नई दिल्ली। नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (DGCA) के एक वरिष्ठ अधिकारी पर रिश्वत लेने और भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप लगे हैं। केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) ने इस मामले में एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
एफआईआर के अनुसार, डीजीसीए में डिप्टी डायरेक्टर जनरल पद पर पदस्थ मुदावथ देवुला पर आरोप है कि उन्होंने निजी कंपनियों को ड्रोन आयात से जुड़े आवेदन मंजूरी दिलाने के बदले रिश्वत मांगी। बताया गया है कि प्रत्येक फाइल के लिए करीब 5 लाख रुपए की रिश्वत तय की गई थी।
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इस मामले में रिलायंस इंडस्ट्रीज के वरिष्ठ उपाध्यक्ष भारत माथुर और एस्टेरिया एयरोस्पेस लिमिटेड का नाम भी सामने आया है। जांच एजेंसी से मिली जानकारी के मुताबिक, 17 अप्रैल 2026 को डीजीसीए कार्यालय में हुई एक बैठक में कथित रूप से मंजूरी देने के बदले पैसे देने की बात तय हुई थी।
सीबीआई ने भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम और भारतीय न्याय संहिता की धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है। इस मामले की जांच सीबीआई के इंस्पेक्टर योगेश कुमार शाक्य को सौंपी गई है। जांच एजेंसी का कहना है कि मामले में अन्य अज्ञात अधिकारियों और व्यक्तियों की भूमिका की भी जांच की जा रही है। एजेंसी ने इस संबंध में कई जगहों पर छापे मारे और 37 लाख रुपए नगद सहित सोने-चांदी के सिक्के जब्त किए।
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