PlayBreaking News

PAK-Afghan War :अफगानिस्तान ने पाकिस्तान के नूर खान एयरबेस पर किया हमला, पाक का दावा- 400 अफगान लड़ाके मारे

अफगानिस्तान की तालिबान सरकार ने पाकिस्तान के कई सैन्य ठिकानों पर एयरस्ट्राइक का दावा किया है। रावलपिंडी के नूर खान एयरबेस, क्वेटा के 12वीं कोर मुख्यालय और खैबर पख्तूनख्वा के सैन्य ठिकानों को निशाना बनाने की बात कही गई है। दोनों देशों के बीच सीमा पर तनाव लगातार बढ़ रहा है।
Follow on Google News
अफगानिस्तान ने पाकिस्तान के नूर खान एयरबेस पर किया हमला, पाक का दावा- 400 अफगान लड़ाके मारे
AI जनरेटेड सारांश
    यह सारांश आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस द्वारा तैयार किया गया है और हमारी टीम द्वारा रिव्यू की गई है।

    इस्लामाबाद/ काबुल। मिडिल ईस्ट में चल रहे बड़े सैन्य संघर्ष के बीच दक्षिण एशिया में भी हालात तेजी से बिगड़ते नजर आ रहे हैं। अफगानिस्तान और पाकिस्तान के बीच सीमा पर तनाव लगातार बढ़ रहा है और दोनों देशों के बीच जंग जैसे हालात बन गए हैं। अफगानिस्तान में सत्ता संभाल रहे तालिबान शासन ने दावा किया है कि, उसकी वायुसेना ने पाकिस्तान के कई महत्वपूर्ण सैन्य ठिकानों पर हवाई हमले किए हैं। हालांकि, पाकिस्तान की ओर से अभी तक इन दावों की आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है। लेकिन सीमा पर लगातार बढ़ती सैन्य गतिविधियों ने पूरे क्षेत्र में तनाव को काफी बढ़ा दिया है।

    पाकिस्तान के सैन्य ठिकानों को बनाया निशाना

    अफगानिस्तान के रक्षा मंत्रालय के मुताबिक, इन हमलों में पाकिस्तान के रावलपिंडी स्थित नूर खान एयरबेस, बलूचिस्तान के क्वेटा में मौजूद 12वीं कोर मुख्यालय और खैबर पख्तूनख्वा के कुछ सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया गया है। अफगानिस्तान का कहना है कि, यह कार्रवाई पाकिस्तान की ओर से अफगान क्षेत्र में किए गए हालिया हमलों के जवाब में की गई है।

    नूर खान एयरबेस पर ड्रोन और एयरस्ट्राइक का दावा

    अफगानिस्तान की रक्षा मंत्रालय ने दावा किया है कि, उसकी सेना ने रावलपिंडी के नूर खान एयरबेस पर ड्रोन और हवाई हमले किए। इस एयरबेस को पाकिस्तान के सबसे महत्वपूर्ण सैन्य ठिकानों में से एक माना जाता है।

    अफगानिस्तान की ओर से कुछ तस्वीरें और वीडियो भी जारी किए गए हैं जिनमें कथित तौर पर नूर खान एयरबेस के पास ड्रोन हमले के दृश्य दिखाई दे रहे हैं। इन तस्वीरों में एयरबेस के आसपास खड़े फाइटर जेट भी नजर आ रहे हैं।

    अफगानिस्तान का दावा है कि, इन हमलों में पाकिस्तान को भारी नुकसान हुआ है। हालांकि इन दावों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि अभी तक नहीं हो सकी है।

    Twitter Post

    क्वेटा और खैबर पख्तूनख्वा में भी हमले का दावा

    अफगानिस्तान ने यह भी दावा किया है कि, उसकी सेना ने पाकिस्तान के बलूचिस्तान प्रांत के क्वेटा शहर में स्थित सेना की 12वीं डिविजन के मुख्यालय को निशाना बनाया। इसके अलावा खैबर पख्तूनख्वा के मोहम्मद एजेंसी इलाके और घलानी सैन्य अड्डों पर भी हमले किए गए।

