कुवैत। मिडिल ईस्ट में अमेरिका, इजरायल और ईरान के बीच बढ़ते सैन्य तनाव के बीच एक नई और चौंकाने वाली खबर सामने आई है। कुवैत के एयरस्पेस में अमेरिकी वायुसेना का एक F-15 लड़ाकू विमान क्रैश हो गया है। इस घटना के बाद पूरे क्षेत्र में हलचल तेज हो गई है। सोशल मीडिया पर सामने आए कुछ वीडियो में कथित तौर पर विमान को हवा में आग की लपटों में घिरा हुआ देखा जा सकता है, जिसके बाद वह जमीन की ओर गिरता दिखाई देता है। हालांकि, इस घटना को लेकर अभी तक अमेरिका या कुवैत की सेना की ओर से कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है। फिलहाल इस घटना की जांच की जा रही है।
यह घटना ऐसे समय में सामने आई है जब मिडिल ईस्ट में अमेरिका, इजरायल और ईरान के बीच तनाव चरम पर है और लगातार तीसरे दिन भी क्षेत्र में भारी बमबारी और मिसाइल हमले जारी हैं।
रिपोर्ट्स के अनुसार, कुवैत के एयरस्पेस में अमेरिकी वायुसेना का एक F-15E स्ट्राइक ईगल फाइटर जेट दुर्घटनाग्रस्त हो गया। यह विमान दुनिया के सबसे आधुनिक और घातक लड़ाकू विमानों में से एक माना जाता है और अमेरिकी वायुसेना की ताकत का अहम हिस्सा है।
घटना के बाद सोशल मीडिया पर कई वीडियो तेजी से वायरल होने लगे। इन वीडियो में दावा किया जा रहा है कि, विमान हवा में ही आग की लपटों में घिर गया था और कुछ देर तक गोल-गोल घूमते हुए नीचे गिर गया।
एक वीडियो में कथित तौर पर एक पायलट को विमान से पैराशूट के जरिए बाहर निकलते हुए भी देखा जा सकता है। शुरुआती जानकारी के मुताबिक, पायलट सुरक्षित बताया जा रहा है। हालांकि इस बारे में भी आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है।
इस घटना को लेकर सोशल मीडिया पर कई तरह के दावे किए जा रहे हैं। ईरान से जुड़े कुछ सोशल मीडिया हैंडल्स ने दावा किया है कि, कुवैत में अमेरिकी F-15 लड़ाकू विमान को मार गिराया गया है। उनके मुताबिक, यह विमान ईरान के खिलाफ चल रहे सैन्य अभियान का हिस्सा था।
हालांकि, इन दावों की अभी तक स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है। अमेरिका या कुवैत की ओर से भी इस बारे में कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। सैन्य विशेषज्ञों का कहना है कि, जब तक जांच पूरी नहीं हो जाती, तब तक यह कहना मुश्किल है कि विमान तकनीकी खराबी की वजह से गिरा या किसी हमले का शिकार हुआ।
जिस F-15E स्ट्राइक ईगल लड़ाकू विमान के क्रैश होने की खबर सामने आई है, वह अमेरिकी वायुसेना के सबसे शक्तिशाली लड़ाकू विमानों में से एक है।
इस विमान की खासियतें हैं-
इसी वजह से इसे दुनिया के सबसे घातक लड़ाकू विमानों में से एक माना जाता है।
फिलहाल कुवैत में अमेरिकी फाइटर जेट के क्रैश होने की घटना कई सवाल खड़े कर रही है। यह अभी स्पष्ट नहीं है कि विमान तकनीकी खराबी के कारण गिरा या किसी हमले का शिकार हुआ। अमेरिका और कुवैत की सैन्य एजेंसियां इस घटना की जांच कर रही हैं। जांच पूरी होने के बाद ही इस हादसे की असली वजह सामने आ पाएगी।
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इस घटना के पीछे मिडिल ईस्ट में तेजी से बिगड़ते हालात भी बड़ी वजह माने जा रहे हैं। अमेरिका और इजरायल पिछले कई दिनों से ईरान के सैन्य ठिकानों पर बड़े पैमाने पर हमले कर रहे हैं।
