Father's Day:बेटी के प्यार से हुई थी फादर्स डे की शुरुआत, जानिए कैसे बना यह दिन दुनिया भर में खास?

परिवार की मजबूत नींव माने जाने वाले पिता का योगदान अक्सर शब्दों में बयां नहीं किया जा सकता। बच्चों के बेहतर भविष्य के लिए उनका संघर्ष, जिम्मेदारियां और त्याग कई बार नजर नहीं आते लेकिन परिवार की हर खुशी के पीछे उनकी अहम भूमिका होती है। इसी योगदान को सम्मान देने के लिए दुनिया के कई देशों में हर साल फादर्स डे मनाया जाता है। यह दिन सिर्फ एक उत्सव नहीं बल्कि पिता के प्रति आभार व्यक्त करने का अवसर भी है। इस खास दिन की शुरुआत की कहानी भी उतनी ही भावुक है जितना एक पिता का अपने बच्चों के प्रति प्रेम और समर्पण।
जून के तीसरे रविवार को फादर्स डे
भारत सहित दुनिया के कई देशों में फादर्स डे जून महीने के तीसरे रविवार को मनाया जाता है। वर्ष 2026 में यह दिन 21 जून को पड़ रहा है। इस अवसर पर बच्चे अपने पिता को शुभकामनाएं देते हैं, उनके साथ समय बिताते हैं और उनके प्रति सम्मान व्यक्त करते हैं। कई परिवार इस दिन को छोटे छोटे आयोजनों और खास यादों के साथ मनाते हैं।
एक बेटी की सोच से शुरू हुई परंपरा
फादर्स डे की शुरुआत अमेरिका की रहने वाली सोनोरा स्मार्ट डॉड ने की थी। कहा जाता है कि एक दिन उन्होंने मदर्स डे के बारे में सुना, तब उनके मन में विचार आया कि जब मां के सम्मान में एक दिन हो सकता है तो पिता के लिए भी ऐसा दिन होना चाहिए। यह विचार उनके अपने जीवन के अनुभवों से जुड़ा हुआ था।
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पिता के संघर्ष ने दिया प्रेरणा का संदेश
सोनोरा की मां का निधन उस समय हो गया था जब परिवार में छोटे बच्चों की जिम्मेदारी सबसे अधिक थी। इसके बाद उनके पिता विलियम जैक्सन स्मार्ट ने अकेले ही अपने छह बच्चों की परवरिश की। उन्होंने मां और पिता दोनों की भूमिका निभाते हुए बच्चों को प्यार, शिक्षा और बेहतर जीवन देने की पूरी कोशिश की। अपने पिता के इसी समर्पण ने सोनोरा को प्रेरित किया कि उनके जैसे सभी पिताओं को सम्मान देने के लिए एक विशेष दिन होना चाहिए।
पहली बार कब मनाया गया फादर्स डे
सोनोरा की पहल के बाद अमेरिका में पहली बार वर्ष 1910 में फादर्स डे मनाया गया। धीरे धीरे यह परंपरा लोगों के बीच लोकप्रिय होने लगी। समय के साथ कई सामाजिक संगठनों और नेताओं ने भी इसका समर्थन किया। इसके बाद यह दिन अमेरिका के अलग अलग राज्यों और फिर दुनिया के अन्य देशों तक पहुंच गया।
मान्यता मिलने में लगा लंबा समय
फादर्स डे का आयोजन 1910 से शुरू हो गया था लेकिन इसे आधिकारिक पहचान मिलने में कई दशक लग गए। बाद में अमेरिकी सरकार ने इसे राष्ट्रीय स्तर पर मान्यता दी और जून के तीसरे रविवार को फादर्स डे के रूप में स्वीकार किया गया। इसके बाद यह दिन वैश्विक स्तर पर भी लोकप्रिय होता चला गया।
क्यों खास है यह दिन?
फादर्स डे केवल उपहार देने या केक काटने का दिन नहीं है। यह उन भावनाओं को याद करने का अवसर है, जो एक पिता अपने परिवार के लिए जीवनभर निभाता है। पिता अपने बच्चों के सपनों को पूरा करने के लिए कई बार अपनी इच्छाओं से समझौता कर लेते हैं। उनकी मेहनत और त्याग को सम्मान देने के लिए यह दिन खास माना जाता है।
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पिता के प्रति आभार जताने का अवसर
आज की व्यस्त जिंदगी में परिवार के साथ समय बिताना पहले की तुलना में कम हो गया है। ऐसे में फादर्स डे लोगों को यह याद दिलाता है कि पिता का महत्व केवल जिम्मेदारियों तक सीमित नहीं है बल्कि वे परिवार की ताकत, भरोसा और मार्गदर्शक भी होते हैं। यही वजह है कि हर साल यह दिन पिता और बच्चों के रिश्ते को और मजबूत बनाने का अवसर बन जाता है।