    तालिबान के रक्षा मंत्रालय का कहना है कि, इन ठिकानों पर सटीक और समन्वित तरीके से हवाई हमले किए गए, जिससे वहां काफी नुकसान हुआ।

    इसके साथ ही अफगान सेना ने डूरंड लाइन के पास बने कई पाकिस्तानी चेक पोस्टों को भी निशाना बनाया। रिपोर्ट्स के मुताबिक कुछ चेक पोस्टों और सैन्य वाहनों को आग के हवाले कर दिया गया।

    पाकिस्तान के हमलों के जवाब में कार्रवाई

    अफगानिस्तान का कहना है कि, यह हमला पाकिस्तान की ओर से किए गए हालिया हमलों का जवाब है। तालिबान सरकार के मुताबिक पाकिस्तान ने काबुल, बगराम एयरबेस और कुछ अन्य क्षेत्रों में हवाई हमले किए थे।

    अफगानिस्तान का आरोप है कि, पाकिस्तानी लड़ाकू विमान उसके हवाई क्षेत्र में घुस आए थे। इसके बाद अफगान सेना ने एंटी-एयरक्राफ्ट और मिसाइल डिफेंस सिस्टम सक्रिय कर दिए और जवाबी कार्रवाई की।

    तालिबान का दावा है कि, पाकिस्तानी विमानों ने बगराम एयरबेस को निशाना बनाने की कोशिश की थी, लेकिन उनके हमले को नाकाम कर दिया गया।

    यह भी पढ़ें: मिडिल ईस्ट में युद्ध तेज : कुवैत में अमेरिकी F-15 फाइटर जेट क्रैश, हवा में लगी आग; देखें VIDEO

    चार दिनों से जारी है संघर्ष

    अफगानिस्तान और पाकिस्तान के बीच यह टकराव पिछले चार दिनों से लगातार जारी है। सीमा पर कई जगहों पर गोलीबारी और हवाई हमलों की खबरें सामने आ रही हैं। बताया जा रहा है कि, अफगानिस्तान की कुनार बॉर्डर ब्रिगेड ने पाकिस्तानी चौकियों पर तोप और गोले बरसाए। अफगान सेना की छठी बॉर्डर बटालियन ने भी कई सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया।

    अफगानिस्तान का दावा है कि, उसके सैनिक डूरंड लाइन पार कर पाकिस्तान की सीमा के अंदर भी घुस गए हैं और वहां मौजूद पाकिस्तानी समर्थित मिलिशिया के चेकपोस्टों को नष्ट किया गया है।

    दावा- 400 से ज्यादा तालिबान लड़ाके मारे गए

    दूसरी ओर पाकिस्तान ने भी इस संघर्ष में बड़ी सफलता का दावा किया है। पाकिस्तान सरकार का कहना है कि, उसने अफगानिस्तान में बड़े सैन्य अभियान चलाए हैं। पाकिस्तान के सूचना मंत्री अत्ता उल्लाह तारर के मुताबिक, पाकिस्तान ने अपने सैन्य अभियान ‘गजब लिल हक’ के तहत अफगानिस्तान में कई हमले किए हैं।

    पाकिस्तान का दावा है कि इन हमलों में अब तकृ-

    • 415 तालिबान लड़ाके मारे गए
    • 580 से ज्यादा घायल हुए
    • 182 सैन्य पोस्ट नष्ट की गईं
    • 31 पोस्ट पर कब्जा कर लिया गया
    • 185 टैंक और सैन्य वाहन नष्ट किए गए

    पाकिस्तानी वायुसेना का कहना है कि, उसने नंगरहार और कंधार में तालिबान के सैन्य मुख्यालयों को भी निशाना बनाया है।

