रतिदिन चार-चार उड़ानें संचालित कर रही थी। यानी दोनों शहरों के बीच कुल आठ उड़ानों की सुविधा यात्रियों को मिल रही थी, लेकिन 1 जून से एअर इंडिया ने इनमें से दो आने वाली और दो जाने वाली उड़ानें बंद कर दी हैं। इसके बाद एअर इंडिया की ओर से सिर्फ दो उड़ानें दिल्ली से इंदौर और दो उड़ानें इंदौर से दिल्ली के लिए संचालित की जाएंगी।
इस फैसले के बाद यात्रियों के पास यात्रा के लिए विकल्प कम हो जाएंगे। खासकर उन लोगों को ज्यादा परेशानी होगी जो अपनी सुविधानुसार सुबह या दोपहर के समय उड़ान चुनते थे।
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ईंधन की बढ़ती कीमतें बनीं बड़ी वजह
एविएशन सेक्टर लंबे समय से बढ़ती लागत की समस्या से जूझ रहा है। विमान संचालन में ईंधन सबसे बड़ा खर्च होता है। हाल के समय में विमान ईंधन (ATF) की कीमतों में लगातार उतार-चढ़ाव और बढ़ोतरी देखने को मिली है।
इसके अलावा हवाई अड्डा शुल्क, रखरखाव खर्च और अन्य परिचालन लागत भी बढ़ी है। इन्हीं कारणों से कई एअरलाइंस अपने नेटवर्क और उड़ानों की समीक्षा कर रही हैं। एअर इंडिया का यह फैसला भी इसी प्रक्रिया का हिस्सा माना जा रहा है।
पहले से टिकट बुक कराने वालों को राहत
एअर इंडिया ने उन यात्रियों के लिए विशेष व्यवस्था की है जिन्होंने बंद होने वाली उड़ानों में पहले से टिकट बुक कर रखी थी। ऐसे यात्रियों को दो विकल्प दिए जा रहे हैं। पहला, उन्हें दूसरी उपलब्ध उड़ानों में समायोजित किया जाएगा। दूसरा, यदि यात्री यात्रा नहीं करना चाहते हैं तो उन्हें टिकट राशि वापस लेने यानी रिफंड का विकल्प भी मिलेगा। एअरलाइंस की ओर से प्रभावित यात्रियों से संपर्क कर उन्हें नई यात्रा व्यवस्था की जानकारी दी जा रही है।
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पूरी तरह खत्म नहीं हुई सुविधा
हालांकि एअर इंडिया ने अपनी कुछ उड़ानें बंद कर दी हैं, लेकिन इंदौर और दिल्ली के बीच हवाई संपर्क पूरी तरह प्रभावित नहीं होगा।
अन्य एअरलाइंस की सेवाओं को मिलाकर देखा जाए तो इंदौर से दिल्ली के बीच अभी भी प्रतिदिन आठ सीधी उड़ानें उपलब्ध रहेंगी। इसी तरह दिल्ली से इंदौर के लिए भी आठ सीधी उड़ानें संचालित होती रहेंगी।
इस तरह यात्रियों को कुल 16 उड़ानों की सुविधा मिलती रहेगी। हालांकि विकल्प कम होने के कारण यात्रियों को पहले की तुलना में टिकट बुकिंग के लिए अधिक योजना बनानी पड़ सकती है।
दिल्ली-मुंबई के लिए उड़ानों की संख्या अब बराबर
इंदौर एअरपोर्ट से सबसे अधिक उड़ानें लंबे समय से दिल्ली के लिए संचालित होती रही हैं। लेकिन एअर इंडिया की उड़ानें कम होने के बाद अब स्थिति बदल जाएगी। जून महीने से इंदौर से दिल्ली और मुंबई दोनों शहरों के लिए समान संख्या में उड़ानें उपलब्ध रहेंगी। दोनों महानगरों के लिए प्रतिदिन आठ-आठ उड़ानों की सुविधा रहेगी।
दिल्ली और मुंबई के बाद इंदौर से सबसे ज्यादा उड़ानें बेंगलुरु और अहमदाबाद के लिए संचालित होती हैं। इन शहरों के लिए भी यात्रियों की मांग लगातार बढ़ रही है।
कौन-कौन सी उड़ानें हुईं बंद?
एअर इंडिया ने जिन चार उड़ानों का संचालन बंद किया है, उनमें दिल्ली से इंदौर आने वाली दो और इंदौर से दिल्ली जाने वाली दो उड़ानें शामिल हैं।
दिल्ली से इंदौर आने वाली बंद उड़ानें-
- एआई 1725- दिल्ली से सुबह 5:40 बजे रवाना होकर सुबह 7:15 बजे इंदौर पहुंचती थी।
- एआई 2515- दिल्ली से दोपहर 12:10 बजे रवाना होकर दोपहर 1:45 बजे इंदौर पहुंचती थी।
इंदौर से दिल्ली जाने वाली बंद उड़ानें-
- एआई 2591- इंदौर से सुबह 9:40 बजे रवाना होकर सुबह 11:15 बजे दिल्ली पहुंचती थी।
- एआई 25160- इंदौर से दोपहर 12:15 बजे रवाना होकर दोपहर 1:55 बजे दिल्ली पहुंचती थी।
इन उड़ानों के बंद होने से खासतौर पर सुबह और दोपहर के समय यात्रा करने वाले यात्रियों को अपनी योजनाओं में बदलाव करना पड़ सकता है।
यात्रियों पर क्या पड़ेगा असर?
उड़ानों की संख्या कम होने का सबसे बड़ा असर टिकट की उपलब्धता और किराए पर पड़ सकता है। मांग अधिक और सीटें कम होने पर टिकट महंगे होने की संभावना बढ़ जाती है।
व्यापारिक यात्रियों, छात्रों, सरकारी अधिकारियों और नियमित यात्रा करने वाले लोगों को पहले से योजना बनाकर टिकट बुक करानी पड़ सकती है। छुट्टियों और त्योहारों के समय टिकट मिलना और भी मुश्किल हो सकता है।











