चुनाव से पहले TMC को झटका : I-PAC का ऑफिस बंद, 1300 कर्मचारियों को रोका गया

I-PAC और उसके निदेशक प्रतीक जैन पर 2,742 करोड़ रुपये के कथित कोयला घोटाले से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग के आरोप हैं। इस मामले में सेंट्रल ब्यूरो ऑफ इंवेस्टिगेशन ने 27 नवंबर 2020 को प्राथमिकी दर्ज की थी। मामला फिलहाल सुप्रीम कोर्ट में विचाराधीन है।
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 I-PAC का ऑफिस बंद, 1300 कर्मचारियों को रोका गया
AI जनरेटेड सारांश
    यह सारांश आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस द्वारा तैयार किया गया है और हमारी टीम द्वारा रिव्यू की गई है।

    कोलकाता। पश्चिम बंगाल में चुनावी माहौल के बीच ममता बनर्जी की पार्टी तृणमूल कांग्रेस के चुनाव अभियान को संभाल रही संस्था (I-PAC) इंडियन पॉलिटिकल एक्शन कमेटी को लेकर एक नई स्थिति सामने आई है। कोलकाता के विधाननगर स्थित इसका दफ्तर पिछले दो दिनों से बंद बताया जा रहा है। खबर है कि संस्था के एचआर विभाग ने करीब 1300 कर्मचारियों को अस्थायी रूप से काम पर न आने का निर्देश दिया है। यह घटनाक्रम ऐसे समय पर सामने आया है, जब राज्य में पहले चरण का मतदान बेहद नजदीक है।

    चुनाव से पहले बढ़ी अनिश्चितता

    पहले चरण का मतदान 23 अप्रैल को होना है, जिसमें 152 सीटों पर वोट डाले जाएंगे। प्रचार 21 अप्रैल को समाप्त हो रहा है। ऐसे में I-PAC के कामकाज पर असर की खबरों से पार्टी के कार्यकर्ताओं और संगठन में असमंजस की स्थिति पैदा हो गई है। हालांकि तृणमूल कांग्रेस ने इन दावों को सार्वजनिक रूप से नकारा है।

    I-PAC की भूमिका और रणनीति

    I-PAC ने तृणमूल कांग्रेस के चुनावी अभियान में बेहद अहम भूमिका निभाई है। बूथ स्तर की गतिविधियों से लेकर रैलियों, सभाओं, सोशल मीडिया, पोस्टर और नारे तक- हर पहलू में इसकी भागीदारी रही है। 2021 के विधानसभा चुनाव में भी इस संस्था ने रणनीतिक सहयोग दिया था।
    इस बार भी I-PAC ने डेटा आधारित रणनीति तैयार की। 2021 विधानसभा और 2024 लोकसभा चुनावों के बूथ स्तर के आंकड़ों का विश्लेषण कर सीटों को तीन श्रेणियों मजबूत, कमजोर और कम अंतर वाली सीटों—में बांटा गया। खासतौर पर 15 हजार वोटों तक के अंतर वाली सीटों पर विशेष ध्यान दिया गया।

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    शैडो एजेंट्स और बूथ मैनेजमेंट

    संस्था ने लगभग 93 हजार पोलिंग बूथों के लिए करीब एक लाख ‘शैडो एजेंट्स’ तैयार किए। इनका काम वोटर लिस्ट की निगरानी करना, नाम कटने की स्थिति में दोबारा जुड़वाना, बीएलओ की गतिविधियों पर नजर रखना और जमीनी स्तर से तत्काल जानकारी देना था।
    हर सीट पर एक अलग ‘वॉर रूम’ बनाया गया, जिसमें लगभग 20 सदस्यीय टीम काम कर रही थी। ये टीमें स्थानीय स्तर पर छोटी-छोटी बैठकों का आयोजन और रणनीति का क्रियान्वयन करती थीं।

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    पार्टी की कानूनी चिंताएं

    तृणमूल कांग्रेस ने यह आशंका भी जताई है कि उसके लगभग 800 नेताओं और कार्यकर्ताओं को केंद्रीय सुरक्षा बल एहतियातन हिरासत में ले सकते हैं। इसको लेकर पार्टी ने हाईकोर्ट में याचिका दायर कर तत्काल सुनवाई की मांग की है। साथ ही, यह भी आशंका जताई गई है कि केंद्रीय बल राज्य के पुलिस थानों पर नियंत्रण स्थापित कर सकते हैं।

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    I-PAC पर कानूनी मामला

    I-PAC और उसके निदेशक प्रतीक जैन पर 2,742 करोड़ रुपये के कथित कोयला घोटाले से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग के आरोप हैं। इस मामले में सेंट्रल ब्यूरो ऑफ इंवेस्टिगेशन ने 27 नवंबर 2020 को प्राथमिकी दर्ज की थी। मामला फिलहाल सुप्रीम कोर्ट में विचाराधीन है।

    कुल मिलाकर, चुनाव से ठीक पहले इस घटनाक्रम ने राजनीतिक माहौल को और अधिक संवेदनशील बना दिया है, जबकि तृणमूल कांग्रेस आधिकारिक तौर पर स्थिति को सामान्य बताने की कोशिश कर रही है।

    Aakash Waghmare
    By Aakash Waghmare

    आकाश वाघमारे | MCU, भोपाल से स्नातक और फिर मास्टर्स | मल्टीमीडिया प्रोड्यूसर के तौर पर 3 वर्षों का क...Read More

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