    Featured News

    तालिबान का दावा- पाकिस्तान को भी भारी नुकसान

    तालिबान सरकार पाकिस्तान के इन दावों को खारिज कर रही है। अफगानिस्तान का कहना है कि, उसके सिर्फ 8 से 13 लड़ाके ही मारे गए हैं और कुछ घायल हुए हैं। इसके उलट तालिबान का दावा है कि इस संघर्ष में 55 पाकिस्तानी सैनिक मारे गए हैं और कई सैन्य चौकियों पर अफगान सेना ने कब्जा कर लिया है। तालिबान ने चेतावनी दी है कि, अगर पाकिस्तान ने आगे भी हमले जारी रखे तो उसे और कड़ा जवाब दिया जाएगा।

    पाकिस्तान संसद में निंदा प्रस्ताव

    इस पूरे घटनाक्रम के बाद पाकिस्तान की संसद में भी इस मुद्दे पर चर्चा हुई। पाकिस्तान की सीनेट ने अफगानिस्तान के खिलाफ निंदा प्रस्ताव पारित किया। पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने भी सेना मुख्यालय का दौरा किया और कहा कि देश की सुरक्षा के मामले में किसी तरह की ढिलाई नहीं बरती जाएगी। पाकिस्तान के नेताओं ने तालिबान सरकार को गैर-कानूनी बताते हुए उस पर कई गंभीर आरोप लगाए हैं।

    TTP को लेकर लंबे समय से तनाव

    अफगानिस्तान और पाकिस्तान के बीच लंबे समय से तनाव बना हुआ है। पाकिस्तान लगातार आरोप लगाता रहा है कि, अफगानिस्तान की जमीन का इस्तेमाल तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान (TTP) जैसे आतंकी संगठन कर रहे हैं।

    इस्लामाबाद का कहना है कि, TTP के लड़ाके अफगानिस्तान से पाकिस्तान में घुसकर हमले करते हैं। हालांकि तालिबान सरकार इन आरोपों से लगातार इनकार करती रही है। 2021 में अफगानिस्तान में तालिबान के सत्ता में आने के बाद से दोनों देशों के रिश्तों में तनाव और बढ़ गया है।

    यह भी पढ़ें: मिडिल ईस्ट में महायुद्ध का खतरा! खामेनेई की मौत, अमेरिका-इजरायल के हमले और ईरान का पलटवार... तीसरे दिन भी जंग जारी

    132 साल पुराना डूरंड लाइन विवाद

    अफगानिस्तान और पाकिस्तान के बीच विवाद की एक बड़ी वजह डूरंड लाइन भी है। यह सीमा 1893 में ब्रिटिश भारत और अफगानिस्तान के बीच तय की गई थी। इस सीमा की लंबाई करीब 2430 किलोमीटर है और यह खैबर पख्तूनख्वा, बलूचिस्तान और पाकिस्तान के कबायली इलाकों से गुजरती है।

    अफगानिस्तान की तालिबान सरकार इस सीमा को मान्यता नहीं देती। उसका कहना है कि यह समझौता औपनिवेशिक दौर में किया गया था और अब इसे खत्म माना जाना चाहिए।

    बढ़ता तनाव और जंग का खतरा

    अफगानिस्तान और पाकिस्तान के बीच बढ़ते सैन्य टकराव ने पूरे क्षेत्र की स्थिति को बेहद संवेदनशील बना दिया है। लगातार हो रहे हमलों और जवाबी कार्रवाई से हालात और बिगड़ने का खतरा बढ़ गया है। फिलहाल सीमा पर स्थिति बेहद तनावपूर्ण बनी हुई है और दोनों देशों की सेनाएं हाई अलर्ट पर हैं। पूरे क्षेत्र की नजरें अब इस बात पर टिकी हैं कि आने वाले दिनों में यह टकराव किस दिशा में आगे बढ़ता है।

    Manisha Dhanwani
    By Manisha Dhanwani

    मनीषा धनवानी | जागरण लेकसिटी यूनिवर्सिटी से BJMC | 6 वर्षों के पत्रकारिता अनुभव में सब-एडिटर, एंकर, ...Read More

    नई दिल्ली
    --°
    बारिश: -- mmह्यूमिडिटी: --%हवा: --
    Source:AccuWeather
    icon

    Latest Posts