रिपोर्ट्स के मुताबिक, अमेरिका और इजरायल ने पिछले दो दिनों में ईरान के अंदर 2000 से ज्यादा टारगेट्स को निशाना बनाया है। इन हमलों में ईरान के कई अहम सैन्य ढांचे और रणनीतिक ठिकाने क्षतिग्रस्त हुए हैं।
हमलों में जिन जगहों को निशाना बनाया गया है उनमें शामिल हैं-
इन हमलों के वीडियो भी अमेरिकी सेना की ओर से जारी किए गए हैं, जिनमें ईरान के सैन्य ठिकानों को मिसाइल और बमों से निशाना बनाते हुए देखा जा सकता है।
बताया जा रहा है कि, इन हमलों के दौरान ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई के कंपाउंड के आसपास के इलाकों को भी निशाना बनाया गया। हालांकि, इस हमले में कितना नुकसान हुआ और वहां क्या स्थिति है, इसकी पूरी जानकारी अभी सामने नहीं आई है। ईरान ने इन हमलों को अपनी संप्रभुता पर सीधा हमला बताया है और इसके जवाब में कई सैन्य कार्रवाई भी की है।
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ईरान ने भी इस जंग में जवाबी कार्रवाई करते हुए कई जगहों पर हमले किए हैं। रिपोर्ट्स के मुताबिक ईरानी मिसाइलों ने इजरायल के कई शहरों को निशाना बनाया। ईरान ने जिन शहरों पर हमले किए उनमें शामिल हैं-
इन हमलों के बाद इजरायल में भी अलर्ट बढ़ा दिया गया और कई इलाकों में एयर डिफेंस सिस्टम सक्रिय कर दिए गए।
ईरान ने केवल इजरायल ही नहीं बल्कि क्षेत्र में मौजूद अमेरिकी सैन्य ठिकानों को भी निशाना बनाया है। रिपोर्ट्स के अनुसार, ईरान ने बहरीन और इराक में स्थित अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर मिसाइल हमले किए। इन हमलों में कई सैन्य ठिकानों को नुकसान पहुंचने की खबर है। हालांकि अमेरिकी सेना की ओर से नुकसान के बारे में ज्यादा जानकारी साझा नहीं की गई है।
इस बीच इजरायल ने भी तेहरान में जोरदार बमबारी की है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, राजधानी तेहरान के कई हिस्सों में बड़े धमाके सुने गए। तेहरान में जिन जगहों को निशाना बनाया गया उनमें एक बड़ा सरकारी मीडिया संस्थान भी शामिल है। जानकारी के मुताबिक, ईरान के स्टेट टीवी के दफ्तर पर भी हमले हुए हैं। इन हमलों के बाद तेहरान के कई इलाकों में अफरा-तफरी का माहौल बन गया।
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मिडिल ईस्ट में बढ़ते इस संघर्ष ने पूरे क्षेत्र की स्थिति को बेहद संवेदनशील बना दिया है। कई देशों ने अपने नागरिकों को सतर्क रहने और जरूरत पड़ने पर सुरक्षित स्थानों पर जाने की सलाह दी है। अंतरराष्ट्रीय समुदाय भी इस बढ़ते तनाव को लेकर चिंता जता रहा है। कई देशों और संगठनों ने दोनों पक्षों से संयम बरतने और स्थिति को और बिगड़ने से रोकने की अपील की है।
मिडिल ईस्ट में जारी यह संघर्ष लगातार खतरनाक रूप लेता जा रहा है। अमेरिका और इजरायल की ओर से ईरान पर हमले जारी हैं, वहीं ईरान भी जवाबी कार्रवाई कर रहा है। ऐसे में विशेषज्ञों का मानना है कि अगर जल्द ही कूटनीतिक समाधान नहीं निकला तो यह संघर्ष और बड़ा रूप ले सकता है।
फिलहाल पूरी दुनिया की नजरें मिडिल ईस्ट की इस जंग पर टिकी हुई हैं, जहां हर दिन नई घटनाएं सामने आ रही हैं और स्थिति लगातार बदलती जा रही है।