Peoples Update Special :भुने चने, गुड़ हो या अंडे, सब में मिलावट, इनसे डायबिटीज और कैंसर का खतरा

प्रवीण श्रीवास्तव, भोपाल। अच्छी सेहत के लिए अक्सर भुने चले, अंडे और गुड़ का सेवन करने की सलाह दी जाती है। लेकिन, यह सभी अब सेहत को जानलेवा नुकसान पहुंचा रहे हैं। इनको खाने से डायबिटीज से लेकर कैंसर तक खतरा बढ़ जाता है। यह हम नहीं, बल्कि केंद्र सरकार कह रही है।
FSSAI को मिली शिकायत
दरअसल, भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (FSSAI) को इन सभी खाद्य पदार्थों में मिलावट की जानकारी मिली है। इसके बाद FSSAI ने बीते 10 दिन में देश के राज्य खाद्य एवं औषधि विभाग को इन खाद्य पदार्थों के सैंपलिंग और जांच के निर्देश देते हुए, रिपोर्ट मंगाई है। जानकारी के मुताबिक केंद्र सरकार को इन पदार्थों में चमड़े को चमकाने वाले खतरनाक रसायन के साथ वॉशिंग डिटर्जेंट तक मिला है।
किसमें क्या मिला और सेहत पर असर
- भुने चने : इनमें ओरामाइन ओ नामक खतरनाक इंडस्ट्रियल डाई की मिलावट की पुष्टि हुई है। यह वही रसायन है जिसका इस्तेमाल कपड़ों और लेदर को रंगने के लिए किया जाता है।
- गुड़ : वजन बढ़ाने के लिए वॉशिंग सोडा और चूना मिलाया जा रहा है। सुनहरा पीला रंग देने के लिए ''मेटानिल येलो'' जैसे केमिकल डाई का इस्तेमाल हो रहा है।
- अंडे : प्रतिबंधित एंटीबायोटिक नाइट्रोफ्यूरान नाम के रसायन की मौजूदगी पाई गई थी। मुर्गी को इसका इंजेक्शन लगाने से अंडे जल्दी बनते हैं।
ऐसे करें मिलावटी भुने चने की पहचान
- बहुत ज्यादा पीले या चमकीले दिखें।
- गीले हाथ से छूने पर रंग छूटने लगे।
- दिखने में अननेचुरली ग्लॉसी लगे।
- हल्के केमिकल जैसी स्मैल हो।
सैंपलिंग की जा रही है
केंद्र सरकार से निर्देश मिले हैं, उसके अनुसार सैंपलिंग की कार्रवाई की जा रही है। इसकी जांच के लिए भी केंद्र सरकार ने कुछ लैब तय की हैं। अंडे को लेकर मुख्यत: कर्नाटक में शिकायतें मिली थी।
डीके वर्मा, अभिहित अधिकारी, खाद्य सुरक्षा विभाग
अब गुड़ में भी शुद्ध नहीं
सर्दियां आते ही हम गुड़ का इस्तेमाल करते हैं। गुड़ को सबसे शुद्ध माना जाता था, लेकिन अब पता चला कि इसमें भी मिलावट होती है।
डॉ. रंजना श्रीवास्तव, प्रोफेसर
समझ नहीं आ रहा क्या करें
मुझे वजन कम करना है, डाइटिशियन ने मुझे भुने चने खाने की सलाह दी है। इसमें मिलावट की बात सुनकर समझ नहीं आ रहा कि अब क्या करें।
राजेंद्र गुप्ता, किराना व्यापारी
पाचन तंत्र को नुकसान
यह सभी केमिकल अत्यंत नुकसानदायक हैं। इनके उपयोग से सामन्य स्तर पर पाचन तंत्र को नुकसान जैसे दस्त, उलटी, गैस और पेट में जलन हो सकती है। वहीं गंभीर नुकसान में लीवर और पेट के कैंसर का खतरा बढ़ जाता है। इनसे किडनी को भी गंभीर नुकसान, बच्चों की रोग प्रतिरोधक क्षमता को घटना और हार्मोनल विकार भी पैदा होते हैं।
डॉ. प्रणव रघुवंशी, वरिष्ठ गैस्ट्रो एंटेरोलॉजिस्ट












