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High-Speed Rail Corridor :मुंबई-अहमदाबाद के बाद चेन्नई और बेंगलुरु के बीच चल सकती है बुलेट ट्रेन

देश में मुंबई-अहमदाबाद के बाद चेन्नई और बेंगलुरु के बीच बुलेट ट्रेन चलाई जा सकती है। सूचना और प्रसारण राज्य मंत्री डॉ. एल. मुरुगन ने शुक्रवार को ये संकेत दिए। उन्होंने कहा कि चेन्नई और बेंगलुरु के बीच बुलेट ट्रेन चलने की प्रबल संभावना है।
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मुंबई-अहमदाबाद के बाद चेन्नई और बेंगलुरु के बीच चल सकती है बुलेट ट्रेन
फाइल फोटो

चेन्नई। सूचना और प्रसारण तथा संसदीय मामलों के केंद्रीय राज्य मंत्री डॉ. एल. मुरुगन ने शुक्रवार को कहा कि आने वाले वर्षों में चेन्नई-बेंगलुरु रूट पर बुलेट ट्रेन सेवा शुरू होने की संभावना है। डॉ. मुरूगन ने यहां एक प्रशिक्षण केन्द्र का उद्घाटन करने के बाद उन्होंने कहा कि न केवल मुंबई-अहमदाबाद कॉरिडोर पर, बल्कि चेन्नई-बेंगलुरु सहित अन्य प्रमुख रूटों पर भी बुलेट ट्रेन सेवा शुरू करने की योजना बनायी जा रही है , हालांकि उन्होंने इसके लिए कोई समय-सीमा नहीं बतायी।

मुंबई-अहमदाबाद बुलेट ट्रेन अगले साल हो सकती है शुरू

डॉ. मुरुगन ने कहा कि मुंबई और अहमदाबाद के बीच देश का पहली बुलेट ट्रेन परियोजना अगले साल शुरू होने की उम्मीद है, जो भारत में हाई-स्पीड रेल विकास में एक बड़ी उपलब्धि होगी। रिपोर्ट्स के मुताबिक, बुलेट ट्रेन को बीईएमएल बेंगलुरु में तैयार किया जा रहा है और अगले साल आम जनता के लिए आधिकारिक तौर पर शुरू होने से पहले ट्रायल रन के लिए इसे जल्द ही गुजरात ले जाया जाएगा।

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बुलेट ट्रेन कॉरिडोर तेलंगाना के लिए गेम चेंजर होंगे

इस बीच केंद्रीय कोयला और खान मंत्री जी. किशन रेड्डी ने कहा कि हैदराबाद को मुंबई-गोवा, बेंगलुरु और चेन्नई से जोड़ने वाले तीन प्रस्तावित बुलेट ट्रेन कॉरिडोर तेलंगाना के लिए 'गेम-चेंजर' साबित होंगे और राज्य के विकास को काफी बढ़ावा देंगे। रंगा रेड्डी जिले के महेश्वरम निर्वाचन क्षेत्र के कंडुकुर मंडल के कई गांवों में सड़क निर्माण कार्यों की आधारशिला और लोकार्पण के बाद किशन रेड्डी ने अपने पैतृक गांव थिम्मापुर में श्री राम मंदिर में आयोजित 'सिल्वर जुबली ब्रह्मोत्सवम' में भाग लिया। इस मौके पर उन्होंने मीडिया से कहा कि केंद्र सरकार ने देश भर में सात हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर को मंजूरी दी है, जिनमें से तीन हैदराबाद को सेवा प्रदान करेंगे।

10 लाख करोड़ रुपए तक बढ़ सकती है लागत

इन परियोजनाओं की शुरुआती अनुमानित लागत लगभग 5 लाख करोड़ रुपए है, जो ज़मीन अधिग्रहण की लागत को मिलाकर लगभग 10 लाख करोड़ रुपये तक बढ़ सकती है। सर्वे का काम तेज़ी से चल रहा है और सर्वे पूरा होने के बाद डिटेल्ड प्रोजेक्ट रिपोर्ट (DPR) तैयार की जाएंगी, जिसके बाद टेंडर जारी किए जाएंगे और निर्माण कार्य शुरू किया जाएगा। किशन रेड्डी ने यह भी कहा कि केंद्र सरकार 87 करोड़ रुपए के परियोजनाओं के ज़रिए कंदुकुर मंडल और आस-पास के इलाकों में सड़क कनेक्टिविटी को बेहतर बना रही है।

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हैदराबाद के आसपास तेजी से होगा विकास

किशन रेड्डी ने कहा कि बेहतर सड़कों, बिजली और पीने के पानी की सुविधाओं से हैदराबाद के आस-पास तेजी से शहरी बन रहे इलाकों में विकास तेजी से होगा। रीजनल रिंग रोड (आरआरआर) का ज़िक्र करते हुए उन्होंने कहा कि उत्तरी हिस्से के लिए ज़मीन अधिग्रहण का काम तेज़ी से चल रहा है और केंद्र सरकार इस प्रोजेक्ट को तेजी से पूरा करने के लिए प्रतिबद्ध है, जिसमें लगभग 20,000-25,000 करोड़ रुपए का निवेश शामिल है।

Naresh Bhagoria
By Naresh Bhagoria

नरेश भगोरिया। 27 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हूं। माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता विश्ववि...Read More

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